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सुनील तटकरे की शरद पवार से मुलाकात: जुलाई 2023 के विभाजन के बाद पहली बार, महाराष्ट्र में सियासी हलचल तेज

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सुनील तटकरे की शरद पवार से मुलाकात: जुलाई 2023 के विभाजन के बाद पहली बार, महाराष्ट्र में सियासी हलचल तेज

सारांश

जुलाई 2023 में NCP के दो फाड़ होने के बाद पहली बार सुनील तटकरे ने शरद पवार से सिल्वर ओक में मुलाकात की। यह बैठक उस वक्त हुई जब पार्टी की कार्यकारिणी सूची में वरिष्ठ नेताओं के नाम गायब होने का विवाद उठा हुआ था — महाराष्ट्र की राजनीति में नई हलचल का संकेत।

मुख्य बातें

सुनील तटकरे ने 12 मई को मुंबई के सिल्वर ओक आवास में शरद पवार से मुलाकात की — जुलाई 2023 के NCP विभाजन के बाद पहली बार।
तटकरे ने बैठक को राजनीतिक नहीं, बल्कि शरद पवार के स्वास्थ्य की जानकारी लेने का शिष्टाचार भेंट बताया।
29 अप्रैल की NCP कार्यकारिणी सूची में प्रफुल पटेल , छगन भुजबल , सुनील तटकरे और दिलीप वलसे पाटिल के नाम कथित तौर पर गायब थे।
सुनेत्रा पवार ने एक्स पर पोस्ट कर सूची की विसंगतियों को तकनीकी त्रुटि बताया और सुधार का आश्वासन दिया।
नवगठित कार्यकारिणी में सुनेत्रा पवार राष्ट्रीय अध्यक्ष, पार्थ पवार राष्ट्रीय महासचिव और जय पवार राष्ट्रीय सचिव नियुक्त।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) में जारी आंतरिक उठापटक के बीच पार्टी सांसद सुनील तटकरे ने मंगलवार, 12 मई की शाम राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के अध्यक्ष शरद पवार से उनके मुंबई स्थित आवास सिल्वर ओक में मुलाकात की। जुलाई 2023 में पार्टी के दो फाड़ होने के बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहली आमने-सामने की बैठक थी, जिसने महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।

मुलाकात की पृष्ठभूमि

तटकरे ने स्पष्ट किया कि यह बैठक किसी राजनीतिक एजेंडे से प्रेरित नहीं थी। उनके अनुसार, शरद पवार कई दिनों से अस्वस्थ थे और उन्होंने स्वास्थ्य की जानकारी लेने के लिए मिलने का समय माँगा था। उन्होंने दोहराया कि बैठक के दौरान न तो राष्ट्रीय कार्यकारिणी और न ही पार्टी विभाजन से जुड़े किसी मसले पर चर्चा हुई।

यह मुलाकात उस समय हुई जब सुनेत्रा पवार, पार्थ पवार, प्रफुल पटेल और सुनील तटकरे की असम की संयुक्त यात्रा के कुछ ही दिन बाद पार्टी में एकता दिखाने के प्रयास किए जा रहे थे।

कार्यकारिणी सूची विवाद

राजनीतिक हलकों में यह मुलाकात इसलिए भी चर्चा का विषय बनी क्योंकि हाल ही में पार्टी द्वारा चुनाव आयोग को भेजे गए आधिकारिक पत्र में राष्ट्रीय पदों के संदर्भ में सुनील तटकरे और प्रफुल पटेल के नाम गायब पाए गए थे।

29 अप्रैल की कार्यकारिणी सूची में प्रफुल पटेल, छगन भुजबल, सुनील तटकरे और दिलीप वलसे पाटिल सहित कई वरिष्ठ नेताओं के नाम कथित तौर पर शामिल नहीं थे, जिसने आंतरिक फेरबदल या बड़े रणनीतिक पुनर्गठन की अटकलों को हवा दी।

