क्या तमिलनाडु विधानसभा का पहला सत्र आज शुरू होगा, जिसमें राज्यपाल आर.एन. रवि करेंगे संबोधन?

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क्या तमिलनाडु विधानसभा का पहला सत्र आज शुरू होगा, जिसमें राज्यपाल आर.एन. रवि करेंगे संबोधन?

सारांश

तमिलनाडु विधानसभा का पहला सत्र आज से शुरू हो रहा है। राज्यपाल आर.एन. रवि का संबोधन बहुत महत्वपूर्ण है। क्या वे भाषण देंगे या नहीं? जानिए इस सत्र की ऐतिहासिकता और राजनीतिक महत्व।

Key Takeaways

  • तमिलनाडु विधानसभा का पहला सत्र आज शुरू हो रहा है।
  • राज्यपाल आर.एन. रवि का संबोधन महत्वपूर्ण है।
  • राजनीतिक मुद्दों पर बहस होने की संभावना है।
  • सत्र के दौरान दिवंगत विधायक को सम्मानित किया जाएगा।
  • इस सत्र की राजनीतिक महत्वता है।

चेन्नई, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु विधानसभा का वर्ष का पहला सत्र मंगलवार को आरंभ होगा, जिसमें राज्यपाल आर.एन. रवि सदन को संबोधित करेंगे। परंपरा के अनुसार, विधानसभा में राज्यपाल का औपचारिक स्वागत किया जाएगा।

स्पीकर एम. अप्पावु और विधान सभा के प्रधान सचिव श्रीनिवासन उन्हें सदन में लेकर जाएंगे, जहां संबोधन के दौरान स्पीकर राज्यपाल के बगल में बैठेंगे।

हालांकि, राज्यपाल का भाषण एक बार फिर राजनीतिक और प्रक्रियात्मक अनिश्चितता का विषय बन गया है। 2024 और 2025 में, राज्यपाल रवि ने कार्यक्रम की शुरुआत में राज्य सरकार द्वारा राष्ट्रगान गाने से इनकार करते हुए, पारंपरिक संबोधन पढ़ने से परहेज किया था।

इस वर्ष भी इसी तरह का फॉर्मेट होने की संभावना है, इसलिए यह सवाल बना हुआ है कि क्या राज्यपाल भाषण देंगे या बिना भाषण दिए चले जाएंगे। उम्मीद है कि दिन में बाद में स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।

आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, सत्र की शुरुआत तमिल थाई वाझथु (तमिल प्रार्थना) से होगी। इसके बाद राज्यपाल अंग्रेजी में भाषण देंगे। भाषण का तमिल अनुवाद स्पीकर पढ़ेंगे।

अगर राज्यपाल भाषण देने से मना करते हैं, तो स्पीकर पूरा टेक्स्ट पढ़ेंगे और औपचारिक रूप से इसे समाप्त करेंगे। इसके बाद राष्ट्रगान गाकर कार्यवाही समाप्त होगी।

दिन की औपचारिकताएं समाप्त होने के बाद, बिजनेस एडवाइजरी कमेटी विधानसभा सत्र की अवधि तय करने के लिए स्पीकर के चैंबर में मिलेगी।

इस सत्र के दौरान, सदन पिछले वर्ष अक्टूबर में दिवंगत हुए डीएमके विधायक के. पोन्नुसामी (सेंथामंगलम) के सम्मान में किसी एक दिन कार्यवाही स्थगित कर सकता है। शेष दिनों में सदन राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस कर सकता है। सत्र के कुछ ही दिनों तक चलने की संभावना है।

यह अन्नाद्रमुक के पूर्व विधायकों केए सेनगोट्टैयन और पॉल मनोज पांडियन के इस्तीफे के बाद यह पहला विधानसभा सत्र भी होगा, जो क्रमशः तमिलागा वेट्री कड़गम और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम में शामिल हो गए हैं।

डीएमके और कांग्रेस विधायकों के बीच होने वाली बातचीत, साथ ही पार्टी के संस्थापक एस. रामदास और उनके अलग हो चुके बेटे अंबुमणि रामदास के प्रतिद्वंद्वी गुटों से संबंधित पीएमके सदस्यों के बीच होने वाले किसी भी आदान-प्रदान से सदन में विधायकों का ध्यान आकर्षित होने की संभावना है।

विधानसभा चुनाव नजदीक होने के कारण, इस सत्र को राजनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऑल इंडिया अन्‍ना द्रविड़ मुन्‍नेत्र कड़गम और भाजपा सहित विपक्षी पार्टियां, सत्ताधारी पार्टी और सरकार के खिलाफ कई आरोप लगाने की तैयारी कर रही हैं।

Point of View

यदि होता है, तो यह राजनीतिक परिदृश्य को प्रभावित कर सकता है। यह समय सभी पार्टियों के लिए एकजुट होने और अपनी स्थिति स्पष्ट करने का है।
NationPress
20/01/2026

Frequently Asked Questions

राज्यपाल का भाषण कब होगा?
राज्यपाल का भाषण विधानसभा सत्र की शुरुआत में होगा, लेकिन उनके भाषण देने की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
क्या इस सत्र में कोई विशेष मुद्दा उठाया जाएगा?
इस सत्र के दौरान दिवंगत विधायक के सम्मान में कार्यवाही स्थगित करने की संभावना है।
विधानसभा चुनाव कब हैं?
विधानसभा चुनाव 2024 में होने की संभावना है।
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