गुवाहाटी में बारिश से उत्पन्न जलभराव की स्थिति पर समीक्षा, राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
गुवाहाटी, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। गुवाहाटी में हाल के दिनों में हुई मूसलधार बारिश और उसके कारण जलभराव की स्थिति के मद्देनजर, राज्य के मुख्य सचिव डॉ. रवि कोटा ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया।
शहर के विभिन्न क्षेत्रों में कुछ ही घंटों में लगभग 120 मिलीमीटर बारिश हुई, जिससे कई स्थानों पर बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। यह बारिश की तीव्रता पिछले वर्ष मई में इसी समय के मुकाबले भी अधिक मानी जा रही है।
लगातार हो रही इस बेमौसमी बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं, जिससे स्थानीय निवासियों को आवाजाही में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। कई सड़कों पर जलभराव हो गया है, जिससे यातायात व्यवस्था भी बाधित हो गई है। प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में सभी संबंधित विभागों को यह निर्देश दिया गया कि मौसम संबंधी जानकारी को समय पर आम जनता तक पहुंचाया जाए, ताकि लोग पहले से सतर्क रह सकें और अपनी यात्रा या दैनिक कार्यों की योजना बना सकें। मौसम विभाग, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और जिला आपदा प्रबंधन इकाइयों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के लिए कहा गया है।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को यह भी निर्देशित किया गया है कि सड़क किनारे पानी निकासी की व्यवस्था को दुरुस्त रखा जाए और जहां भी पानी भरने की समस्या हो, वहां त्वरित सफाई और निकासी का कार्य किया जाए। कई महत्वपूर्ण मार्गों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि यातायात में रुकावट न आए।
नगर निगम, महानगर विकास प्राधिकरण और जल संसाधन विभाग को उन क्षेत्रों पर ध्यान देने के लिए कहा गया है जहां हर वर्ष जलभराव की समस्या अधिक होती है। इनमें कई रिहायशी इलाके शामिल हैं, जहां 24 घंटे निगरानी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।
लोक निर्माण विभाग को शहर की नालियों की पूरी सफाई और गाद हटाने का कार्य तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
हाल ही में मालीगांव क्षेत्र में हुई एक दुखद घटना का भी उल्लेख किया गया, जिसमें एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई थी। इस मामले में जिला प्रशासन को जांच कर जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने कहा है कि ऐसी घटनाओं को गंभीरता से लिया जाएगा और भविष्य में इन्हें रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
मौसम विभाग ने आगामी दिनों में और बारिश और आंधी-तूफान की संभावना जताई है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सभी विभागों को सतर्क रहने और पूरी तैयारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं। पहाड़ी और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में निवास करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने कहा है कि कई स्थानों पर हालात में सुधार देखा गया है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में अभी भी जलभराव की समस्या बनी हुई है, जहां राहत कार्य लगातार जारी हैं। जोरबाट जैसे क्षेत्रों में जल निकासी व्यवस्था में सुधार होने के कारण स्थिति जल्दी नियंत्रण में आ गई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि नियमित सफाई और रखरखाव कितना आवश्यक है।
सरकार ने सभी एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और स्थिति को जल्द सामान्य करने के निर्देश दिए हैं, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।