सुनेत्रा पवार का स्पष्टीकरण

जैसे ही यह सूची सोशल मीडिया पर वायरल हुई, सुनेत्रा पवार ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर विवाद को शांत करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि मीडिया में प्रसारित हो रही पदाधिकारियों की सूची में एक तकनीकी त्रुटि है और इसे जल्द ठीक कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ये विसंगतियाँ जानबूझकर नहीं थीं।

नवगठित राष्ट्रीय कार्यकारिणी की संरचना

नवगठित राष्ट्रीय कार्यकारिणी में सुनेत्रा पवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष, उनके बड़े बेटे एवं राज्यसभा सांसद पार्थ पवार को राष्ट्रीय महासचिव और छोटे बेटे जय पवार को राष्ट्रीय सचिव नियुक्त किया गया है। इससे पहले सुनेत्रा पवार द्वारा गठित नवीन राष्ट्रीय कार्य समिति में सुनील तटकरे को लोकसभा में पार्टी के नेता के रूप में नियुक्त किया गया था।

आगे की राजनीतिक दिशा

तटकरे ने स्पष्ट किया है कि सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में काम जारी रहेगा। हालाँकि, विश्लेषकों का मानना है कि सिल्वर ओक की यह यात्रा महज शिष्टाचार भेंट से कहीं अधिक प्रतीकात्मक महत्व रखती है — विशेषकर तब जब पार्टी आंतरिक संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है। आने वाले हफ्तों में यह स्पष्ट होगा कि यह मुलाकात महाराष्ट्र की राजनीति में किस दिशा में नया अध्याय लिखती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह बताता है कि अजित पवार गुट के भीतर सत्ता-संतुलन अभी भी अस्थिर है। पवार परिवार के तीन सदस्यों को शीर्ष पदों पर बिठाने की कवायद और अनुभवी नेताओं की अनदेखी — यह संयोग नहीं, रणनीति है। असली सवाल यह है कि क्या तटकरे जैसे दिग्गज इस नई संरचना में अपनी भूमिका से संतुष्ट हैं, या सिल्वर ओक की यह यात्रा किसी बड़े राजनीतिक पुनर्गठन की पहली कड़ी है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुनील तटकरे और शरद पवार की मुलाकात क्यों हुई?
सुनील तटकरे ने बताया कि यह मुलाकात शरद पवार के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के लिए हुई, क्योंकि वे कई दिनों से अस्वस्थ थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैठक में कोई राजनीतिक चर्चा नहीं हुई।
NCP कार्यकारिणी सूची विवाद क्या है?
29 अप्रैल की NCP कार्यकारिणी सूची में प्रफुल पटेल, छगन भुजबल, सुनील तटकरे और दिलीप वलसे पाटिल जैसे वरिष्ठ नेताओं के नाम कथित तौर पर गायब थे। सुनेत्रा पवार ने इसे तकनीकी त्रुटि बताते हुए सुधार का आश्वासन दिया।
जुलाई 2023 के NCP विभाजन के बाद क्या हुआ?
जुलाई 2023 में NCP दो गुटों में बंट गई — एक अजित पवार के नेतृत्व में और दूसरा शरद पवार के नेतृत्व में। तटकरे और शरद पवार की यह 12 मई की मुलाकात विभाजन के बाद दोनों नेताओं की पहली आमने-सामने की बैठक बताई जा रही है।
NCP की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी में कौन-कौन से पद किसे मिले?
नवगठित राष्ट्रीय कार्यकारिणी में सुनेत्रा पवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष, पार्थ पवार को राष्ट्रीय महासचिव और जय पवार को राष्ट्रीय सचिव नियुक्त किया गया है। सुनील तटकरे को लोकसभा में पार्टी के नेता के रूप में नामित किया गया है।
इस मुलाकात का महाराष्ट्र की राजनीति पर क्या असर हो सकता है?
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह मुलाकात प्रतीकात्मक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह NCP के दोनों गुटों के बीच संवाद की संभावना को दर्शाती है। हालाँकि, तटकरे ने सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में काम जारी रखने की बात दोहराई है।
राष्ट्र प्रेस
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