10 अगस्त 2026
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आंध्र प्रदेश विधानसभा मानसून सत्र 17 अगस्त से, YSRCP के बहिष्कार की आशंका

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आंध्र प्रदेश विधानसभा मानसून सत्र 17 अगस्त से, YSRCP के बहिष्कार की आशंका

सारांश

आंध्र प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 17 अगस्त से शुरू होगा, लेकिन मुख्य विपक्षी दल YSRCP के बहिष्कार की आशंका ने इसे राजनीतिक रूप से पेचीदा बना दिया है। जगन मोहन रेड्डी को 'विपक्ष के नेता' का दर्जा और मेगा DSC घोटाले की सीबीआई जाँच — दोनों मुद्दे सत्र की दिशा तय करेंगे।

मुख्य बातें

आंध्र प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 17 अगस्त 2026 को सुबह 9 बजे से शुरू होगा; विधान परिषद का सत्र सुबह 10 बजे से।
अब्दुल नजीर ने 10 अगस्त को दोनों सदनों के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी की।
YSRCP के विधानसभा सत्र से दूर रहने की आशंका; पार्टी नेता जगन मोहन रेड्डी 'विपक्ष के नेता' का दर्जा मिलने तक भागीदारी से इनकार कर रहे हैं।
175 सदस्यीय विधानसभा में YSRCP के पास मात्र 11 विधायक ; विधान परिषद में पार्टी का बहुमत बरकरार।
YSRCP 'मेगा डीएससी-2025 घोटाले' में सीबीआई जाँच और शिक्षा मंत्री नारा लोकेश के इस्तीफे की माँग कर रही है।
'विपक्ष के नेता' के दर्जे से जुड़ी याचिका उच्च न्यायालय में लंबित; जुलाई 2024 में दायर की गई थी।

आंध्र प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 17 अगस्त 2026 से प्रारंभ होगा। राज्यपाल जस्टिस एस. अब्दुल नजीर ने 10 अगस्त को विधानसभा और विधान परिषद दोनों सदनों के सत्र बुलाने का आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। विधानसभा की कार्यवाही सुबह 9 बजे और विधान परिषद का सत्र सुबह 10 बजे से शुरू होगा।

सत्र का कार्यक्रम

आधिकारिक बयान के अनुसार, दोनों सदनों की बैठक 17 अगस्त को एक साथ आयोजित की जाएगी। तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार इस सत्र में विभिन्न विधायी एजेंडों को आगे बढ़ाने की योजना बना रही है।

YSRCP का बहिष्कार और विपक्ष नेता विवाद

मुख्य विपक्षी दल वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के विधानसभा सत्र से दूर रहने की आशंका है। पार्टी के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने स्पष्ट किया है कि जब तक उन्हें 'विपक्ष के नेता' का औपचारिक दर्जा नहीं मिलता, तब तक विधानसभा सत्र में भाग लेने का कोई अर्थ नहीं है।

रेड्डी ने कहा कि मुख्य विपक्षी दल का दर्जा मिलने पर ही पार्टी को लोगों के मुद्दे उठाने के लिए पर्याप्त समय और मंच मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी दल को लोगों की आवाज़ उठानी चाहिए और यदि सत्तापक्ष लोकतंत्र का सम्मान नहीं करता, तो यह उनकी समझ की कमी को दर्शाता है।

गौरतलब है कि 'विपक्ष के नेता' का दर्जा दिए जाने का मामला उच्च न्यायालय में लंबित है। जगन मोहन रेड्डी ने जुलाई 2024 में एक याचिका दायर की थी, जिसमें राज्य सरकार को उन्हें यह दर्जा देने का निर्देश देने की माँग की गई थी।

YSRCP की विधानसभा में स्थिति

2024 के विधानसभा चुनाव में TDP के नेतृत्व वाले NDA से सत्ता गँवाने के बाद, YSRCP के पास 175 सदस्यीय विधानसभा में केवल 11 विधायक रह गए हैं। हालाँकि, विधान परिषद में पार्टी का बहुमत बरकरार है, जिसके चलते वह उच्च सदन में सरकार को घेरने की रणनीति पर काम कर रही है।

