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बड़ा फैसला: ओडिशा में भीषण लू के बीच 27 अप्रैल से सभी स्कूल बंद, CM माझी ने दी मंजूरी

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बड़ा फैसला: ओडिशा में भीषण लू के बीच 27 अप्रैल से सभी स्कूल बंद, CM माझी ने दी मंजूरी

सारांश

ओडिशा में भीषण हीटवेव के बीच CM मोहन चरण माझी ने 27 अप्रैल से सभी सरकारी, अनुदानित और निजी स्कूलों में समय से पहले गर्मी की छुट्टियां घोषित कीं। झारसुगुड़ा-तलचर में 44°C तापमान, IMD ने येलो अलर्ट जारी किया।

मुख्य बातें

27 अप्रैल 2025 से ओडिशा के सभी सरकारी, अनुदानित और निजी स्कूलों में समय से पहले ग्रीष्मकालीन अवकाश लागू होगा।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने स्कूल एवं जन शिक्षा विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी देकर यह आदेश जारी किया।
झारसुगुड़ा और तलचर में तापमान 44°C तक पहुंचा; राज्य के 24 शहरों में पारा 40°C से ऊपर रहा।
IMD ने बलांगीर, झारसुगुड़ा, संबलपुर, क्योंझर और खुर्दा जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया।
हीट स्ट्रोक की आशंका को देखते हुए जनगणना कार्य भी सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच रोका गया।
पहले से निर्धारित परीक्षाएं और आधिकारिक गतिविधियां यथावत जारी रहेंगी।

भुवनेश्वर, 24 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। ओडिशा में पड़ रही भीषण हीटवेव को देखते हुए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शुक्रवार, 25 अप्रैल को एक अहम फैसला लेते हुए राज्य के सभी स्कूलों के लिए 27 अप्रैल 2025 से समय से पहले ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित कर दिया। यह निर्णय छात्रों की जान-सुरक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लिया गया है। राज्य के कई हिस्सों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है।

सरकार का फैसला और इसका दायरा

स्कूल एवं जन शिक्षा विभाग द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को मुख्यमंत्री माझी ने अपनी स्वीकृति प्रदान की। इस आदेश के तहत ओडिशा के सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी स्कूल 27 अप्रैल से बंद रहेंगे।

हालांकि, पहले से निर्धारित परीक्षाएं, जनगणना से संबंधित कार्य और अन्य आधिकारिक गतिविधियां तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेंगी। इससे पहले कई जिलों के कलेक्टरों ने अपने स्तर पर स्थानीय स्कूलों की कक्षाएं स्थगित कर दी थीं।

तापमान के आंकड़े और मौसम विभाग की चेतावनी

गुरुवार को ओडिशा के 24 शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। इनमें झारसुगुड़ा और तलचर सबसे गर्म रहे, जहां पारा 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा। शुक्रवार को सुबह 11:30 बजे तक ही झारसुगुड़ा का तापमान 40°C पार कर गया।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), भुवनेश्वर ने अपने ताजा बुलेटिन में बताया कि अगले तीन दिनों तक तापमान में कोई उल्लेखनीय बदलाव नहीं होगा। इसके बाद 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट संभव है।

मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी करते हुए बलांगीर, झारसुगुड़ा, संबलपुर, क्योंझर और खुर्दा जिलों में भीषण लू चलने की आशंका जताई है।

आम जनजीवन पर असर

भीषण गर्मी के कारण सुबह 11 बजे के बाद सड़कें सूनी हो जाती हैं और लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं। राज्य के कई हिस्सों से हीट स्ट्रोक (लू लगने) के मामले सामने आ रहे हैं, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाते हैं।

राज्य सरकार ने जनगणना कार्य को भी सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच रोक दिया है, ताकि गणनाकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। यह कदम दिखाता है कि लू का असर केवल स्कूली बच्चों तक सीमित नहीं, बल्कि सरकारी कामकाज भी प्रभावित हो रहा है।

गहरा संदर्भ: क्यों यह फैसला महत्वपूर्ण है?

