जयपुर: झोटवाड़ा में सीवर टैंक में गिरने से दो सफाई कर्मचारियों की जान चली गई
सारांश
मुख्य बातें
जयपुर, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। झोटवाड़ा क्षेत्र में शुक्रवार को सफाई के कार्य के दौरान सीवर टैंक में गिरने के कारण दो सफाई कर्मचारियों की जान चली गई। इस घटना ने एक बार फिर ठेका कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंताओं को जन्म दिया है।
यह दुर्घटना झोटवाड़ा जोन के अंतर्गत 200-फीट रोड के पास हुई। दोनों मृतक सफाईकर्मी ठेका श्रमिक थे, जिन्हें कथित तौर पर सफाई के लिए टैंक में जाने का आदेश दिया गया था।
सूत्रों के अनुसार, टैंक के अंदर जहरीली गैसों की मौजूदगी के कारण कर्मचारियों की तबीयत बिगड़ गई। जब उनकी स्थिति गंभीर हो गई, तो उन्हें बाहर निकाला गया और कांवटिया अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस रिपोर्ट के समय तक मृतकों की पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी थी। घटना के पश्चात, परिवार के सदस्य और स्थानीय लोग अस्पताल की मोर्चरी के बाहर एकत्र हो गए, जहां शोक और दुःख का माहौल था।
इन मौतों ने सीवर सफाई अभियानों के दौरान सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि कर्मचारियों को बिना उचित सुरक्षा उपकरणों के टैंक में भेजा गया था।
ऐसे तरीके सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी सुरक्षा दिशा-निर्देशों का उल्लंघन हैं, जो बिना उचित सुरक्षा उपायों के सीवर और सेप्टिक टैंक में हाथ से घुसने पर रोक लगाते हैं। इसके बावजूद, देश के विभिन्न हिस्सों से सफाई कर्मचारियों की मौत की घटनाएं निरंतर सामने आ रही हैं।
इस मामले में आरोप लगाया गया है कि जिम्मेदार ठेकेदार घटना के तुरंत बाद मौके से भाग गया, जिससे जवाबदेही पर प्रश्न उठ रहे हैं। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटना की जांच प्रारंभ कर दी है।
अधिकारियों ने कहा कि जांच के बाद जिम्मेदारी तय की जाएगी और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल को सख्ती से लागू करने की आवश्यकता को उजागर किया है।