पश्चिम बंगाल चुनाव: भाजपा ने आयोग को पत्र लिखकर तीन पुलिस अधिकारियों को हटाने की अपील की
सारांश
Key Takeaways
- भाजपा ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर तीन पुलिस अधिकारियों को हटाने की मांग की।
- निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया को बनाए रखने के लिए अधिकारियों की निष्पक्षता आवश्यक है।
- पश्चिम बंगाल में राजनीतिक माहौल में हलचल तेज हो गई है।
- भाजपा के आरोपों पर चुनाव आयोग को कार्रवाई करने की आवश्यकता है।
- चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण है।
कोलकाता, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर कोलकाता पुलिस के तीन अधिकारियों को हटाने की मांग की है। भाजपा का यह आरोप है कि ये अधिकारी निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं, इसलिए इन्हें तुरंत राज्य से बाहर स्थानांतरित किया जाना चाहिए।
भाजपा ने अपने पत्र में कोलकाता पुलिस के डिप्टी कमिश्नर शांतनु सिन्हा बिस्वास, इंस्पेक्टर (आईसी) बिजितस्व राउत और सब-इंस्पेक्टर राहुल अमीन अली शाह का नाम लेते हुए कहा है कि इन अधिकारियों की उपस्थिति चुनाव की निष्पक्षता पर संदेह उत्पन्न कर सकती है। पार्टी का मानना है कि चुनाव से पूर्व इन अधिकारियों को हटाना अनिवार्य है ताकि मतदान प्रक्रिया पर कोई भी नकारात्मक प्रभाव न पड़े।
पत्र में भाजपा ने यह भी बताया है कि एक वायरल वीडियो में ये अधिकारी पश्चिम बंगाल पुलिस वेलफेयर कमेटी के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की जीत सुनिश्चित करने के लिए अपील करते हुए दिखाई दे रहे हैं। भाजपा का कहना है कि इस तरह का आचरण चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है और इससे अधिकारियों की निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्न उठते हैं।
भाजपा ने यह भी उल्लेख किया कि इन आरोपों के संबंध में पहले भी चुनाव आयोग को शिकायत की जा चुकी है। 9 मार्च 2026 को आयोग की पूर्ण बेंच के समक्ष और 22 मार्च 2026 को लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
इसके अलावा, पार्टी ने 2021 के विधानसभा चुनाव का हवाला देते हुए कहा कि उस समय शांतनु सिन्हा बिस्वास का कूच बिहार से चुनाव समाप्त होने के बाद स्थानांतरण कर दिया गया था, ताकि उन्हें मतदान क्षेत्र में तैनात न रखा जाए।
भाजपा ने अपने पत्र में यह स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों का निष्पक्ष होना अत्यंत आवश्यक है। विशेष रूप से कानून-व्यवस्था संभालने वाले अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए भाजपा ने चुनाव आयोग से अनुरोध किया है कि बिना किसी देरी के उचित कदम उठाए जाएं और संबंधित अधिकारियों को चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने तक पश्चिम बंगाल से बाहर ट्रांसफर किया जाए, ताकि निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव सुनिश्चित हो सके।