पीएम मोदी ने चंद्रशेखर आजाद के बलिदान दिवस पर दी श्रद्धांजलि, अन्याय के खिलाफ अडिग रहना है सच्चा पराक्रम
सारांश
Key Takeaways
- चंद्रशेखर आजाद का बलिदान भारत की स्वतंत्रता के लिए महत्वपूर्ण है।
- अन्याय के खिलाफ अडिग रहना सच्चा पराक्रम है।
- आजाद का जीवन युवाओं को प्रेरित करता है।
- पीएम मोदी का संदेश आजाद के सिद्धांतों को जीवित रखता है।
नई दिल्ली, 27 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि अमर क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद का जीवन यह दर्शाता है कि अन्याय के विरुद्ध अडिग रहने का संकल्प ही असली पराक्रम है।
पीएम मोदी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "भारत माता के वीर सपूत चंद्रशेखर आजाद के बलिदान दिवस पर मेरी श्रद्धांजलि। उन्होंने मां भारती को गुलामी की बेड़ियों से मुक्त कराने के लिए अपना सब कुछ समर्पित कर दिया, जिसके लिए वे सदैव याद किए जाएंगे।"
उन्होंने एक अन्य पोस्ट में कहा, "अमर क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद का जीवन यह सिद्ध करता है कि अन्याय के खिलाफ अडिग रहना ही सच्चा पराक्रम है। मातृभूमि के लिए उनके बलिदान की गाथा हर पीढ़ी को प्रेरित करती रहेगी।"
इस मौके पर पीएम मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् भी साझा किया, जिसमें उन्होंने लिखा, "न हि शौर्यात्परं किञ्चित् त्रिषु लोकेषु विद्यते। शूरः सर्वं पालयति सर्वं शूरे प्रतिष्ठितम्।"
सुभाषित में कहा गया है, "तीनों लोकों में शौर्य से श्रेष्ठ अन्य कोई तत्व नहीं है। शौर्य ही वह मूलभूत शक्ति है जो चराचर जगत का पोषण और सुरक्षा करती है। सभी लोकों की मर्यादा, ऐश्वर्य और कर्तव्य का अस्तित्व केवल शूरवीर के पराक्रम में निहित है।"
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 'एक्स' पर लिखा, "जीवन की अंतिम सांस तक 'वंदे मातरम्' का गान करते हुए चंद्रशेखर आजाद ने अंग्रेजी शासन के खिलाफ बहादुरी से लड़ाई लड़ी। काकोरी ट्रेन एक्शन हो, हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (एचएसआरए) का गठन हो, या क्रांतिकारियों के लिए सशक्त संगठन का निर्माण, चंद्रशेखर आजाद का जीवन स्वाधीनता के लिए समर्पित था। उनकी बलिदान-गाथा का स्मरण कर आज भी रोम-रोम राष्ट्रप्रेम से भर जाता है। महान क्रांतिकारी, अजेय पराक्रमी चंद्रशेखर आजाद को उनकी पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि।"
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चंद्रशेखर आजाद के प्रसिद्ध वाक्य 'दुश्मन की गोलियों का हम सामना करेंगे, आजाद ही रहे हैं, आजाद ही रहेंगे।' को साझा किया। उन्होंने लिखा, "मातृभूमि की वेदी पर अपने प्राणों की आहुति देने वाले महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद के बलिदान दिवस पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। उनका त्याग और तेजस्वी व्यक्तित्व सदियों तक राष्ट्र सेवा और मां भारती के प्रति बलिदान की प्रेरणा देता रहेगा।"