27 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पाकिस्तान में बच्चों में एचआईवी का खतरा बढ़ा, पीआईएमसी विशेषज्ञों ने दी गंभीर चेतावनी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पाकिस्तान में बच्चों में एचआईवी का खतरा बढ़ा, पीआईएमसी विशेषज्ञों ने दी गंभीर चेतावनी

सारांश

पाकिस्तान में बच्चों में एचआईवी संक्रमण तेजी से फैल रहा है। ताऊंसा अस्पताल में 331 से अधिक बच्चे संक्रमित पाए गए। बीबीसी की जांच में सिरिंज पुनः उपयोग और गंभीर लापरवाही उजागर हुई। पीआईएमसी विशेषज्ञों ने तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

मुख्य बातें

अक्टूबर 2024 से अब तक पाकिस्तान में 189 नए एचआईवी-पॉजिटिव मामले दर्ज हुए हैं।
ताऊंसा, पंजाब के सरकारी अस्पताल में नवंबर 2024 से अक्टूबर 2025 के बीच 331 से अधिक बच्चे एचआईवी संक्रमित पाए गए।
बीबीसी की अंडरकवर जांच में गंदी सिरिंज का पुनः उपयोग , अप्रशिक्षित स्टाफ और संक्रमण नियंत्रण मानकों के गंभीर उल्लंघन का खुलासा हुआ।
मार्च 2025 में अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट को निलंबित किया गया, फिर भी संक्रमण जारी रहा।
पीआईएमसी के विशेषज्ञों ने बच्चों में बढ़ते मामलों को विशेष रूप से चिंताजनक बताते हुए तत्काल जागरूकता अभियान की मांग की है।
यह पाकिस्तान में 2019 के रत्तोडेरो एचआईवी संकट के बाद दूसरी बड़ी ऐसी घटना है, जो स्वास्थ्य व्यवस्था की व्यापक विफलता को दर्शाती है।

इस्लामाबाद, 24 अप्रैल। पाकिस्तान में एचआईवी संक्रमण की दर खतरनाक रूप से बढ़ती जा रही है और सबसे अधिक चिंता की बात यह है कि बच्चे इस महामारी की चपेट में आ रहे हैं। पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (पीआईएमसी) के एचआईवी सेंटर के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या पर गहरी चिंता व्यक्त की है और तत्काल जागरूकता अभियान चलाने की मांग की है।

मामलों की बढ़ती संख्या — आंकड़े क्या कहते हैं

पाकिस्तान के राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा, रेगुलेशन और समन्वय मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2024 से अब तक 189 लोगों में एचआईवी-पॉजिटिव की पुष्टि हो चुकी है। अकेले अप्रैल 2025 के पहले 20 दिनों में 11 नए मामले सामने आए हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, संक्रमितों में पुरुषों की संख्या महिलाओं से अधिक है। ट्रांसजेंडर समुदाय में भी मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि बच्चों में एचआईवी संक्रमण का पाया जाना विशेषज्ञों के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है।

एड्स कंट्रोल कार्यक्रम के प्रोग्राम मैनेजर जुबैर अब्दुल्ला ने द एक्सप्रेस ट्रिब्यून को बताया कि पीआईएमसी एचआईवी सेंटर में मामलों की बढ़ोतरी का एक कारण यह भी है कि अधिक लोग अब स्वेच्छा से जांच करवाने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि टेस्टिंग में वृद्धि एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन साथ ही एचआईवी से बचाव के उपायों के बारे में व्यापक जन-जागरूकता की तत्काल आवश्यकता है।

ताऊंसा अस्पताल — लापरवाही का शर्मनाक खुलासा

पंजाब प्रांत के ताऊंसा स्थित तहसील हेडक्वार्टर हॉस्पिटल (टीएचक्यू) का नाम 2025 में बच्चों में एचआईवी फैलाने के मामले में सामने आया था। मार्च 2025 में प्रांतीय सरकार ने अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट को निलंबित कर कार्रवाई का भरोसा दिया था।

हालांकि, बीबीसी की अंडरकवर जांच ने बाद में यह उजागर किया कि सरकारी आश्वासन के बावजूद हालात नहीं सुधरे। वीडियो फुटेज में नर्सें मरीजों को कपड़ों के ऊपर से इंजेक्शन लगाती दिखीं, इस्तेमाल की हुई सिरिंज दोबारा उपयोग में लाई जाती रहीं, और अप्रशिक्षित कर्मचारी बिना किसी निगरानी के एक के बाद एक बच्चों को इंजेक्शन लगाते नजर आए।

बीबीसी की प्रेस रिलीज में कहा गया कि स्टाफ बिना सुरक्षा मानकों के मेडिकल वेस्ट का निपटान कर रहा है, सिरिंज और सुइयां खुले में पड़ी हैं और अयोग्य वॉलंटियर बिना निगरानी के काम कर रहे हैं। स्टाफ की कमी और दवाओं की अनुपलब्धता के चलते उपकरणों का दोबारा उपयोग और मरीजों के बीच दवाएं साझा करने की प्रवृत्ति भी सामने आई।

