गुवाहाटी में अत्यधिक बारिश के बाद जलभराव: मुख्य सचिव ने दी 24 घंटे काम करने की निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
गुवाहाटी, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अत्यधिक वर्षा और बादल फटने की स्थिति के चलते गुवाहाटी में हुए जलभराव को देखते हुए मुख्य सचिव रवि कोटा ने सोमवार को एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की। बैठक में हालात की गहन समीक्षा की गई और सभी संबंधित एजेंसियों को तत्काल 24 घंटे काम करने के निर्देश दिए।
कुछ ही घंटों में लगभग 120 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो 31 मई 2025 को 24 घंटे में हुई वर्षा से भी अधिक है। इस भारी वर्षा के कारण शहर के निचले क्षेत्रों, प्रमुख सड़कों और आवासीय इलाकों में जलभराव हो गया है, जिससे यातायात और जनजीवन पर गहरा असर पड़ा है।
मुख्य सचिव ने भारत मौसम विज्ञान विभाग, असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को समय पर और सटीक मौसम पूर्वानुमान जारी करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही गुवाहाटी पुलिस को रियल-टाइम ट्रैफिक सलाह जारी करने का आदेश दिया गया है ताकि लोग सुरक्षित तरीके से आवागमन कर सकें।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को भी 24x7 तैयार रहने का निर्देश दिया गया है, ताकि जल निकासी के रास्तों की सफाई, पंप संचालन और गाद हटाने का कार्य तेजी से किया जा सके। टेटेलिया–जालुकबाड़ी, एक्सेल केयर–गोरचुक, कोईनाधारा–त्रिपुरा रोड और जोराबाट–खानापारा जैसे महत्वपूर्ण मार्गों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
गुवाहाटी नगर निगम, महानगर विकास प्राधिकरण और जल संसाधन विभाग को अनिल नगर, नवीन नगर और रुक्मिणी नगर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में जलभराव से निपटने के लिए हाई अलर्ट पर रखा गया है। लोक निर्माण विभाग को नालों की सफाई और गाद हटाने का कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि सभी ड्रेनेज चैनलों की सफाई और गाद हटाने का कार्य समयबद्ध तरीके से किया जाएगा और यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आई तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मालिगांव क्षेत्र में जलभराव के कारण एक व्यक्ति की मौत की घटना को लेकर जिला प्रशासन ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि ऐसी घटनाएं, जिन्हें रोका जा सकता है, बिल्कुल स्वीकार्य नहीं हैं।
मौसम विभाग ने अगले दिनों में फिर से वर्षा और आंधी-तूफान की संभावना जताई है, जिसके चलते पहाड़ी और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने बताया कि पिछले साल के अनुभवों से सीख लेते हुए संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। कई क्षेत्रों में हालात सुधर रहे हैं, लेकिन अन्य प्रभावित क्षेत्रों में राहत और सफाई का कार्य लगातार जारी है।
मुख्य सचिव ने कहा कि मानसून के दौरान ऐसी स्थिति दोबारा बन सकती है, इसलिए सभी विभागों को मिलकर काम करना होगा। लोगों से भी अपील की गई है कि भारी बारिश के दौरान निचले क्षेत्रों में जाने से बचें, सरकारी निर्देशों का पालन करें और किसी भी समस्या की तुरंत सूचना संबंधित विभाग को दें।