सुनील तटकरे-शरद पवार मुलाकात के बाद महाराष्ट्र में सियासी हलचल, रोहित पवार का दावा — BJP में जा सकते हैं NCP के 22 विधायक

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सुनील तटकरे-शरद पवार मुलाकात के बाद महाराष्ट्र में सियासी हलचल, रोहित पवार का दावा — BJP में जा सकते हैं NCP के 22 विधायक

सारांश

सुनील तटकरे और शरद पवार की देर रात 'सिल्वर ओक' पर हुई बैठक ने महाराष्ट्र की राजनीति को हिला दिया है। रोहित पवार के दावे — कि NCP के 22 विधायक BJP में जा सकते हैं — और पार्टी के भीतर बड़े संगठनात्मक बदलाव मिलकर एक बड़े सियासी उलटफेर का संकेत दे रहे हैं।

मुख्य बातें

सुनील तटकरे और शरद पवार के बीच मंगलवार देर रात 'सिल्वर ओक' आवास पर बंद कमरे की बैठक हुई।
रोहित पवार का दावा — NCP के 22 विधायक जल्द BJP में शामिल हो सकते हैं।
पार्थ पवार और सुबोध मोहिते को महासचिव , जय पवार को तिहरी जिम्मेदारी दी गई।
छगन भुजबल और दिलीप वलसे पाटिल सूची में लेकिन बिना आधिकारिक पद के।
बृजमोहन श्रीवास्तव को राष्ट्रीय कार्यकारिणी और कार्यसमिति दोनों से बाहर रखा गया।

मुंबई में राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे और NCP (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार के बीच मंगलवार देर रात 'सिल्वर ओक' आवास पर हुई बंद कमरे की बैठक ने महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। इस मुलाकात के बाद रोहित पवार ने दावा किया है कि NCP के 22 विधायक जल्द ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो सकते हैं।

मुख्य घटनाक्रम

सुनील तटकरे और शरद पवार की यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब महाराष्ट्र की सत्तारूढ़ महायुति सरकार के भीतर गठबंधन समीकरण लगातार बदल रहे हैं। बैठक की आधिकारिक वजह सार्वजनिक नहीं की गई, जिससे अटकलों को और बल मिला है। रोहित पवार का यह बयान राज्य की राजनीति में एक नई बहस छेड़ गया है।

पार्टी संगठन में फेरबदल

इस बीच, NCP के भीतर संगठनात्मक बदलाव भी सामने आए हैं। राज्य परिषद सदस्य शिवाजीराव गर्जे को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। पार्थ पवार और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध मोहिते को महासचिव का पद सौंपा गया है, जबकि जय पवार को राष्ट्रीय सचिव, अनुशासन समिति अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष की तिहरी जिम्मेदारी दी गई है।

वरिष्ठ मंत्री छगन भुजबल और वरिष्ठ विधायक दिलीप वलसे पाटिल के नाम सूची में हैं, लेकिन उन्हें कोई आधिकारिक पदनाम नहीं दिया गया है — जो पार्टी के भीतर तनाव का संकेत माना जा रहा है।

राष्ट्रीय कार्यसमिति में नए चेहरे

पूर्व कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे — जिन्हें उच्च सदन में ताश खेलने के विवाद के बाद इस्तीफा देना पड़ा था — को राष्ट्रीय कार्यसमिति में सदस्य के रूप में स्थान दिया गया है। पार्टी विधायक चेतन तुपे, शेखर निकम, सना मलिक और सरोज अहिरे भी सदस्य बनाए गए हैं।

अन्य सदस्यों में पूर्व महासचिव अविनाश आदिक (जिन्हें राष्ट्रीय सचिव पद पर पदावनत किया गया है), धीरज शर्मा (राष्ट्रीय अध्यक्ष, युवा) और टोको तातुंग (विधायक व अरुणाचल प्रदेश अध्यक्ष) शामिल हैं। राष्ट्रीय सचिव संजय प्रजापति, राणा रणवीर सिंह, रमन प्रीत सिंह, धनंजय शर्मा और अभिषेक बोके को भी राष्ट्रीय कार्यसमिति में सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।

बाहर किए गए नेता

उल्लेखनीय है कि पूर्व महासचिव और राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता बृजमोहन श्रीवास्तव को न तो राष्ट्रीय कार्यकारिणी में और न ही राष्ट्रीय कार्यसमिति में जगह दी गई है — जो पार्टी के भीतर बड़े बदलाव का संकेत है।

आगे क्या होगा

रोहित पवार के दावे और तटकरे-पवार बैठक की परिस्थितियाँ मिलकर महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़े उलटफेर की आशंका को जन्म दे रही हैं। यदि NCP के 22 विधायक वास्तव में BJP में शामिल होते हैं, तो राज्य के सत्ता समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं। आने वाले दिनों में इस मामले पर और स्पष्टता की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन महाराष्ट्र की राजनीति में दल-बदल का इतिहास इसे खारिज करने की इजाजत नहीं देता। भुजबल और वलसे पाटिल जैसे दिग्गजों को बिना पद के सूची में रखना पार्टी के भीतर असंतोष की खुली स्वीकृति है। असली सवाल यह है कि क्या यह बैठक किसी बड़े राजनीतिक पुनर्गठन की पूर्व-पीठिका है या सिर्फ दो गुटों के बीच संवाद का प्रयास।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुनील तटकरे और शरद पवार की मुलाकात क्यों हुई?
मंगलवार देर रात 'सिल्वर ओक' आवास पर हुई इस बैठक की आधिकारिक वजह सार्वजनिक नहीं की गई है। यह मुलाकात महाराष्ट्र में बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच हुई, जिससे अटकलें तेज हो गई हैं।
रोहित पवार ने NCP के 22 विधायकों के BJP में जाने का दावा किस आधार पर किया?
रोहित पवार ने यह दावा किया है कि NCP के 22 विधायक BJP में शामिल हो सकते हैं, हालांकि उन्होंने इसके लिए कोई विस्तृत साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किए हैं। यह बयान तटकरे-पवार बैठक के बाद आया, जिससे इसकी राजनीतिक प्रासंगिकता बढ़ गई है।
NCP के संगठनात्मक बदलाव में किन नेताओं को नई जिम्मेदारियाँ मिलीं?
पार्थ पवार और सुबोध मोहिते को महासचिव, जय पवार को राष्ट्रीय सचिव व अनुशासन समिति अध्यक्ष, और शिवाजीराव गर्जे को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं छगन भुजबल और दिलीप वलसे पाटिल को सूची में शामिल तो किया गया, लेकिन कोई आधिकारिक पद नहीं दिया गया।
बृजमोहन श्रीवास्तव को NCP की नई कार्यसमिति से क्यों बाहर रखा गया?
पूर्व महासचिव और राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता बृजमोहन श्रीवास्तव को न राष्ट्रीय कार्यकारिणी में और न राष्ट्रीय कार्यसमिति में जगह दी गई है। इसकी कोई आधिकारिक वजह नहीं बताई गई, लेकिन यह पार्टी के भीतर बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है।
महाराष्ट्र की राजनीति पर इस घटनाक्रम का क्या असर पड़ सकता है?
यदि NCP के 22 विधायक BJP में शामिल होते हैं, तो महायुति सरकार के सत्ता समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं। यह घटनाक्रम महाराष्ट्र में एक बड़े राजनीतिक पुनर्गठन की संभावना को बल दे रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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