महा युति सीट बंटवारा: एनसीपी को 30 मई दोपहर तक गतिरोध सुलझने की उम्मीद, 18 जून के चुनाव से पहले नामांकन की समयसीमा 1 जून
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की कोर कमेटी ने शुक्रवार, 29 मई को मुंबई में पार्टी अध्यक्ष एवं उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार की अध्यक्षता में बैठक कर रायगढ़, पुणे और परभणी की स्थानीय निकाय सीटों पर अपना दावा पेश किया। 18 जून को होने वाले इन चुनावों के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 1 जून है, जिसके चलते महा युति गठबंधन के भीतर सीट बंटवारे की चर्चाएँ अब निर्णायक मोड़ पर पहुँच गई हैं।
बैठक में कौन-कौन शामिल रहे
कोर कमेटी की इस अहम बैठक में प्रफुल पटेल, सुनील तटकरे, वरिष्ठ मंत्री छगन भुजबल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष दिलीप वलसे पाटिल, पूर्व मंत्री धनंजय मुंडे और सांसद पार्थ पवार उपस्थित रहे। बैठक में सीट बंटवारे के फार्मूले, संभावित उम्मीदवारों और चुनाव रणनीति पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
गठबंधन की स्थिति और तटकरे का बयान
बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सुनील तटकरे ने छगन भुजबल के साथ विश्वास जताया कि महा युति गठबंधन में सीट बंटवारे का गतिरोध शनिवार, 30 मई की दोपहर तक सुलझ जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि तीनों दलों — भारतीय जनता पार्टी (BJP), शिवसेना और एनसीपी — ने महा युति की सभी 17 सीटों पर एकजुट होकर चुनाव लड़ने पर सहमति जता दी है।
तटकरे ने बताया कि भाजपा, शिवसेना और एनसीपी के बीच सीट वितरण को लेकर बातचीत अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा, 'एनसीपी को कितनी सीटें चाहिए, इस बारे में हमने मुख्यमंत्री के समक्ष अपना रुख स्पष्ट कर दिया है।'
नामांकन की समयसीमा और प्रक्रिया
तटकरे ने बताया कि 1 जून को नामांकन की अंतिम तिथि होने और रविवार को अवकाश रहने के कारण शनिवार दोपहर तक अंतिम निर्णय लेना अनिवार्य है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शनिवार को नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया जारी रहेगी और एनसीपी को आवंटित सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा इसके बाद की जाएगी।
गौरतलब है कि हालाँकि कई उम्मीदवार अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं, लेकिन अभी तक किसी के नाम को अंतिम रूप नहीं दिया गया है।
विस्तारित कार्यकारी समिति की बैठक पर स्पष्टीकरण
तटकरे ने यह भी स्पष्ट किया कि उनके पैतृक गाँव सुतरवाड़ी में होने वाली आगामी विस्तारित कार्यकारी समिति की बैठक का विधान परिषद चुनावों से कोई संबंध नहीं है। यह बैठक अलग एजेंडे पर केंद्रित होगी।
आगे क्या
महा युति गठबंधन के लिए यह सीट बंटवारा सांगठनिक एकता की परीक्षा है। 30 मई की दोपहर तक यदि तीनों दल सहमति पर पहुँच जाते हैं, तो 1 जून को नामांकन प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी हो सकेगी और गठबंधन 18 जून के चुनाव के लिए एकजुट मोर्चे के साथ मैदान में उतरेगा।