असम के गोलपारा में सेप्टिक टैंक हादसा: जहरीली गैस से 3 की मौत, सेना जवान भी शहीद
सारांश
मुख्य बातें
असम के गोलपारा जिले में 29 मई 2026 को एक सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से 3 लोगों की मौत हो गई, जिनमें भारतीय सेना के जवान जोचोक राभा भी शामिल थे। अधिकारियों के अनुसार, घटना उस समय हुई जब राभा के घर पर टॉयलेट टैंक की सफाई का काम चल रहा था और एक के बाद एक तीन लोग उस बंद जगह में उतर गए।
मुख्य घटनाक्रम
मृतकों की पहचान जोचोक राभा (सेना जवान एवं घर के मालिक), राजमिस्त्री कृष्ण राय और मजदूर दिलीप दास के रूप में हुई है। अधिकारियों के अनुसार, राभा एक हफ्ते की छुट्टी पर घर लौटे थे और घर में निर्माण-संबंधी कार्य शुरू करवाने से पहले उन्होंने सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए मजदूरों को बुलाया था।
सफाई के दौरान सबसे पहले दिलीप दास टैंक के अंदर उतरे, जहाँ बंद जगह में जमा जहरीली गैस के कारण वे जल्द ही बेहोश होकर गिर पड़े। उन्हें बचाने की कोशिश में कृष्ण राय टैंक में उतरे, लेकिन दम घुटने से वे भी बेहोश हो गए। इसके बाद जोचोक राभा स्वयं दोनों को बचाने के इरादे से टैंक के अंदर गए और जहरीली गैस की चपेट में आकर वहीं गिर पड़े।
चौथे व्यक्ति ने बचाई अपनी जान
बचाव की कोशिश में बाजपेयी राभा नामक एक स्थानीय निवासी भी टैंक में उतरे, लेकिन सांस लेने में तीव्र कठिनाई होने पर उन्होंने जोर से आवाज लगाई। आस-पास के लोगों ने आवाज सुनकर तुरंत मौके पर पहुँचकर उन्हें जीवित बाहर निकाला। उन्हें इलाज के लिए गोलपारा के शहीद निधुराम राजबोंगशी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
सुरक्षा उपायों पर सवाल
अधिकारियों ने पुष्टि की कि टैंक के अंदर फंसे तीनों लोगों की मौत मौके पर ही हो गई, जो संभवतः जहरीली गैस सांस के जरिए अंदर जाने के कारण हुई। पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है और यह जाँचा जा रहा है कि सफाई के दौरान सुरक्षा के उचित उपायों का पालन किया गया था या नहीं। गौरतलब है कि सेप्टिक टैंक और सीवर सफाई के दौरान सुरक्षा उपकरणों के अभाव में इस प्रकार की दुर्घटनाएँ भारत में बार-बार सामने आती हैं।
आम जनता पर असर
इस घटना से गोलपारा जिले में सदमे और शोक का माहौल है। जोचोक राभा की मृत्यु विशेष रूप से मार्मिक है, क्योंकि वे सेना में सेवारत थे और छुट्टी पर घर आए थे। स्थानीय लोगों ने सफाईकर्मियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।
क्या होगा आगे
पुलिस जाँच के नतीजों के आधार पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर जवाबदेही तय किए जाने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सफाईकर्मियों को सुरक्षा उपकरण और प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से दिया जाना चाहिए।