बच्चों पर संकट — 331 से अधिक मामले दर्ज

बीबीसी के अनुसार, नवंबर 2024 और अक्टूबर 2025 के बीच अकेले ताऊंसा में 331 से अधिक बच्चों का एचआईवी टेस्ट पॉजिटिव आया। जिन माता-पिता ने स्वयं भी जांच करवाई, उनमें से हर 20 में से लगभग एक एचआईवी पॉजिटिव पाया गया।

चौंकाने वाली बात यह है कि मार्च 2025 में सरकारी घोषणा के बाद भी संक्रमण का सिलसिला नहीं थमा। अस्पताल के मौजूदा मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. कासिम बुजदार ने वीडियो साक्ष्यों को खारिज करते हुए कहा कि फुटेज या तो उनके कार्यकाल से पहले की हो सकती है या फिर नकली हो सकती है।

व्यवस्थागत विफलता और जवाबदेही का सवाल

यह मामला सिर्फ एक अस्पताल की लापरवाही नहीं, बल्कि पाकिस्तान की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था की गहरी जड़ों तक फैली विफलता को उजागर करता है। गौरतलब है कि 2019 में रत्तोडेरो, सिंध में भी इसी तरह सैकड़ों बच्चों में एचआईवी फैलने की घटना सामने आई थी, जिसमें दूषित सुइयों के पुनः उपयोग को मुख्य कारण माना गया था। उस घटना के बाद भी सुधार के वादे किए गए थे, लेकिन ताऊंसा की घटना बताती है कि जमीनी हकीकत नहीं बदली।

विशेषज्ञों का मानना है कि बीमारी को छुपाने की प्रवृत्ति, सामाजिक कलंक का भय और जांच से परहेज इस संकट को और गहरा बना रहे हैं। जब तक व्यापक स्तर पर संक्रमण नियंत्रण प्रोटोकॉल लागू नहीं होते और स्वास्थ्यकर्मियों को उचित प्रशिक्षण नहीं मिलता, यह खतरा बना रहेगा।

आने वाले हफ्तों में पाकिस्तान सरकार पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ने की संभावना है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अन्य वैश्विक स्वास्थ्य संस्थाओं की ओर से इस मुद्दे पर पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराए जाने की उम्मीद जताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

अब 2025 में ताऊंसा। हर बार वादे, हर बार निलंबन, और हर बार हालात जस के तस। जब अस्पताल अधिकारी वीडियो साक्ष्यों को 'नकली' बताकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हैं, तो यह जवाबदेही की नहीं, बल्कि दंडमुक्ति की संस्कृति का प्रमाण है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब बच्चे संक्रमित हो रहे हों और वीडियो सबूत मौजूद हों, तब भी कार्रवाई न हो — तो क्या यह नीतिगत विफलता है या जानबूझकर की गई अनदेखी?
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पाकिस्तान में बच्चों में एचआईवी क्यों फैल रहा है?
पाकिस्तान के सरकारी अस्पतालों में संक्रमण नियंत्रण के मानकों का पालन न होने, दूषित सिरिंज के पुनः उपयोग और अप्रशिक्षित कर्मचारियों द्वारा इंजेक्शन लगाने के कारण बच्चों में एचआईवी फैल रहा है। बीबीसी की जांच में ताऊंसा अस्पताल में इन गंभीर उल्लंघनों का वीडियो साक्ष्य सामने आया है।
ताऊंसा अस्पताल में कितने बच्चे एचआईवी पॉजिटिव पाए गए?
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर 2024 से अक्टूबर 2025 के बीच ताऊंसा में कम से कम 331 बच्चों का एचआईवी टेस्ट पॉजिटिव आया। जांच करवाने वाले माता-पिता में से भी हर 20 में से लगभग एक एचआईवी संक्रमित पाया गया।
पाकिस्तान में एचआईवी के कुल कितने नए मामले सामने आए हैं?
पाकिस्तान के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अक्टूबर 2024 से अब तक 189 नए एचआईवी-पॉजिटिव मामले दर्ज हुए हैं। अप्रैल 2025 के पहले 20 दिनों में ही 11 नए मामले सामने आए।
पाकिस्तान सरकार ने ताऊंसा एचआईवी मामले में क्या कार्रवाई की?
मार्च 2025 में पंजाब प्रांत के अधिकारियों ने ताऊंसा अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट को निलंबित कर दिया था। हालांकि, बीबीसी की जांच से पता चला कि इस कार्रवाई के बाद भी अस्पताल में लापरवाही जारी रही और संक्रमण नहीं रुका।
पाकिस्तान में एचआईवी से बचाव के लिए क्या किया जा रहा है?
एड्स कंट्रोल कार्यक्रम के प्रबंधक जुबैर अब्दुल्ला ने व्यापक जन-जागरूकता और टेस्टिंग बढ़ाने पर जोर दिया है। पीआईएमसी विशेषज्ञों ने बीमारी छुपाने की प्रवृत्ति को खतरनाक बताते हुए सभी स्तरों पर जांच सुविधाएं बढ़ाने की मांग की है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले