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असम में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट: IMD ने जारी की चेतावनी, निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा

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असम में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट: IMD ने जारी की चेतावनी, निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा

सारांश

IMD ने असम में अगले पाँच दिनों के लिए भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। मध्य असम पर सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण और मानसून ट्रफ के चलते पांडु में 20 सेमी तक बारिश दर्ज हो चुकी है। पहले से बाढ़ प्रभावित जिलों में स्थिति बिगड़ने की आशंका है।

मुख्य बातें

IMD ने 20 जुलाई 2026 को असम में अगले 5 दिनों तक भारी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की।
सर्वाधिक वर्षा कामरूप (मेट्रो) के पांडु में 20 सेमी दर्ज; गोलाघाट और धुबरी में भारी से बहुत भारी बारिश।
मध्य असम व नगालैंड के ऊपर सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण और मानसून ट्रफ इस मौसमी गतिविधि का मुख्य कारण।
पहले से नदियों के बढ़ते जलस्तर से प्रभावित जिलों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति और बिगड़ने का खतरा।
आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने नागरिकों से भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम सलाह मानने की अपील की।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 20 जुलाई 2026 को असम के अधिकांश हिस्सों में अगले पाँच दिनों तक व्यापक बारिश की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार राज्य में मध्यम से भारी वर्षा, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना बनी हुई है, जिससे पहले से बाढ़ प्रभावित जिलों में स्थिति और बिगड़ सकती है।

मौसम की स्थिति और कारण

IMD ने बताया कि मध्य असम और उससे सटे नगालैंड के ऊपर ऊपरी वायुमंडल में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) बना हुआ है। इसके साथ ही उत्तर भारत से पूर्वोत्तर बंगाल की खाड़ी तक फैला सक्रिय मानसून ट्रफ इस असाधारण मौसमी गतिविधि को और तेज कर रहा है। यह संयोजन आने वाले दिनों में बारिश की तीव्रता बनाए रखेगा।

पिछले 24 घंटों का वर्षा रिकॉर्ड

विभाग के आँकड़ों के अनुसार, बीते 24 घंटों में असम के अधिकांश इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। गोलाघाट और धुबरी जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा हुई। इसके अलावा जोरहाट, शिवसागर, सोनितपुर, कोकराझार, बिस्वनाथ और नागांव जिलों के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश की सूचना मिली है।

सर्वाधिक वर्षा कामरूप (मेट्रो) के पांडु में 20 सेमी दर्ज की गई। कामरूप के कुकुरमारा मिर्जा में 17 सेमी, गुवाहाटी एयरपोर्ट पर 14 सेमी, बोकाखाट और गोलाघाट में 13-13 सेमी, तथा अगोमनी और कामाख्या में 12 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

आम जनता पर असर और बाढ़ का खतरा

अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि लगातार हो रही बारिश उन जिलों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति को और गंभीर बना सकती है, जहाँ नदियाँ पहले से ही खतरे के निशान के करीब बह रही हैं। निचले इलाकों में रहने वाले नागरिकों को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी गई है। IMD ने स्थानीय स्तर पर बाढ़, कम दृश्यता, बिजली गिरने और सड़क यातायात में व्यवधान के प्रति सजग रहने को कहा है।

प्रशासन की तैयारी और अपील

आपदा प्रबंधन अधिकारी स्थिति पर बारीकी से नज़र बनाए हुए हैं। उन्होंने नागरिकों से मौसम संबंधी सलाह का पालन करने और भारी वर्षा के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। गौरतलब है कि असम हर मानसून सीज़न में बाढ़ की विभीषिका झेलता है और इस बार मौसम प्रणाली की तीव्रता प्रशासन के लिए अतिरिक्त चुनौती बन रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी पूर्व-चेतावनी प्रणाली और ज़मीनी तैयारी के बीच की खाई नहीं पटती। IMD का अलर्ट समय पर है, लेकिन असली सवाल यह है कि आपदा प्रबंधन तंत्र इस बार निचले इलाकों की आबादी को कितनी तेज़ी से सुरक्षित स्थानों तक पहुँचा पाता है। गोलाघाट और धुबरी जैसे जिले पहले से बाढ़ की चपेट में हैं — ऐसे में चेतावनी जारी करना पर्याप्त नहीं, निकासी और राहत की पूर्व-तैनाती ज़रूरी है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम में अगले 5 दिनों में कैसा मौसम रहेगा?
IMD के अनुसार असम में अगले पाँच दिनों तक अधिकांश हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना है। कुछ जिलों में बहुत भारी वर्षा भी हो सकती है।
असम में इस बार भारी बारिश का कारण क्या है?
मध्य असम और नगालैंड के ऊपर ऊपरी वायुमंडल में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण और उत्तर भारत से पूर्वोत्तर बंगाल की खाड़ी तक फैला मानसून ट्रफ इस भारी बारिश का मुख्य कारण है।
असम में सबसे ज़्यादा बारिश कहाँ दर्ज की गई?
पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक वर्षा कामरूप (मेट्रो) के पांडु में 20 सेमी दर्ज की गई। इसके बाद कुकुरमारा मिर्जा में 17 सेमी, गुवाहाटी एयरपोर्ट पर 14 सेमी और बोकाखाट व गोलाघाट में 13-13 सेमी बारिश हुई।
असम के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को क्या करना चाहिए?
अधिकारियों ने निचले इलाकों के निवासियों को सतर्क रहने, मौसम संबंधी सलाह का पालन करने और भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। स्थानीय बाढ़, कम दृश्यता और बिजली गिरने के प्रति विशेष सावधानी बरतें।
किन जिलों में बाढ़ का सबसे ज़्यादा खतरा है?
गोलाघाट, धुबरी, जोरहाट, शिवसागर, सोनितपुर, कोकराझार, बिस्वनाथ और नागांव जिलों में भारी बारिश दर्ज की गई है। ये जिले पहले से नदियों के बढ़ते जलस्तर से प्रभावित हैं और बाढ़ व जलभराव की स्थिति और बिगड़ने की आशंका है।
राष्ट्र प्रेस
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