पार्थ पवार का बयान: प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे पर आरोप पूरी तरह से काल्पनिक
सारांश
Key Takeaways
- पार्थ पवार ने निराधार आरोपों को खारिज किया।
- वरिष्ठ नेताओं का नेतृत्व महत्वपूर्ण है।
- राजनीतिक विवादों में शामिल करना निंदनीय है।
मुंबई, २ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख नेता और सांसद पार्थ पवार ने आज कहा कि एनसीपी के नेता एवं सांसद प्रफुल्ल पटेल और प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुनील तटकरे से जुड़ी खबरें पूरी तरह से निराधार हैं और इनसे संबंधित अटकलें पूरी तरह काल्पनिक हैं।
पार्थ पवार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि पटेल और तटकरे की दशकों पुरानी निष्ठा और नेतृत्व ने हमेशा सर्वजन को मार्गदर्शन प्रदान किया है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे वरिष्ठ नेताओं को मनगढ़ंत और राजनीतिक रूप से प्रेरित विवादों में शामिल करना निंदनीय है और इसकी कठोर निंदा की जानी चाहिए। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि पार्टी अपने वरिष्ठ नेतृत्व के साथ मजबूती से खड़ी है और इस प्रकार के निराधार आरोपों से प्रभावित नहीं होगी।
उन्होंने आगे कहा कि प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे को निशाना बनाकर फैलाई जा रही खबरें पूरी तरह से मनगढ़ंत हैं। दशकों से चली आ रही उनकी अटूट प्रतिबद्धता और नेतृत्व हम सभी के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं। ऐसे वरिष्ठ नेताओं को मनगढ़ंत विवादों में घसीटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इसकी कड़ी निंदा की जानी चाहिए।
ज्ञात रहे कि एनसीपी (शरद पवार) के एक नेता ने आरोप लगाया था कि अजित पवार के निधन के १८ दिन बाद ही प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे ने पार्टी पर कब्जा करने की कोशिश की थी। इतना ही नहीं, यह भी आरोप था कि चुनाव आयोग को पत्र लिखकर पार्टी के संविधान में बदलाव करने की मांग की गई थी और पार्टी की सभी शक्तियों को प्रफुल्ल पटेल को सौंपने की बात की गई थी।
इस दावे के बीच, अजित पवार की पत्नी, उपमुख्यमंत्री और एनसीपी की मुखिया सुनेत्रा पवार ने चुनाव आयोग को एक पत्र लिखा और कहा कि २८ जनवरी से लेकर २६ फरवरी के बीच पार्टी की ओर से भेजे गए पत्रों को आधिकारिक नहीं माना जाना चाहिए।
इसके बाद से ही प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे को लेकर विभिन्न दावे किए जा रहे हैं। इसी के संबंध में पार्थ पवार ने स्पष्टीकरण दिया और कहा कि ऐसे वरिष्ठ नेताओं को मनगढ़ंत विवादों में घसीटना निंदनीय है।