नव निर्माण के 9 वर्ष: कानून-व्यवस्था में सुधार, विश्वास में वृद्धि और नए अवसरों की सृजन
सारांश
Key Takeaways
- कानून-व्यवस्था में सुधार
- नौकरी के नए अवसर
- महिला सशक्तीकरण
- सामाजिक विश्वास में वृद्धि
- सुरक्षा व्यवस्था का मजबूत होना
लखनऊ, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ‘नव निर्माण के 9 वर्ष’ पुस्तक के विमोचन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में पिछले नौ वर्षों में आए परिवर्तन का विस्तृत वर्णन किया।
उन्होंने कहा कि राज्य ने अब कानून-व्यवस्था के एक नए युग में कदम रखा है, जहाँ न तो भय है, न तनाव, और न ही दंगों का कोई खतरा। पहले जहां त्योहारों के समय अव्यवस्था और कर्फ्यू जैसी स्थिति बनती थी, वहीं अब नवरात्रि और रमजान जैसे पर्व शांति और सौहार्द के साथ मनाए जा रहे हैं। ईद और अलविदा की नमाज भी सुरक्षित माहौल में पूरी हो रही हैं, जो प्रदेश में बढ़ती सुरक्षा व्यवस्था का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परिवर्तन केवल वातावरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सरकार की नीयत, नीति और निरंतर प्रयासों का परिणाम है। अब नागरिक निर्भीक होकर अपने धार्मिक स्थलों पर जा रहे हैं और सामाजिक विश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने 2017 से पहले की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की कमी थी, लेकिन अब इसे पूरी तरह से बदल दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए बताया कि पिछले नौ वर्षों में 9 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं, जिनमें 2.19 लाख से अधिक पुलिसकर्मी शामिल हैं। इससे प्रदेश की कानून-व्यवस्था को मजबूत आधार मिला है। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशिक्षण क्षमता में भी व्यापक वृद्धि हुई है और अब 60,244 नए पुलिसकर्मियों को प्रदेश के भीतर ही प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिनमें 20 प्रतिशत महिलाएं हैं, जो महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री ने पुलिस सुधारों का उल्लेख करते हुए बताया कि कमिश्नरेट प्रणाली को सात जनपदों में लागू किया गया है और प्रत्येक जिले में साइबर थानों की स्थापना की गई है। साथ ही, फॉरेंसिक साइंस लैब, स्टेट फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट और स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स (एसएसएफ) का गठन कर पुलिसिंग को आधुनिक बनाया गया है। पीएसी की 34 कंपनियों को पुनर्जीवित किया गया है और पहली बार तीन महिला बटालियन—वीरांगना ऊदा देवी पासी, झलकारी बाई और अवंती बाई लोधी—के नाम पर गठित की गई हैं।
महिला कल्याण के क्षेत्र में भी सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि 1.75 लाख से अधिक बेटियों को सरकारी नौकरी मिली है और 1.10 करोड़ से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आजीविका से जुड़ी हैं। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत जन्म से स्नातक तक 25 हजार रुपये का सहयोग दिया जा रहा है, जबकि सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत अब तक पांच लाख बेटियों का विवाह संपन्न कराया गया है।
उन्होंने बताया कि 1.06 करोड़ से अधिक परिवारों को पेंशन दी जा रही है और इसमें वृद्धि का निर्णय जल्द लिया जाएगा। इसके अलावा युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार और तकनीकी सशक्तीकरण के लिए टेबलेट वितरण जैसी योजनाएं भी चलाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सभी प्रयासों के परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश आज बेहतर कानून-व्यवस्था, विकास और जनविश्वास का एक मजबूत मॉडल बनकर उभरा है।