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रोहित पवार का सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल पर एनसीपी पर कब्जा करने का गंभीर आरोप

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रोहित पवार का सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल पर एनसीपी पर कब्जा करने का गंभीर आरोप

सारांश

रोहित पवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल पर आरोप लगाया कि उन्होंने अजित पवार की मौत के बाद एनसीपी पर कब्जा करने का प्रयास किया। यह राजनीतिक विवाद और भी गहरा हो रहा है।

मुख्य बातें

रोहित पवार ने सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल पर गंभीर आरोप लगाए।
एनसीपी की पार्टी संरचना में बदलाव का प्रयास किया गया।
एक उच्च-स्तरीय आपराधिक जांच की मांग की गई।
चुनाव आयोग को पत्र भेजकर मामले की गंभीरता को उजागर किया गया।
राजनीतिक संघर्ष ने नए विवाद को जन्म दिया है।

मुंबई, 25 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। एनसीपी (एसपी) के नेता रोहित पवार ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि दोनों ने अजित पवार की मौत के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी पर नियंत्रण पाने की कोशिश की।

रोहित पवार ने बताया कि कुछ नेताओं के समूह ने चुनाव आयोग को पत्र भेजकर पार्टी के संविधान में संशोधन करने और एक 'वर्किंग प्रेसिडेंट' को अधिक अधिकार देने की मांग की थी। इसके बाद सुनेत्रा पवार ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर कहा कि अजित पवार की मृत्यु के बाद ट्रांजिशन पीरियड के दौरान ऐसे किसी भी पत्र को नजरअंदाज किया जाए।

रोहित पवार ने चुनाव आयोग को एक रणनीतिक पत्र भेजा, जिसमें काला जादू करने वालों और परिवार के सदस्यों की आवाज दबाने से संबंधित एक गहरी 'साजिश' का उल्लेख किया गया।

उन्होंने कहा कि 28 जनवरी को अजित पवार की मृत्यु के 18 दिन बाद, 16 फरवरी को चुनाव आयोग को एक पत्र भेजा गया था। इस पत्र पर प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे और बृजमोहन श्रीवास्तव के हस्ताक्षर थे, जिसमें पार्टी के संविधान में बदलाव करने का दावा किया गया था।

रोहित पवार ने कहा कि इस बदलाव का उद्देश्य पार्टी की सभी शक्तियाँ और अधिकार, जो पहले अजित दादा के पास थे, वर्किंग प्रेसिडेंट (प्रफुल्ल पटेल) को देना था। यह सुनेत्रा पवार, पार्थ पवार, या पार्टी के विधायकों की जानकारी के बिना किया गया था।

उन्होंने आगे बताया कि नेशनल प्रेसिडेंट बनने के बाद सुनेत्रा पवार ने तुरंत चुनाव आयोग को पत्र लिखकर कहा कि एक्सीडेंट की तारीख और उनके अपॉइंटमेंट के बीच हुए किसी भी पत्र को नजरअंदाज किया जाए।

एक चौंकाने वाले आरोप में, रोहित पवार ने कहा कि जब अजित पवार जिंदा थे, तब उनके घर के बाहर 'काला जादू' की रस्में की गईं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या 'नासिक के किसी बाबा' का उपयोग जादू-टोने के माध्यम से पार्टी नेतृत्व को प्रभावित करने के लिए किया गया था?

उन्होंने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के एक बयान का हवाला देते हुए बाहरी राजनीतिक ताकतों के साथ संभावित तालमेल की ओर भी इशारा किया। एक्सीडेंट के दो दिन बाद गोयल ने कथित तौर पर प्रफुल्ल पटेल को एनसीपी का नेशनल प्रेसिडेंट बताया। हालांकि, बाद में उन्होंने कहा कि यह जुबान फिसलने की वजह से हुआ, लेकिन रोहित पवार ने कहा कि घटनाओं के क्रम से यह स्पष्ट होता है कि पटेल, तटकरे और अन्य प्रमुख नेताओं के बीच यह बदलाव पहले से योजनाबद्ध था।

रोहित पवार ने आरोप लगाया कि तटकरे और पटेल ने विधायक को असेंबली सत्र के दौरान अजित पवार के एक्सीडेंट की जानकारी साझा न करने की सख्त हिदायत दी थी। उन्होंने कहा कि जय पवार (अजित पवार के बेटे) एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करना चाहते थे, लेकिन उनकी आवाज को दबा दिया गया।

उन्होंने कहा कि इन संदिग्ध कदमों को देखते हुए हम एक्सीडेंट की उच्च-स्तरीय आपराधिक जांच की मांग दोहराते हैं।

रोहित पवार ने अपने बयान को समाप्त करते हुए मौजूदा उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को गंभीर चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि राजनीति बहुत खराब हो गई है। आपको अपने आसपास के लोगों से सावधान रहना चाहिए। हालाँकि, कार्यकर्ता और विधायक महत्वपूर्ण हैं, लेकिन जो लोग अभी सत्ता में हैं, उनके इरादे संदिग्ध हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पार्टी के भीतर की शक्ति संघर्ष को भी दर्शाता है। रोहित पवार के आरोपों ने एक नई बहस को जन्म दिया है कि क्या पार्टी की संरचना में ऐसे बदलाव उचित हैं।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रोहित पवार ने किस पर आरोप लगाया?
रोहित पवार ने सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल पर आरोप लगाया कि उन्होंने अजित पवार की मृत्यु के बाद एनसीपी पर कब्जा करने का प्रयास किया।
क्या रोहित पवार ने चुनाव आयोग को पत्र लिखा?
हाँ, रोहित पवार ने चुनाव आयोग को एक पत्र भेजा जिसमें पार्टी के संविधान में बदलाव की साजिश का आरोप लगाया।
तटकरे और पटेल पर क्या आरोप हैं?
रोहित पवार ने आरोप लगाया कि तटकरे और पटेल ने पार्टी की शक्ति को अपने हाथ में लेने की कोशिश की।
क्या इस मामले की जांच होगी?
रोहित पवार ने उच्च-स्तरीय आपराधिक जांच की मांग की है।
रोहित पवार ने किसकी चेतावनी दी?
रोहित पवार ने मौजूदा उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को चेतावनी दी कि राजनीति बहुत खराब हो चुकी है।
राष्ट्र प्रेस
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