गुवाहाटी में भारी बारिश का अलर्ट: IMD ने अगले 3-4 दिनों के लिए जारी की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
गुवाहाटी, 24 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुवाहाटी में अगले 3 से 4 दिनों तक भारी से अतिभारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार शहर के कई इलाकों में 24 घंटे के भीतर 7 से 20 सेंटीमीटर तक बारिश दर्ज की जा सकती है। साथ ही गरज, बिजली कड़कने और तेज आंधी-तूफान की भी आशंका जताई गई है।
जलभराव और भूस्खलन का बढ़ा खतरा
मौसम विभाग की इस चेतावनी के बाद गुवाहाटी के निचले इलाकों में जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है। सड़कों पर पानी भर जाने से वाहनों की आवाजाही बाधित होने और यातायात ठप पड़ने की आशंका है। इसके अलावा पहाड़ी और संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन का जोखिम भी काफी बढ़ गया है।
गौरतलब है कि गुवाहाटी की ड्रेनेज प्रणाली पहले से ही अत्यधिक दबाव में रहती है। पिछले कई वर्षों में मानसून के दौरान शहर के उजान बाजार, फांसी बाजार और दिसपुर जैसे इलाके बाढ़ की चपेट में आते रहे हैं। यदि इस बार भी बारिश का यह सिलसिला जारी रहा, तो शहर की बुनियादी सेवाओं पर गंभीर असर पड़ सकता है।
ASDMA अलर्ट मोड पर, आपातकालीन टीमें तैनात
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) ने स्थिति पर निरंतर नज़र रखते हुए सभी आपातकालीन टीमों को हाई अलर्ट पर रखा है। एएसडीएमए ने गुवाहाटी के नागरिकों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचित करें।
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि मौसम से जुड़ी नवीनतम जानकारी उसकी आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया हैंडल पर नियमित रूप से अपडेट की जाएगी। नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे केवल सरकारी स्रोतों पर भरोसा करें और अफवाहों से बचें।
नागरिकों के लिए जरूरी सावधानियां
ASDMA ने आम जनता, दैनिक यात्रियों और लंबी दूरी के यात्रियों से कहा है कि वे अपनी दिनचर्या मौसम के अनुसार नियोजित करें। भारी बारिश के दौरान बिना आवश्यक कारण घर से बाहर न निकलें। विशेष रूप से निचले इलाकों और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोग बाढ़ या भूस्खलन के किसी भी संकेत पर तत्काल सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।
यह अलर्ट ऐसे समय में जारी हुआ है जब असम में प्री-मानसून बारिश का दौर शुरू हो चुका है। आंकड़ों के अनुसार, असम में हर वर्ष अप्रैल-मई के महीनों में चक्रवाती परिसंचरण और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी के कारण अचानक भारी बारिश की घटनाएं सामान्य हो गई हैं।
ऐतिहासिक संदर्भ और व्यापक प्रभाव
उल्लेखनीय है कि 2022 और 2023 में असम में भीषण बाढ़ ने लाखों लोगों को प्रभावित किया था और काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान सहित कई जिले जलमग्न हो गए थे। इस बार प्री-मानसून बारिश का यह स्वरूप चिंताजनक है क्योंकि यदि जून-जुलाई में मानसून सामान्य से अधिक रहा तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
IMD और ASDMA दोनों विभाग समन्वित रूप से स्थिति को नियंत्रित रखने में जुटे हैं। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति में बदलाव पर नज़र रखना जरूरी होगा, खासकर तब जब ब्रह्मपुत्र नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।