बंगाल चुनाव: डीजीपी और अधिकारियों के तबादले पर सुवेंदु अधिकारी की प्रतिक्रिया, थानेदारों को भी बदलने की मांग
सारांश
Key Takeaways
- सुवेंदु अधिकारी ने चुनाव आयोग के अधिकारियों के हटाए जाने पर प्रतिक्रिया दी।
- उन्होंने थानेदारों के बदलाव की मांग की है।
- चुनाव आयोग से निष्पक्ष चुनाव कराने की अपेक्षा जताई।
- बंगाल में दो चरणों में मतदान होगा।
- बंगाल सरकार से पुलिस अधिकारियों के ट्रांसफर की रिपोर्ट मांगी गई।
कोलकाता, १६ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने चुनाव आयोग द्वारा डीजीपी, कोलकाता के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के हटाए जाने पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने यह भी कहा कि थानेदारों को भी बदला जाना चाहिए। सुवेंदु अधिकारी ने उम्मीद जताई कि चुनाव आयोग पिछले चुनावों के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए अच्छे तरीके से चुनाव कराएगा।
सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि सबसे पहले पुलिस और प्रशासन को न्यूट्रल करना आवश्यक है। चुनाव की घोषणा को हुए अभी २४ घंटे नहीं हुए हैं, और उससे पहले ही डीजीपी, सीपी कोलकाता सहित कई अधिकारियों के तबादले कर दिए गए हैं। उम्मीदवारों की घोषणा पर उन्होंने कहा कि भाजपा नामांकन से पहले ही अपने उम्मीदवारों के नाम का एलान कर देगी। उन्होंने टीएमसी प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह केवल ड्रामा कर रही हैं।
चुनाव आयोग ने सोमवार को एक अन्य महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए बंगाल सरकार से उन पुलिस अधिकारियों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, जिनके ट्रांसफर के आदेश अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख (२८ फरवरी) के बाद जारी किए गए थे। राज्य सरकार को भेजे गए पत्र में चुनाव आयोग ने उन पुलिस अधिकारियों की सूची मांगी है, जिनके अधिकार क्षेत्र में २०२१ के विधानसभा चुनाव और २०२४ के लोकसभा चुनाव के दौरान चुनाव से संबंधित हिंसा की घटनाएं हुई थीं।
ज्ञात हो कि एक दिन पहले रविवार को चुनाव आयोग ने बंगाल व अन्य राज्यों के चुनाव की तारीखों की घोषणा की थी। इस बार बंगाल में दो चरणों में मतदान होगा। पहला चरण २३ अप्रैल को १५२ विधानसभा सीटों पर होगा, जबकि दूसरे चरण में २९ अप्रैल को १४२ विधानसभा सीटों पर मतदान होगा। पिछले विधानसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल में मतदान सात से आठ चरणों में हुआ था।