लोहरदगा सड़क हादसा: शराब लदे ट्रक ने स्कूटी को रौंदा, मां-बेटे समेत तीन की दर्दनाक मौत

Click to start listening
लोहरदगा सड़क हादसा: शराब लदे ट्रक ने स्कूटी को रौंदा, मां-बेटे समेत तीन की दर्दनाक मौत

सारांश

झारखंड के लोहरदगा में NH-39 पर शराब लदे ट्रक ने स्कूटी को कुचला — मां-बेटे समेत तीन की मौत, तीन घायल। ग्रामीणों ने हाईवे जाम किया, प्रशासन ने राहत सामग्री दी। दुर्घटना ने झारखंड में सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े किए।

Key Takeaways

  • 24 अप्रैल 2025 को झारखंड के लोहरदगा में NH-39 पर भीषण सड़क हादसा हुआ।
  • शराब लदे मालवाहक वाहन ने स्कूटी को टक्कर मारी, जिसमें विषुण भगताइन, किशोर भगत और निरंजन उरांव की मौत हुई।
  • मृतक मांडर अस्पताल में भर्ती अपने बीमार परिजन से मिलने जा रहे थे।
  • हादसे में विनत मुंडा, विकास मिंज और टिंकू राम घायल हुए; दो को RIMS रांची रेफर किया गया।
  • ग्रामीणों ने दो घंटे तक हाईवे जाम किया; प्रशासन ने दो क्विंटल चावल व नकद राशि राहत में दी।
  • घटनास्थल पर शराब लूटने की कोशिश हुई, जिसे थाना प्रभारी अजीत कुमार ने नाकाम किया।

झारखंड के लोहरदगा जिले में नेशनल हाईवे-39 (कुड़ू-रांची मुख्य मार्ग) पर शुक्रवार, 24 अप्रैल 2025 को एक भीषण सड़क दुर्घटना में मां-बेटे समेत तीन लोगों की जान चली गईकुड़ू थाना क्षेत्र के ढुलुवाखुंटा के पास रांची से पलामू जा रहे शराब लदे मालवाहक वाहन और एक स्कूटी के बीच जबरदस्त आमने-सामने की टक्कर हुई, जिसने तीन परिवारों को शोक में डुबो दिया।

हादसे का पूरा घटनाक्रम

रोन्हैया कोलसिमरी गांव निवासी विषुण भगताइन अपने पुत्र किशोर भगत और भतीजे निरंजन उरांव के साथ स्कूटी पर सवार होकर मांडर अस्पताल की ओर जा रही थीं, जहां उनके पति उपचाराधीन हैं। इसी दौरान विपरीत दिशा से आ रहे शराब लदे मालवाहक वाहन ने स्कूटी को बुरी तरह रौंद दिया।

टक्कर इतनी भीषण थी कि किशोर भगत और निरंजन उरांव की मौके पर ही मृत्यु हो गई। गंभीर रूप से घायल विषुण भगताइन को तत्काल लोहरदगा सदर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। इस तरह एक परिवार ने अपनी मां और पुत्र को एक ही झटके में खो दिया।

सड़क पर बिखरी शराब, लूट की कोशिश

दुर्घटना के बाद मालवाहक वाहन बीच सड़क पर पलट गया, जिससे उसमें लदी शराब की बोतलें सड़क पर बिखर गईं। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई और कुछ असामाजिक तत्वों ने शराब लूटने का प्रयास किया।

सूचना पाकर मौके पर पहुंचे कुड़ू थाना प्रभारी अजीत कुमार ने स्थिति को नियंत्रण में लिया और शराब लूटने की कोशिश कर रहे लोगों को खदेड़ा। हाईवे पर करीब दो घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा।

ग्रामीणों का आक्रोश, हाईवे जाम

हादसे से आक्रोशित ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर NH-39 को जाम कर दिया। सीओ संतोष उरांव और थाना प्रभारी अजीत कुमार ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत की और करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद जाम हटवाने में सफलता मिली।

