पश्चिम बंगाल चुनाव: आयोग ने वोटर्स के लिए नया टोल-फ्री नंबर जारी किया
सारांश
Key Takeaways
- पश्चिम बंगाल के वोटर्स के लिए नया टोल-फ्री नंबर 18003450008 जारी किया गया है।
- मतदाता सीधे शिकायतें दर्ज कर सकते हैं।
- आयोग ने स्वतंत्र और शांतिपूर्ण मतदान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
- केंद्रीय बलों को चुनाव से पहले तैनात किया गया है।
- अशांति की स्थिति में तात्कालिक जांच का आश्वासन दिया गया है।
कोलकाता, १३ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। निर्वाचन आयोग ने सोमवार को एक नया टोल-फ्री नंबर प्रस्तुत किया है, जिससे पश्चिम बंगाल के मतदाता सीधे आयोग से किसी भी अशांति या कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं की रिपोर्ट कर सकें।
इसके साथ ही, आयोग ने एक विशेष ईमेल आईडी भी शुरू की है, ताकि वोटर बिना किसी देरी के अपनी शिकायतें दर्ज करवा सकें।
मतदाता अब इस टोल-फ्री नंबर पर कॉल करके या ईमेल भेजकर धमकी, डराने-धमकाने, मारपीट, या पोलिंग एजेंटों के कार्य में रुकावट जैसी समस्याओं की जानकारी दे सकते हैं।
आयोग पहले से ही पूरे देश में एक टोल-फ्री नंबर (१९५०) का संचालन कर रहा है। लेकिन, पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के लिए नया नंबर जारी किया गया है: १८००३४५०००८।
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने कहा कि चुनाव नजदीक हैं और हमें कानून-व्यवस्था से जुड़ी शिकायतें मिल रही हैं। इसलिए, हमने विशेष टोल-फ्री नंबर और ईमेल आईडी का आरंभ किया है। मतदाता किसी भी समय अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। शिकायत मिलने के बाद, हम उसकी जांच करेंगे और उचित कार्रवाई करेंगे।
आयोग ने स्वतंत्र और शांतिपूर्ण मतदान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। चुनाव के पहले ही पश्चिम बंगाल में केंद्रीय बलों को तैनात किया गया है, जो मतदाताओं में विश्वास बढ़ाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में रूट मार्च कर रहे हैं।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की अशांति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और शिकायतों की शीघ्रता से जांच की जाएगी।
इससे पूर्व, जिला मजिस्ट्रेटों ने अलग-अलग तरीकों से चुनाव में भाग लेने के लिए पश्चिम बंगाल के लोगों से अपील की कि वे बिना डर के पोलिंग बूथ पर आएं और बड़ी संख्या में अपने वोट डालें।
कोलकाता के दो चुनावी जिलों (दक्षिण और उत्तर) के तीन मुख्य चुनावी अधिकारियों ने एक साथ मीडिया से बात की।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से साझा संदेश यह था कि भारत का चुनाव आयोग इस बार १०० प्रतिशत स्वतंत्र, निष्पक्ष और हिंसा-मुक्त चुनाव सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
तीनों मुख्य चुनावी अधिकारियों ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में संभावित उपद्रवियों को कड़ी चेतावनी भी दी।
उन्होंने चेतावनी दी कि बूथ-जैमिग, सोर्स-जैमिग, मतदाताओं को डराना-धमकाना, या विरोधी दल के पोलिंग एजेंटों को परेशान करने के किसी भी प्रयास के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने जोर दिया कि इस बार का चुनाव भयमुक्त, हिंसा-मुक्त, डराने-धमकाने से मुक्त, प्रलोभन-मुक्त, और बूथ-जैमिग या सोर्स-जैमिग से पूरी तरह मुक्त होगा।