भारतीय जूनियर हॉकी टीम ने रिकॉर्ड छठा एशिया कप जीता, फाइनल में साउथ कोरिया को 4-1 से रौंदा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम ने 13 सितंबर 2026 को मोकी ट्रेनिंग बेस, चीन में खेले गए फाइनल में साउथ कोरिया को 4-1 से पराजित करते हुए एफआईएच जूनियर एशिया कप का खिताब रिकॉर्ड छठी बार अपने नाम किया। यह लगातार चौथी बार है जब भारत ने यह महाद्वीपीय ट्रॉफी उठाई — एक उपलब्धि जो एशियाई जूनियर हॉकी के इतिहास में अभूतपूर्व है। इस खिताब के साथ ही टीम ने एफआईएच जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप के लिए भी क्वालीफिकेशन सुनिश्चित कर लिया।
मैच का घटनाक्रम: पहले क्वार्टर से ही भारत का दबदबा
अजीत यादव ने 9वें मिनट में भारत का खाता खोला और शुरुआत से ही मैच का रुख तय कर दिया। इसके महज चार मिनट बाद अनमोल एक्का ने 13वें मिनट में नेट हिलाते हुए भारत की बढ़त 2-0 कर दी। पहला क्वार्टर खत्म होते-होते कोरियाई रक्षापंक्ति बिखर चुकी थी।
प्रभदीप सिंह ने 21वें मिनट में भारत का तीसरा गोल दागा और हाफ-टाइम ब्रेक तक स्कोर 3-0 हो गया। साल 2000 की चैंपियन टीम कोरिया दूसरे हाफ में भी वापसी नहीं कर सकी। आशु मौर्य ने 50वें मिनट में चौथा गोल जड़कर जीत पर मुहर लगा दी। कोरिया के ली मिनह्योक ने 54वें मिनट में सम्मान-रक्षक गोल किया, लेकिन भारतीय आधिपत्य को चुनौती देने के लिए यह काफी नहीं था।
ऐतिहासिक उपलब्धि: पाकिस्तान का रिकॉर्ड भी टूटा
इस जीत के साथ भारत ने लगातार चार खिताब जीतने का नया महाद्वीपीय कीर्तिमान स्थापित किया — 1988 से 1996 के बीच पाकिस्तान के लगातार तीन खिताब जीतने के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए। भारत ने इससे पहले 2015, 2023 और 2024 में यह ट्रॉफी जीती थी। यह टूर्नामेंट के इतिहास में भारत का कुल छठा खिताब है, जो उसे इस प्रतियोगिता का सबसे सफल देश बनाता है।
गौरतलब है कि जूनियर एशिया कप में अन्य टीमों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत सीमित रहा है — पाकिस्तान के तीन, मलेशिया के एक (2012) और कोरिया के एक (2000) खिताब इस तथ्य को रेखांकित करते हैं।
वर्ल्ड कप क्वालीफिकेशन: अगला पड़ाव और बड़ा
एशिया कप की जीत ने भारतीय जूनियर टीम के लिए एफआईएच जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप का दरवाजा खोल दिया है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय हॉकी का वैश्विक ढाँचा पुरुष और महिला दोनों वर्गों में मजबूत हो रहा है। जूनियर स्तर पर यह निरंतरता वरिष्ठ टीम के लिए भविष्य की संभावनाओं को भी उज्ज्वल करती है।
गोलस्कोरर और टीम का प्रदर्शन
भारत के लिए अजीत यादव (9'), अनमोल एक्का (13'), प्रभदीप सिंह (21') और आशु मौर्य (50') ने गोल किए। कोरिया के लिए ली मिनह्योक (54') ने एकमात्र गोल दागा। मैच में भारत का आक्रामक और संगठित खेल साफ नज़र आया — चारों क्वार्टर में दबाव बनाए रखना टीम की परिपक्वता का प्रमाण था।
आने वाले दिनों में जूनियर वर्ल्ड कप की तैयारियों पर भारतीय हॉकी महासंघ की नज़र रहेगी, और यह खिताबी जीत टीम के मनोबल को नई ऊँचाई दे सकती है।