भाजपा ने टीएमसी पर पीएम मोदी और अमित शाह को निशाना बनाने के लिए चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज की
सारांश
Key Takeaways
- भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बने वीडियो का आरोप।
- ममता बनर्जी के खिलाफ भी आरोप।
- भाजपा ने आयोग से त्वरित कार्रवाई की गुजारिश की है।
- बाली में हमले को लेकर भी शिकायत दर्ज की गई।
कोलकाता, १६ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पश्चिम बंगाल शाखा ने गुरुवार को भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) से संपर्क कर तृणमूल कांग्रेस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को निशाना बनाते हुए सुनियोजित तरीके से मानहानिकारक, छेड़छाड़ किए गए और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से तैयार किए गए वीडियो सामग्री फैलाने का आरोप लगाया।
भाजपा ने आरोप लगाया कि वीडियो सामग्री मनगढ़ंत और तोड़-मरोड़कर पेश की गई है, जिसका उद्देश्य जानबूझकर गलत धारणाएं उत्पन्न करना था। इसका मुख्य मकसद मतदाताओं को गुमराह करना और चुनावी माहौल को प्रभावित करना था।
भाजपा ने आयोग से अनुरोध किया कि वह तृणमूल कांग्रेस को सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से ये वीडियो हटाने का निर्देश दे और सत्ताधारी पार्टी को कारण बताओ नोटिस जारी करे।
आयोग में एक और शिकायत में, भाजपा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) और वीवीपीएटी मशीनों के बारे में भ्रामक, झूठे और भड़काऊ सार्वजनिक बयान देने का आरोप लगाया।
शिकायत पत्र में कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने ऐसे दावे किए जिनमें कहा गया था कि भाजपा, ईसीआई की मदद से चुनावी प्रक्रिया में हेरफेर करने की कोशिश कर रही है।
भाजपा ने आयोग से गुजारिश की कि मुख्यमंत्री के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए और उन्हें ईवीएम और वीवीपीएटी के बारे में आगे और झूठे और भ्रामक बयान देने से रोका जाए।
भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई ने गुरुवार को ईसीआई में एक तीसरी शिकायत भी दायर की। यह शिकायत बाली में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के काफिले पर कथित हमले के बारे में थी, जब वह एक चुनावी रोड शो कर रहे थे।
भाजपा ने पत्र में कहा कि हाल के दिनों में पश्चिम बंगाल में कई ऐसी घटनाएं हुई हैं जिनमें भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं पर शारीरिक हमले किए गए, उन्हें कानूनी चुनावी गतिविधियों से रोका गया, उन्हें डराया-धमकाया गया, और पहले से जानकारी और अनुमति होने के बावजूद उन्हें पर्याप्त पुलिस सुरक्षा नहीं दी गई।
भाजपा ने आयोग से गुजारिश की कि वह बाली की घटना में शामिल सभी लोगों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दे और सभी को चुनाव लड़ने का समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की कड़ी तैनाती सुनिश्चित करे।