14 जुलाई 2026
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असम के गोलपारा में सेप्टिक टैंक हादसा: जहरीली गैस से 3 की मौत, सेना जवान भी शहीद

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असम के गोलपारा में सेप्टिक टैंक हादसा: जहरीली गैस से 3 की मौत, सेना जवान भी शहीद

सारांश

असम के गोलपारा में सेप्टिक टैंक सफाई के दौरान जहरीली गैस ने 3 जिंदगियाँ लील लीं — मृतकों में सेना जवान जोचोक राभा भी शामिल, जो छुट्टी पर घर आए थे। एक के बाद एक तीन लोग बचाव में उतरे और तीनों की जान गई। यह हादसा सफाईकर्मियों की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करता है।

मुख्य बातें

असम के गोलपारा जिले में 29 मई 2026 को सेप्टिक टैंक में जहरीली गैस से 3 लोगों की मौत ।
मृतकों में सेना जवान जोचोक राभा , राजमिस्त्री कृष्ण राय और मजदूर दिलीप दास शामिल।
तीनों एक के बाद एक टैंक में उतरे — पहले मजदूर, फिर राजमिस्त्री, फिर राभा — और जहरीली गैस से बेहोश होकर मारे गए।
चौथे व्यक्ति बाजपेयी राभा को स्थानीय लोगों ने जीवित निकाला; गोलपारा के शहीद निधुराम राजबोंगशी अस्पताल में हालत गंभीर।
पुलिस ने जाँच शुरू की, सफाई के दौरान सुरक्षा उपायों की अनदेखी की जाँच होगी।

असम के गोलपारा जिले में 29 मई 2026 को एक सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से 3 लोगों की मौत हो गई, जिनमें भारतीय सेना के जवान जोचोक राभा भी शामिल थे। अधिकारियों के अनुसार, घटना उस समय हुई जब राभा के घर पर टॉयलेट टैंक की सफाई का काम चल रहा था और एक के बाद एक तीन लोग उस बंद जगह में उतर गए।

मुख्य घटनाक्रम

मृतकों की पहचान जोचोक राभा (सेना जवान एवं घर के मालिक), राजमिस्त्री कृष्ण राय और मजदूर दिलीप दास के रूप में हुई है। अधिकारियों के अनुसार, राभा एक हफ्ते की छुट्टी पर घर लौटे थे और घर में निर्माण-संबंधी कार्य शुरू करवाने से पहले उन्होंने सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए मजदूरों को बुलाया था।

सफाई के दौरान सबसे पहले दिलीप दास टैंक के अंदर उतरे, जहाँ बंद जगह में जमा जहरीली गैस के कारण वे जल्द ही बेहोश होकर गिर पड़े। उन्हें बचाने की कोशिश में कृष्ण राय टैंक में उतरे, लेकिन दम घुटने से वे भी बेहोश हो गए। इसके बाद जोचोक राभा स्वयं दोनों को बचाने के इरादे से टैंक के अंदर गए और जहरीली गैस की चपेट में आकर वहीं गिर पड़े।

चौथे व्यक्ति ने बचाई अपनी जान

बचाव की कोशिश में बाजपेयी राभा नामक एक स्थानीय निवासी भी टैंक में उतरे, लेकिन सांस लेने में तीव्र कठिनाई होने पर उन्होंने जोर से आवाज लगाई। आस-पास के लोगों ने आवाज सुनकर तुरंत मौके पर पहुँचकर उन्हें जीवित बाहर निकाला। उन्हें इलाज के लिए गोलपारा के शहीद निधुराम राजबोंगशी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

सुरक्षा उपायों पर सवाल

अधिकारियों ने पुष्टि की कि टैंक के अंदर फंसे तीनों लोगों की मौत मौके पर ही हो गई, जो संभवतः जहरीली गैस सांस के जरिए अंदर जाने के कारण हुई। पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है और यह जाँचा जा रहा है कि सफाई के दौरान सुरक्षा के उचित उपायों का पालन किया गया था या नहीं। गौरतलब है कि सेप्टिक टैंक और सीवर सफाई के दौरान सुरक्षा उपकरणों के अभाव में इस प्रकार की दुर्घटनाएँ भारत में बार-बार सामने आती हैं।

आम जनता पर असर

इस घटना से गोलपारा जिले में सदमे और शोक का माहौल है। जोचोक राभा की मृत्यु विशेष रूप से मार्मिक है, क्योंकि वे सेना में सेवारत थे और छुट्टी पर घर आए थे। स्थानीय लोगों ने सफाईकर्मियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।

क्या होगा आगे

पुलिस जाँच के नतीजों के आधार पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर जवाबदेही तय किए जाने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सफाईकर्मियों को सुरक्षा उपकरण और प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से दिया जाना चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

जमीनी हकीकत यह है कि सफाईकर्मी अक्सर बिना ऑक्सीजन मास्क, सुरक्षा रस्सी या प्रशिक्षण के काम करते हैं। जोचोक राभा का मामला विशेष रूप से मार्मिक है — एक सैनिक जो देश की सेवा करते हुए घर पर भी असुरक्षित परिस्थितियों में जान गँवा बैठा। पुलिस जाँच ज़रूरी है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या राज्य और स्थानीय प्रशासन सफाई कार्यों में सुरक्षा प्रोटोकॉल को अनिवार्य और सत्यापन-योग्य बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाएंगे।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम के गोलपारा सेप्टिक टैंक हादसे में क्या हुआ?
29 मई 2026 को गोलपारा जिले में एक सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से 3 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में सेना जवान जोचोक राभा, राजमिस्त्री कृष्ण राय और मजदूर दिलीप दास शामिल हैं।
सेना जवान जोचोक राभा की मृत्यु कैसे हुई?
जोचोक राभा एक हफ्ते की छुट्टी पर घर आए थे और घर में निर्माण कार्य से पहले सेप्टिक टैंक सफाई करवा रहे थे। जब दो मजदूर टैंक में बेहोश हो गए, तो राभा उन्हें बचाने के लिए खुद टैंक में उतरे और जहरीली गैस की चपेट में आकर उनकी भी मौत हो गई।
क्या कोई बचा और उनकी स्थिति कैसी है?
बाजपेयी राभा नामक एक स्थानीय निवासी को स्थानीय लोगों ने जीवित बाहर निकाला। उन्हें गोलपारा के शहीद निधुराम राजबोंगशी अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
इस हादसे की जाँच कौन कर रहा है?
पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है। अधिकारियों से उम्मीद है कि वे यह जाँचेंगे कि सफाई के दौरान सुरक्षा के उचित उपायों का पालन किया गया था या नहीं।
सेप्टिक टैंक में जहरीली गैस इतनी खतरनाक क्यों होती है?
बंद सेप्टिक टैंकों में हाइड्रोजन सल्फाइड और मीथेन जैसी जहरीली गैसें जमा हो जाती हैं, जो तेजी से बेहोशी और मौत का कारण बन सकती हैं। बिना सुरक्षा उपकरणों के टैंक में उतरना अत्यंत खतरनाक होता है, और बचाव के प्रयास में उतरने वाले भी इसी खतरे की चपेट में आ जाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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