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सुनेत्रा पवार की NCP को चेतावनी: 'एक आवाज में बोलो', नई कार्यकारिणी पर अंदरूनी खींचतान के बीच पहली बड़ी बैठक

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सुनेत्रा पवार की NCP को चेतावनी: 'एक आवाज में बोलो', नई कार्यकारिणी पर अंदरूनी खींचतान के बीच पहली बड़ी बैठक

सारांश

नई कार्यकारिणी में वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी से उठे विवाद के बीच NCP अध्यक्ष सुनेत्रा पवार ने मुंबई बैठक में 'एक आवाज' का आह्वान किया। लेकिन उसी मंच पर तटकरे-भुजबल की नोकझोंक ने बता दिया कि पार्टी की अंदरूनी एकजुटता अभी भी अधूरी है।

मुख्य बातें

सुनेत्रा पवार ने मुंबई में NCP विधायकों, सांसदों और वरिष्ठ पदाधिकारियों की पहली बड़ी बैठक की अध्यक्षता की और सभी को 'एक आवाज' में बोलने का निर्देश दिया।
नई कार्यकारिणी में पार्थ पवार को राष्ट्रीय महासचिव और जय पवार को राष्ट्रीय सचिव बनाया गया; प्रफुल्ल पटेल , सुनील तटकरे , छगन भुजबल और दिलीप वालसे पाटिल के नाम सूची में नहीं।
पार्टी प्रवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि पटेल और तटकरे अपने पुराने पदों पर बने हुए हैं।
बैठक के दौरान तटकरे और भुजबल के बीच हल्की नोकझोंक हुई; तटकरे ने कहा उन्हें 'विलेन' की तरह पेश किया गया।
चुनाव आयोग को जल्द संशोधित पत्र सौंपा जाएगा; पार्टी 10 जून को स्थापना दिवस बड़े स्तर पर मनाएगी।

राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (NCP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने मंगलवार, 27 मई 2025 को मुंबई में पार्टी के विधायकों, सांसदों और वरिष्ठ पदाधिकारियों की पहली बड़ी बैठक की अध्यक्षता करते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि पार्टी को मजबूत करने के लिए सभी नेताओं को 'एक आवाज' में बोलना होगा। यह बैठक ऐसे समय में बुलाई गई जब नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सूची सामने आने के बाद संगठन में अंदरूनी हलचल और भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी।

नई कार्यकारिणी और विवाद की जड़

नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी में सुनेत्रा पवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनके बड़े बेटे और राज्यसभा सदस्य पार्थ पवार को राष्ट्रीय महासचिव तथा छोटे बेटे जय पवार को राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हालांकि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं — प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे, छगन भुजबल और दिलीप वालसे पाटिल — के नाम इस सूची में नहीं होने से पार्टी के भीतर संभावित अंदरूनी खींचतान की अटकलें तेज हो गईं।

पार्टी प्रवक्ताओं ने बाद में स्पष्ट किया कि प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे अपने पुराने पदों पर बने हुए हैं, लेकिन पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच स्थिति को लेकर स्पष्टता की माँग अब भी बनी हुई है।

सुनेत्रा पवार का संगठन को संदेश

बैठक में सुनेत्रा पवार ने कहा कि उन्होंने पार्टी अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी ऐसे कठिन दौर में संभाली है, जब अजित पवार के असमय निधन के बाद संगठन को थामना बड़ी चुनौती बन गया था। उन्होंने कहा कि पार्टी का भविष्य उज्ज्वल है, परंतु इसके लिए सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को मिलकर मेहनत करनी होगी।

बैठक में तटकरे-भुजबल के बीच नोकझोंक

बैठक के दौरान राज्य इकाई प्रमुख सुनील तटकरे और वरिष्ठ नेता छगन भुजबल के बीच हल्की नोकझोंक भी देखने को मिली। जब तटकरे संबोधित कर रहे थे, तब भुजबल ने उन्हें भाषण छोटा करने को कहा — क्योंकि उन्हें महायुति सहयोगियों की समन्वय समिति की बैठक में जाना था। तटकरे बिना रुके बोलते रहे और उन्होंने कहा कि उन्हें तथा प्रफुल्ल पटेल को पार्टी में 'विलेन' की तरह पेश किया गया, जबकि वे संगठन को मजबूत करने में लगे हुए थे।

