भारत टैक्सी मुंबई में लॉन्च: 5.17 लाख ड्राइवरों को मिलेगा डिजिटल मंच, पीयूष गोयल ने किया उद्घाटन
सारांश
Key Takeaways
- पीयूष गोयल ने 24 अप्रैल को मुंबई में भारत टैक्सी के ड्राइवर ऑनबोर्डिंग अभियान का उद्घाटन किया।
- प्लेटफॉर्म से अब तक 5.17 लाख से अधिक ड्राइवर और 50 लाख से ज्यादा यात्री जुड़ चुके हैं।
- प्रतिमाह लगभग 10 लाख राइड्स पूरी की जा रही हैं।
- भारत टैक्सी COO विवेक पांडे ने मुंबई को बड़ा और संभावनाओं से भरा बाजार बताया।
- यह विस्तार अमित शाह के तीन वर्षों में सभी प्रमुख शहरों तक पहुंचने के विजन का हिस्सा है।
- मुंबई अब दिल्ली-एनसीआर, गुजरात, चंडीगढ़ और लखनऊ के साथ भारत टैक्सी के सक्रिय शहरों में शामिल हो गया।
मुंबई, 24 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मुंबई में भारत टैक्सी के ड्राइवर ऑनबोर्डिंग अभियान का औपचारिक उद्घाटन किया। यह पहल शहरी परिवहन को सहकारी और तकनीक-आधारित मॉडल के जरिए नई दिशा देने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। इस कदम से लाखों ऑटो-रिक्शा और कैब चालकों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़कर उनकी आजीविका बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
कार्यक्रम में किसने लिया हिस्सा
इस उद्घाटन समारोह में सैकड़ों ऑटो-रिक्शा और कैब ड्राइवरों, परिवहन यूनियन प्रतिनिधियों और सहकारी संस्थाओं के सदस्यों ने भाग लिया। मुंबई जैसे महानगर में ड्राइवर यूनियनों का इस अभियान को मिला समर्थन इस विस्तार को और अधिक महत्वपूर्ण बनाता है।
भारत टैक्सी के मुख्य परिचालन अधिकारी (COO) विवेक पांडे ने कहा कि मुंबई एक विशाल और असीम संभावनाओं से भरा बाजार है और यहां के ड्राइवर यूनियनों का सहयोग कंपनी के विस्तार के लिए अत्यंत उत्साहवर्धक है।
भारत टैक्सी का ड्राइवर-केंद्रित मॉडल क्या है
मंत्री पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया कि भारत टैक्सी ड्राइवरों को महज कर्मचारी नहीं, बल्कि व्यावसायिक भागीदार के रूप में जोड़ती है। डिजिटल टूल्स के माध्यम से पारदर्शिता, बेहतर आमदनी और सम्मानजनक कार्य-परिस्थितियां सुनिश्चित करना इस मॉडल की मूल विशेषता है।
उन्होंने यह भी कहा कि सहकारी और तकनीक-संचालित मॉडल भारत के बदलते शहरी परिवहन तंत्र की रीढ़ बनेंगे और भविष्य की मोबिलिटी की दिशा तय करेंगे।
प्रमुख आंकड़े और विस्तार की स्थिति
सहकारिता मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक 5.17 लाख से अधिक ड्राइवर इस प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं। इसके अलावा 50 लाख से ज्यादा पंजीकृत यात्री हैं और प्रतिमाह लगभग 10 लाख राइड्स पूरी की जा रही हैं।
मुंबई के इस विस्तार के साथ अब दिल्ली-एनसीआर, गुजरात, चंडीगढ़ और लखनऊ जैसे शहरों की श्रेणी में एक और बड़ा महानगर जुड़ गया है, जहां संगठित मोबिलिटी नेटवर्क तेजी से पसर रहा है।
अमित शाह के विजन से जुड़ी है यह योजना
सहकारिता मंत्रालय के मुताबिक, यह विस्तार केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के उस दूरदर्शी लक्ष्य के अनुरूप है, जिसमें अगले तीन वर्षों में भारत टैक्सी को देश के समस्त प्रमुख शहरों तक पहुंचाने की परिकल्पना की गई है। मुंबई इस दिशा में एक निर्णायक और प्रतीकात्मक कदम माना जा रहा है।
यह ऑनबोर्डिंग अभियान सरल पंजीकरण प्रक्रिया, बेहतर संचालन व्यवस्था और राइड की निरंतर मांग सुनिश्चित करके ड्राइवरों और यात्रियों दोनों के लिए एक टिकाऊ और समावेशी परिवहन तंत्र खड़ा करने की कोशिश है।
व्यापक संदर्भ और प्रभाव विश्लेषण
गौरतलब है कि ओला और उबर जैसी निजी राइड-हेलिंग कंपनियों पर ड्राइवरों के शोषण, मनमाने कमीशन और असुरक्षित कार्य-परिस्थितियों के आरोप लगातार लगते रहे हैं। ऐसे में सरकार समर्थित सहकारी मॉडल भारत टैक्सी एक वैकल्पिक और अधिक न्यायसंगत व्यवस्था के रूप में उभर रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मॉडल मुंबई जैसे जटिल महानगर में सफल होता है, तो यह पूरे देश के शहरी परिवहन क्षेत्र में एक बड़े बदलाव की नींव रख सकता है। आने वाले महीनों में इस अभियान का विस्तार देश के अन्य टियर-1 और टियर-2 शहरों तक होने की उम्मीद है।