हजारीबाग में जहरीली गैस से एक परिवार के तीन सदस्यों की मौत, महुआ टैंक बना काल
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के हजारीबाग जिले के कटकमदाग थाना क्षेत्र स्थित कूद बस्ती में 27 मई 2025 की देर रात एक दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है। अधिकारियों के अनुसार, अवैध महुआ शराब निर्माण के लिए बनाए गए एक बंद टैंक में उतरने के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से यह हादसा हुआ।
मृतकों की पहचान
मृतकों की पहचान बड़की देवी (50 वर्ष), उनके देवर महेंद्र साव (45 वर्ष) और बड़की देवी के पुत्र रवि कुमार (25 वर्ष) के रूप में हुई है। बड़की देवी के पति आनंद साव (55 वर्ष) गंभीर रूप से बीमार हैं और उनका उपचार हजारीबाग मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जारी है।
हादसे का घटनाक्रम
स्थानीय लोगों के अनुसार, पीड़ित परिवार लंबे समय से महुआ शराब निर्माण के कारोबार से जुड़ा था। हाल ही में एक नया टैंक तैयार किया गया था, जिसमें महुआ को सड़ाने के लिए रखा गया था। मंगलवार रात सड़ा हुआ महुआ निकालने के लिए सबसे पहले बड़की देवी टैंक में उतरीं, लेकिन काफी देर तक बाहर नहीं आईं।
उन्हें ढूंढने के लिए उनके देवर महेंद्र साव टैंक के अंदर गए, परंतु वह भी बाहर नहीं निकले। इसके बाद रवि कुमार अपनी माँ और चाचा को बचाने उतरे, लेकिन वह भी जहरीली गैस की चपेट में आकर बेहोश हो गए। अंततः आनंद साव भी टैंक में उतरे और गैस के प्रभाव से अचेत हो गए।
घर और आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मचने के बाद ग्रामीणों ने किसी तरह चारों को टैंक से बाहर निकाला। तब तक बड़की देवी, महेंद्र साव और रवि कुमार की मौत हो चुकी थी।
जहरीली गैस की आशंका
प्राथमिक जाँच में आशंका जताई जा रही है कि बंद टैंक में सड़े महुआ से मिथेन समेत अन्य जहरीली गैसें उत्पन्न हो गई थीं। ऑक्सीजन की कमी और विषैली गैसों के संयुक्त प्रभाव से चारों लोग बेहोश हुए। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में अवैध शराब निर्माण की घटनाएँ लगातार सामने आती रही हैं।
पुलिस की कार्रवाई
सूचना मिलते ही कटकमदाग थाना पुलिस मौके पर पहुँची और तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस पूरे मामले की जाँच कर रही है और साथ ही अवैध शराब निर्माण के नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है और प्रशासन हरकत में आ गया है।