पश्चिम बंगाल सरकार का बड़ा फैसला: TMC शासन में बने अनधिकृत टोल प्लाजा तत्काल बंद करने का आदेश

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पश्चिम बंगाल सरकार का बड़ा फैसला: TMC शासन में बने अनधिकृत टोल प्लाजा तत्काल बंद करने का आदेश

सारांश

TMC शासन की विरासत में मिले अनधिकृत टोल गेटों पर पश्चिम बंगाल सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल ने राज्यभर के जिला मजिस्ट्रेटों को 15 मई 2026 तक सभी अवैध टोल केंद्रों की सूची सौंपने और उन्हें तत्काल बंद करने का आदेश दिया है।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल सरकार ने 13 मई 2026 को TMC शासन के दौरान स्थापित सभी अनधिकृत टोल गेटों को तत्काल बंद करने का आदेश जारी किया।
मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल ने सभी जिला मजिस्ट्रेटों को अनधिकृत टोल केंद्रों की पहचान कर उन्हें हटाने का निर्देश दिया।
अधिकृत और अनधिकृत दोनों टोल बिंदुओं की सूची 15 मई 2026, दोपहर 12 बजे तक अवर सचिव को सौंपना अनिवार्य किया गया।
TMC शासन के दौरान ये अनधिकृत टोल गेट मुख्यतः राज्य राजमार्गों पर फैले थे और सत्ताधारी दल के नेताओं द्वारा संचालित बताए जाते थे।
नए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कार्यभार संभालने के बाद जबरन वसूली गतिविधियों को समाप्त करने का वादा किया था।

पश्चिम बंगाल सरकार ने 13 मई 2026 को राज्यभर में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान सक्रिय सभी अनधिकृत टोल गेटों, ड्रॉप गेटों और बैरिकेड ढाँचों को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश जारी किया है। मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल द्वारा जारी इस आदेश में स्पष्ट किया गया है कि बिना सरकारी अनुमति के संचालित किसी भी टोल संग्रह केंद्र पर शुल्क वसूली पर तुरंत रोक लगाई जाए। यह कदम नए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के निष्पक्ष प्रशासन के वादे की दिशा में उठाया गया पहला बड़ा प्रशासनिक कदम माना जा रहा है।

आदेश में क्या कहा गया है

मुख्य सचिव के आदेश के अनुसार, पश्चिम बंगाल के सभी जिलों में स्थित वे सभी टोल गेट और संग्रह केंद्र जिन्हें राज्य सरकार के सक्षम प्राधिकारी द्वारा विधिवत अधिकृत नहीं किया गया है, उन्हें तत्काल बंद किया जाएगा। आदेश में स्पष्ट शब्दों में कहा गया है,

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की होगी। गौरतलब है कि ऐसे आदेश पहले भी जारी होते रहे हैं, परंतु ज़मीनी स्तर पर बदलाव सीमित रहा है। जब तक जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध नहीं होती, यह आदेश भी कागज़ी कार्रवाई तक सीमित रह सकता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल में अनधिकृत टोल गेट बंद करने का आदेश क्यों जारी किया गया?
TMC शासन के दौरान राज्य के राजमार्गों पर बड़ी संख्या में अनधिकृत टोल गेट स्थापित हो गए थे, जहाँ बिना रसीद के जबरन शुल्क वसूला जाता था। नई सरकार ने इन्हें तत्काल बंद करने और दोबारा स्थापना रोकने के लिए मुख्य सचिव के माध्यम से यह आदेश जारी किया।
यह आदेश किसने और कब जारी किया?
यह आदेश पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल ने 13 मई 2026 को जारी किया। आदेश में सभी जिला मजिस्ट्रेटों को 15 मई 2026, दोपहर 12 बजे तक अनधिकृत और अधिकृत टोल बिंदुओं की सूची अवर सचिव को सौंपने का निर्देश दिया गया है।
जिला मजिस्ट्रेटों को क्या करना होगा?
जिला मजिस्ट्रेटों को अपने अधिकार क्षेत्र में स्थित सभी अनधिकृत टोल संग्रह केंद्रों की पहचान करनी होगी, उन्हें तुरंत हटवाना होगा और उचित प्राधिकरण के बिना उनकी पुनः स्थापना रोकनी होगी। साथ ही अधिकृत और अनधिकृत दोनों टोल बिंदुओं की सूची निर्धारित समय सीमा में प्रस्तुत करनी होगी।
इस आदेश से आम नागरिकों को क्या फायदा होगा?
ट्रक ऑपरेटरों, बस ऑपरेटरों और निजी वाहन चालकों को अब बिना रसीद के अवैध शुल्क नहीं देना पड़ेगा। राज्य राजमार्गों पर आवागमन सुगम होगा और परिवहन लागत में कमी आने की संभावना है।
क्या आदेश न मानने पर कोई कार्रवाई होगी?
मुख्य सचिव के आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि आदेश का अक्षरशः पालन किया जाना चाहिए, अन्यथा जिम्मेदारी तय की जाएगी। इसका अर्थ है कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 3 सप्ताह पहले
  5. 3 सप्ताह पहले
  6. 4 सप्ताह पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 8 महीने पहले