प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को तत्काल राहत के रूप में अंतिम संस्कार हेतु नकद राशि और दो क्विंटल चावल उपलब्ध कराया है। हालांकि, परिजन सरकार से उचित मुआवजे की मांग पर अड़े हुए हैं।

मालवाहक वाहन में सवार तीन घायल

इस दुर्घटना में मालवाहक वाहन में सवार तीन लोग भी घायल हुए। घायलों की पहचान रांची के कांके निवासी विनत मुंडा, विकास मिंज और टिंकू राम के रूप में हुई है। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल विनत मुंडा और विकास मिंज को बेहतर इलाज के लिए RIMS, रांची रेफर किया गया है।

झारखंड में सड़क हादसों की बढ़ती चिंता

यह हादसा इस बात की ओर ध्यान दिलाता है कि झारखंड के राष्ट्रीय राजमार्गों पर ओवरलोडेड और तेज रफ्तार मालवाहक वाहनों से दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है। NH-39 पर पहले भी कई बड़े हादसे हो चुके हैं, लेकिन सड़क सुरक्षा उपायों की कमी और भारी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही एक गंभीर समस्या बनी हुई है।

गौरतलब है कि झारखंड में प्रतिवर्ष सड़क दुर्घटनाओं में सैकड़ों लोग अपनी जान गंवाते हैं। ऐसे में मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा और दोषी वाहन चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग अब तेज होने की संभावना है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और मालवाहक वाहन चालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

Point of View

बल्कि झारखंड के राष्ट्रीय राजमार्गों पर व्याप्त अव्यवस्था का आईना है — जहां ओवरलोडेड मालवाहक वाहन बिना किसी जवाबदेही के दौड़ते हैं और आम परिवार कीमत चुकाते हैं। विडंबना यह है कि जो वाहन शराब ढो रहा था, उसने तीन जिंदगियां छीन लीं — और घटनास्थल पर शराब लूटने की कोशिश ने प्रशासनिक विफलता की एक और परत उजागर की। प्रशासन का दो क्विंटल चावल और कुछ नकद राशि से काम चलाना यह दर्शाता है कि सड़क हादसों में मारे गए गरीब परिवारों के लिए राज्य की संवेदनशीलता कितनी सीमित है। जब तक भारी वाहनों की निगरानी, हाईवे पर स्पीड नियंत्रण और पीड़ित परिवारों को त्वरित मुआवजे की ठोस नीति नहीं बनती, ऐसे हादसे रुकने वाले नहीं।
NationPress
24/04/2026

Frequently Asked Questions

लोहरदगा सड़क हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?
लोहरदगा के NH-39 पर हुए इस हादसे में मां-बेटे समेत तीन लोगों की मौत हुई। मृतकों में विषुण भगताइन, उनके पुत्र किशोर भगत और भतीजे निरंजन उरांव शामिल हैं।
झारखंड लोहरदगा हादसे में मालवाहक वाहन में क्या लदा था?
दुर्घटनाग्रस्त मालवाहक वाहन में शराब लदी हुई थी, जो रांची से पलामू जा रही थी। टक्कर के बाद वाहन पलट गया और शराब की बोतलें सड़क पर बिखर गईं।
लोहरदगा हादसे में घायल लोगों का इलाज कहां हो रहा है?
मालवाहक वाहन में सवार तीन लोग घायल हुए — विनत मुंडा, विकास मिंज और टिंकू राम। गंभीर रूप से घायल विनत मुंडा और विकास मिंज को RIMS, रांची रेफर किया गया है।
लोहरदगा हादसे के बाद ग्रामीणों ने क्या किया?
हादसे से आक्रोशित ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर NH-39 को जाम कर दिया। सीओ संतोष उरांव और थाना प्रभारी अजीत कुमार की समझाइश के बाद करीब दो घंटे बाद जाम हटा।
लोहरदगा दुर्घटना में मृतकों के परिजनों को क्या सहायता मिली?
प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए नकद राशि और दो क्विंटल चावल उपलब्ध कराया है। हालांकि परिजन उचित मुआवजे की मांग पर अड़े हुए हैं।
Nation Press