एनसीपी (अजित पवार गुट) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सूची पर बवाल, प्रफुल्ल पटेल-भुजबल समेत दिग्गजों के नाम गायब
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी-अजित पवार गुट) में 29 अप्रैल को जारी नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी सूची ने पूरे महाराष्ट्र में राजनीतिक हलचल मचा दी है। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को सौंपे गए इस तीन पन्नों के दस्तावेज से प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल, सुनील तटकरे और दिलीप वलसे पाटिल जैसे वरिष्ठ नेताओं के नाम गायब दिखे, जिससे पार्टी के भीतर संभावित फेरबदल की अटकलें तेज हो गईं। सूची सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पार्टी अध्यक्ष सुनेत्रा पवार को सफाई देनी पड़ी।
नई कार्यकारिणी में किसे क्या मिला
नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी में सुनेत्रा पवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष, उनके बड़े बेटे व राज्यसभा सांसद पार्थ पवार को राष्ट्रीय महासचिव और छोटे बेटे जय पवार को राष्ट्रीय सचिव, अनुशासन समिति का अध्यक्ष एवं कोषाध्यक्ष — तीनों भूमिकाएँ — सौंपी गई हैं। शिवाजीराव गर्जे को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध मोहिते को भी महासचिव की भूमिका दी गई है।
पूर्व महासचिव अविनाश आदिक को पदावनत कर राष्ट्रीय सचिव बनाया गया है। इसके अलावा राष्ट्रीय अध्यक्ष (युवा) धीरज शर्मा, विधायक व अरुणाचल प्रदेश इकाई के अध्यक्ष टोको तातुंग, और विधायक चेतन तुपे, शेखर निकम, सना मलिक व सरोज अहिरे को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
दिग्गजों की गैरमौजूदगी से उठे सवाल
राष्ट्रीय कार्यकारिणी में प्रफुल्ल पटेल — जो पार्टी के एक भरोसेमंद वरिष्ठ नेता माने जाते हैं — और पूर्व राष्ट्रीय महासचिव सुनील तटकरे के नाम न दिखने से तुरंत अटकलें शुरू हो गईं। तटकरे को अब लोकसभा में एनसीपी नेता का पद दिया गया है, लेकिन महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष या राष्ट्रीय महासचिव के रूप में उनका कोई उल्लेख नहीं है।
अनुभवी मंत्री छगन भुजबल और वरिष्ठ विधायक दिलीप वलसे पाटिल का नाम सूची में तो है, लेकिन उन्हें कोई आधिकारिक पद नहीं दिया गया। पूर्व महासचिव व राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता बृजमोहन श्रीवास्तव को न राष्ट्रीय कार्यकारिणी और न ही राष्ट्रीय कार्यसमिति में जगह मिली है।
सुनेत्रा पवार की सफाई और 'तकनीकी गड़बड़ी' का दावा
जैसे ही सूची वायरल हुई, गुवाहाटी में मौजूद सुनेत्रा पवार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर स्पष्ट किया कि मीडिया में जो सूची चल रही है, उसमें एक तकनीकी गड़बड़ी है और इसे जल्द ठीक कर लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ये गलतियाँ जानबूझकर नहीं की गई थीं। सूत्रों के अनुसार, उसी दिन इन लिपिकीय और तकनीकी त्रुटियों को सुधारने के लिए निर्वाचन आयोग को एक और पत्र भेजा गया।
गौरतलब है कि सुनेत्रा पवार ने अपनी बाद की एक पोस्ट में प्रफुल्ल पटेल को 'राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष' के रूप में संबोधित किया। उन्होंने पश्चिम बंगाल में नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने का भी जिक्र किया, जहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्थ पवार और प्रफुल्ल पटेल भी उपस्थित थे।
राष्ट्रीय कार्यसमिति में क्या बदला
तीन पन्नों के दस्तावेज के एक अलग पन्ने पर सुनेत्रा पवार की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय कार्यसमिति के गठन की जानकारी दी गई है। इसमें प्रफुल्ल पटेल को राज्यसभा में एनसीपी नेता का पद दिया गया है, हालाँकि राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में उनका कोई औपचारिक उल्लेख इस दस्तावेज में नहीं है।
पूर्व कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे — जिन्हें ऊपरी सदन में ताश खेलने के विवाद के चलते इस्तीफा देना पड़ा था — को राष्ट्रीय कार्यसमिति में सदस्य के रूप में जगह दी गई है। राष्ट्रीय सचिव संजय प्रजापति, राणा रणवीर सिंह, रमन प्रीत सिंह, धनंजय शर्मा और अभिषेक बोके को भी कार्यसमिति में सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
आगे क्या होगा
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 'तकनीकी गड़बड़ी' की सफाई के बावजूद, इस सूची से पार्टी के उस अंदरूनी इरादे का संकेत मिलता है जिसके तहत पवार परिवार की अगली पीढ़ी को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब एनसीपी (अजित पवार गुट) महाराष्ट्र में महायुति सरकार का हिस्सा है और पार्टी को अपनी संगठनात्मक पहचान मजबूत करनी है। निर्वाचन आयोग को भेजे गए सुधार पत्र के बाद अब सभी की निगाहें संशोधित आधिकारिक सूची पर टिकी हैं।