तटकरे ने यह भी कहा कि पिछले सप्ताह उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट कर दिया था कि पार्टी के भीतर सभी गलतफहमियाँ दूर हो चुकी हैं। उन्होंने घोषणा की कि पार्टी नेता और कार्यकर्ता जल्द ही पूरे महाराष्ट्र का संयुक्त दौरा करेंगे।

चुनाव आयोग को संशोधित पत्र और आगे की योजना

तटकरे ने बताया कि चुनाव आयोग को जल्द ही संशोधित पत्र सौंपा जाएगा और इस मुद्दे पर पार्टी के शीर्ष नेताओं के बीच सकारात्मक चर्चा हुई है। बैठक में तीन विशेषज्ञों ने एसआईआर और संगठन में उसकी भूमिका पर प्रस्तुति भी दी। पार्टी ने 10 जून को अपना स्थापना दिवस बड़े स्तर पर मनाने का फैसला किया है, ताकि यह संदेश दिया जा सके कि NCP हर चुनौती से निपटने के लिए तैयार है।

गौरतलब है कि यह बैठक महाराष्ट्र की राजनीति में NCP की प्रासंगिकता बनाए रखने के लिहाज से अहम मानी जा रही है — खासकर तब, जब महायुति गठबंधन के भीतर समन्वय की चुनौतियाँ भी सामने हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि NCP की सत्ता-संरचना में केंद्रीकरण की स्पष्ट कोशिश दिखती है। 'एक आवाज' का आह्वान तब और प्रासंगिक हो जाता है जब उसी बैठक में तटकरे-भुजबल की नोकझोंक सार्वजनिक हो जाए। असली परीक्षा यह है कि क्या सुनेत्रा पवार उन वरिष्ठ नेताओं को साथ लेकर चल सकती हैं जो दशकों से पार्टी की रीढ़ रहे हैं — अन्यथा 'एकजुटता' का यह संदेश महज एक औपचारिकता बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

NCP की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी में कौन-कौन से नए पदाधिकारी हैं?
नई कार्यकारिणी में सुनेत्रा पवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष, उनके बेटे पार्थ पवार को राष्ट्रीय महासचिव और जय पवार को राष्ट्रीय सचिव बनाया गया है। वहीं प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे, छगन भुजबल और दिलीप वालसे पाटिल के नाम सूची में नहीं हैं, हालांकि पार्टी का कहना है कि पटेल और तटकरे अपने पुराने पदों पर बने हुए हैं।
सुनेत्रा पवार ने NCP नेताओं को 'एक आवाज' में बोलने की बात क्यों कही?
नई कार्यकारिणी सूची में वरिष्ठ नेताओं के नाम न होने से पार्टी के भीतर भ्रम और अंदरूनी हलचल पैदा हो गई थी। इस पृष्ठभूमि में सुनेत्रा पवार ने पहली बड़ी बैठक में स्पष्ट किया कि पार्टी की मजबूती के लिए सभी को एकजुट होकर एक स्वर में बोलना होगा।
बैठक में तटकरे और भुजबल के बीच क्या हुआ?
बैठक के दौरान जब सुनील तटकरे संबोधित कर रहे थे, तब छगन भुजबल ने उन्हें भाषण छोटा करने को कहा क्योंकि उन्हें महायुति समन्वय समिति की बैठक में जाना था। तटकरे बिना रुके बोलते रहे और उन्होंने कहा कि उन्हें और प्रफुल्ल पटेल को पार्टी में 'विलेन' की तरह पेश किया गया।
NCP का चुनाव आयोग को संशोधित पत्र किस बारे में है?
सुनील तटकरे ने बताया कि नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सूची से जुड़े मुद्दों पर चुनाव आयोग को जल्द ही एक संशोधित पत्र सौंपा जाएगा। इस विषय पर पार्टी के शीर्ष नेताओं के बीच सकारात्मक चर्चा हो चुकी है।
NCP का स्थापना दिवस कब और कैसे मनाया जाएगा?
पार्टी ने 10 जून को अपना स्थापना दिवस बड़े स्तर पर मनाने का फैसला किया है। इसका उद्देश्य यह संदेश देना है कि NCP हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है और संगठन एकजुट है।
राष्ट्र प्रेस
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