क्या मुख्यमंत्री योगी ने आठ वर्षों में बिना रुके, बिना झुके, बिना डिगे काम किया?

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क्या मुख्यमंत्री योगी ने आठ वर्षों में बिना रुके, बिना झुके, बिना डिगे काम किया?

सारांश

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लखनऊ में नवचयनित सिपाहियों को नियुक्ति पत्र दिए। मुख्यमंत्री योगी ने आठ वर्षों में बिना रुके, बिना झुके, बिना डिगे काम करने की बात कही, साथ ही भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर दिया।

मुख्य बातें

आठ वर्षों में बिना रुके काम पुलिस भर्ती में पारदर्शिता सभी को बिना भेदभाव अवसर 60,244 युवाओं की भर्ती भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती

लखनऊ, 15 जून (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह रविवार को राजधानी लखनऊ में आए। इस अवसर पर गृहमंत्री और मुख्यमंत्री ने नवचयनित सिपाहियों को उनके नियुक्ति पत्र सौंपे। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आठ वर्षों में बिना रुके, बिना झुके, बिना डिगे काम किया गया है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पुलिसकर्मियों की भर्ती एवं नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम उस समय हो रहा है, जब प्रधानमंत्री मोदी के देश सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के 11 वर्ष के कार्यकाल ने नए भारत के रूप में प्रत्येक भारतीय के जीवन में बदलाव लाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि सभी को यह ध्यान में रखना चाहिए कि ट्रेनिंग में जितना पसीना बहेगा, ड्यूटी पर उतना कम खून बहेगा। उन्होंने अच्छी पुलिस बनने का मार्गदर्शन दिया। आज दलित, पिछड़े, महिलाएं और पुरुष सभी को बिना भेदभाव के पुलिस भर्ती में अवसर मिला है।

उन्होंने बताया कि पहले बिना पैसे दिए किसी का चयन नहीं हो सकता था। लेकिन आज आरक्षण की व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पूरी पारदर्शिता से भर्ती की गई है। हमने पिछले आठ वर्षों में दो लाख से अधिक भर्ती की हैं। आज हमने यूपी के अंदर ट्रेनिंग क्षमता को 60 हजार से अधिक कर दिया है। डबल इंजन सरकार ने युवाओं को साढ़े आठ लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी हैं। यह परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता का एक उदाहरण है।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आज यूपी पुलिस बल में 60,244 युवाओं की भर्ती पूरी हुई है। परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता के साथ भर्ती करके एक नया मानक स्थापित किया गया है। शासन में हिस्सेदारी का लाभ गरीब और वंचित सभी को मिलना चाहिए। यह केवल एक कार्यक्रम नहीं है। यूपी जनसंख्या के हिसाब से सबसे बड़ा राज्य है, इसलिए चुनौतियाँ भी अधिक थीं। लेकिन, आठ वर्षों में बिना रुके, बिना झुके, बिना डिगे काम किया गया। गरीब से गरीब परिवार का बेटा भी इस पुलिस भर्ती में शामिल हुआ है। वे भी सिपाही बनकर उत्तर प्रदेश की जनता की सेवा में योगदान देने में सक्षम होंगे।

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मंच से संबोधित किया। उन्होंने नवनियुक्त सिपाहियों से पूछा कि क्या किसी ने आपसे एक रुपया लिया? सभी ने एक साथ उत्तर दिया- नहीं। इसके बाद मौर्य ने कहा कि पहले की सरकारों में बिना घूस के नौकरी नहीं मिलती थी। जब हम उत्तर प्रदेश सरकार में नहीं थे, तब राज्य में गुंडागर्दी और हिंसा का बोलबाला था। आज आप ऐसे समय में पुलिस सेवा में शामिल हुए हैं, जहां आपको अच्छी कानून-व्यवस्था और सुशासन मिलेगा। हम सबका एक ही संकल्प है- उत्तर प्रदेश की जनता की सुरक्षा, भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती और 'नकल माफिया' से मुक्ति।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुख्यमंत्री योगी ने किस विषय पर बात की?
मुख्यमंत्री योगी ने आठ वर्षों में किए गए कार्यों, पुलिस भर्ती की पारदर्शिता और सुशासन के बारे में बात की।
कितने युवाओं की भर्ती यूपी पुलिस में हुई है?
आज यूपी पुलिस में 60,244 युवाओं की भर्ती संपन्न हुई है।
क्या पहले घूस देकर नौकरी मिलती थी?
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि पहले की सरकारों में बिना घूस के नौकरी नहीं मिलती थी।
क्या भर्ती में आरक्षण का ध्यान रखा गया है?
हाँ, भर्ती में आरक्षण की व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पारदर्शिता से कार्य किया गया है।
मुख्यमंत्री ने किस बात पर जोर दिया?
मुख्यमंत्री ने ट्रेनिंग के दौरान मेहनत करने और अच्छे पुलिस बनने की सीख दी।
राष्ट्र प्रेस