मेगा DSC घोटाले पर विपक्ष का हमला

YSRCP के विधान परिषद सदस्य पर्वथारेड्डी चंद्रशेखर रेड्डी ने बताया कि पार्टी विधान परिषद में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाएगी। पार्टी पूरे राज्य में 'मेगा डीएससी-2025 घोटाले' को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रही है और शिक्षा मंत्री नारा लोकेश के इस्तीफे के साथ-साथ तत्काल सीबीआई जाँच की माँग कर रही है।

एमएलसी ने स्पष्ट किया कि YSRCP डीएससी (जिला चयन समिति) परीक्षा रद्द करने या पहले से नियुक्त उम्मीदवारों को हटाने की माँग नहीं कर रही, बल्कि पार्टी केवल कथित गड़बड़ियों की पूर्ण जाँच और योग्य उम्मीदवारों के लिए न्याय सुनिश्चित करना चाहती है।

आगे क्या होगा

सत्र की शुरुआत के साथ ही विपक्ष के नेता के दर्जे का विवाद और मेगा DSC घोटाले की जाँच की माँग विधायी कार्यवाही पर हावी रहने की संभावना है। उच्च न्यायालय में लंबित याचिका का फैसला इस राजनीतिक गतिरोध की दिशा तय करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि पार्टी के पास केवल 11 विधायक हैं और निचले सदन में वह वास्तविक रुकावट डालने की स्थिति में नहीं है। असली दाँव विधान परिषद में है, जहाँ YSRCP का बहुमत NDA सरकार के लिए विधायी अड़चन बन सकता है। 'विपक्ष के नेता' के दर्जे का उच्च न्यायालय में लंबित मामला इस पूरे राजनीतिक समीकरण की धुरी है — यदि अदालत जगन के पक्ष में फैसला सुनाती है, तो YSRCP को संसदीय प्रक्रिया में लौटने का राजनीतिक आधार मिल जाएगा। तब तक, बहिष्कार की राजनीति सड़क पर ज़्यादा और सदन में कम दिखेगी।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आंध्र प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र कब शुरू होगा?
आंध्र प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 17 अगस्त 2026 को सुबह 9 बजे से शुरू होगा। विधान परिषद का सत्र उसी दिन सुबह 10 बजे से आरंभ होगा। राज्यपाल जस्टिस एस. अब्दुल नजीर ने 10 अगस्त को इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी की।
YSRCP विधानसभा सत्र का बहिष्कार क्यों कर सकती है?
YSRCP नेता और पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने कहा है कि जब तक उन्हें 'विपक्ष के नेता' का औपचारिक दर्जा नहीं दिया जाता, तब तक विधानसभा सत्र में भाग लेने का कोई अर्थ नहीं है। पार्टी का तर्क है कि यह दर्जा मिलने पर ही उन्हें लोगों के मुद्दे उठाने के लिए पर्याप्त समय और मंच मिलेगा।
जगन मोहन रेड्डी को 'विपक्ष के नेता' का दर्जा क्यों नहीं मिला?
2024 के विधानसभा चुनाव में YSRCP को भारी हार का सामना करना पड़ा और 175 सदस्यीय सदन में उसके केवल 11 विधायक बचे। इस कारण दर्जे को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ। जगन मोहन रेड्डी ने जुलाई 2024 में उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है, जो अभी लंबित है।
मेगा DSC-2025 घोटाला क्या है और YSRCP क्या माँग कर रही है?
YSRCP कथित 'मेगा डीएससी-2025 घोटाले' में अनियमितताओं का आरोप लगा रही है और तत्काल सीबीआई जाँच तथा शिक्षा मंत्री नारा लोकेश के इस्तीफे की माँग कर रही है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि वह परीक्षा रद्द करने या नियुक्त उम्मीदवारों को हटाने की माँग नहीं कर रही, बल्कि योग्य उम्मीदवारों के लिए न्याय और पारदर्शी जाँच चाहती है।
विधान परिषद में YSRCP की क्या स्थिति है?
विधानसभा में कमज़ोर स्थिति के बावजूद YSRCP का विधान परिषद (उच्च सदन) में बहुमत बरकरार है। पार्टी इसी मंच का उपयोग NDA सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने के लिए करने की योजना बना रही है।
राष्ट्र प्रेस
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