गौरतलब है कि ओडिशा पहले से ही जलवायु परिवर्तन के सर्वाधिक प्रभावित भारतीय राज्यों में गिना जाता है। पिछले कुछ वर्षों में राज्य में प्री-मानसून हीटवेव की अवधि और तीव्रता दोनों बढ़ी हैं। 2023 और 2024 में भी अप्रैल-मई में ओडिशा में तापमान रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था और हीट स्ट्रोक से मौतें दर्ज हुई थीं।

इस वर्ष CM माझी का यह निर्णय प्रशासनिक सतर्कता का उदाहरण है, लेकिन सवाल यह भी उठता है कि क्या राज्य के सरकारी स्कूलों में पर्याप्त पंखे, पेयजल और शेड की व्यवस्था है? यदि बुनियादी ढांचा मजबूत होता, तो शायद इतनी जल्दी अवकाश की नौबत न आती। अन्य राज्यों जैसे राजस्थान और तेलंगाना में भी इसी तरह की परिस्थितियों में स्कूल बंद करने के फैसले लिए गए हैं, लेकिन दीर्घकालिक समाधान के रूप में हीट-रेजिलिएंट स्कूल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर निवेश की जरूरत है।

आगे क्या?

IMD के अनुसार अगले तीन दिन राहत की उम्मीद कम है। 27 अप्रैल से स्कूल बंद होने के बाद अभिभावकों और छात्रों को घर पर ही रहने की सलाह दी जाती है। राज्य सरकार से अपेक्षा है कि वह हीट स्ट्रोक प्रबंधन केंद्र और कूलिंग शेल्टर की व्यवस्था को और मजबूत करे। तापमान में गिरावट के बाद स्कूलों के पुनः खुलने की तारीख सरकार द्वारा अलग से घोषित की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि हर साल गर्मी की मार झेलने वाले इस राज्य में स्कूलों में बुनियादी ढांचे — पंखे, पेयजल, छायादार परिसर — की व्यवस्था क्यों नहीं की जाती? जलवायु परिवर्तन के दौर में हीटवेव अब अपवाद नहीं, नियम बन चुकी है। हर साल स्कूल बंद करना समस्या का समाधान नहीं, बल्कि यह दर्शाता है कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था जलवायु अनुकूलन में कितनी पिछड़ी है। दीर्घकालिक नीति के बिना यह चक्र हर अप्रैल-मई में दोहराता रहेगा।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा में स्कूल कब से बंद होंगे?
ओडिशा में सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी स्कूल 27 अप्रैल 2025 से बंद रहेंगे। यह निर्णय भीषण हीटवेव के चलते मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने लिया है।
ओडिशा में गर्मी की छुट्टियां क्यों घोषित की गईं?
राज्य में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है और हीट स्ट्रोक के मामले सामने आ रहे हैं। छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए समय से पहले ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किया गया।
क्या ओडिशा में परीक्षाएं भी रद्द होंगी?
नहीं, स्कूल बंद होने के बावजूद पहले से निर्धारित परीक्षाएं तय समय पर आयोजित होंगी। जनगणना कार्य और अन्य आधिकारिक गतिविधियां भी जारी रहेंगी।
ओडिशा के किन जिलों में सबसे ज्यादा गर्मी है?
झारसुगुड़ा और तलचर में सर्वाधिक 44°C तापमान दर्ज किया गया। IMD ने बलांगीर, झारसुगुड़ा, संबलपुर, क्योंझर और खुर्दा जिलों में भीषण लू का येलो अलर्ट जारी किया है।
ओडिशा में हीटवेव कब तक रहेगी?
IMD भुवनेश्वर के अनुसार अगले तीन दिनों तक तापमान में कोई खास राहत नहीं मिलेगी। इसके बाद 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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