जूनियर विमेंस एशिया कप 2026: भारत ने चीन को 1-0 से हराकर लगाई खिताब की हैट्रिक
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम ने 13 सितंबर 2026 को मोकी, चीन में खेले गए जूनियर विमेंस एशिया कप 2026 के फाइनल में मेज़बान चीन को 1-0 से पराजित कर खिताब की हैट्रिक पूरी की। सानिका चंद्रकांत माने के 17वें मिनट में दागे गए एकमात्र गोल ने भारत को यह ऐतिहासिक जीत दिलाई और साथ ही FIH जूनियर वर्ल्ड कप में टीम की जगह भी पक्की कर दी।
मैच का घटनाक्रम
शुरुआती क्वार्टर में भारत और चीन के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला और दोनों टीमें गोल करने में नाकाम रहीं। 17वें मिनट में सानिका चंद्रकांत माने ने गोल दागकर भारत को 1-0 की बढ़त दिलाई। टीम ने यह बढ़त हाफटाइम तक बनाए रखी।
तीसरे क्वार्टर में भी भारतीय टीम ने अपना दबदबा कायम रखा और मेज़बान चीन को वापसी का कोई अवसर नहीं दिया। आखिरी सीटी बजने तक 1-0 की बढ़त बरकरार रही और भारत ने लगातार तीसरी बार AHF महिला जूनियर एशिया कप की ट्रॉफी अपने नाम की।
टूर्नामेंट में भारत का सफर
भारत ने पूल स्टेज में तीन जीत और एक ड्रॉ के साथ 10 अंक हासिल किए और गोल अंतर के आधार पर एलीट पूल में शीर्ष स्थान प्राप्त किया — पूरे टूर्नामेंट में टीम एक भी मैच नहीं हारी।
नॉकआउट दौर में भारत ने क्वार्टर फाइनल में पाकिस्तान को 19-0 के बड़े अंतर से रौंदा। सेमीफाइनल में साउथ कोरिया को 5-1 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया, जिसमें ड्रैग-फ्लिक विशेषज्ञ सुप्रिया का योगदान अहम रहा।
कोच और तैयारी
भारतीय टीम ने इस साल की शुरुआत में नियुक्त कोच टिम व्हाइट के मार्गदर्शन में व्यवस्थित ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत तैयारी की। यह जीत टीम की अनुशासित रणनीति और रक्षात्मक मज़बूती का प्रमाण है — फाइनल जैसे दबाव वाले मुकाबले में मेज़बान टीम को एक भी गोल नहीं करने देना इसी का नतीजा है।
हॉकी इंडिया के पुरस्कार
हॉकी इंडिया ने खिताब जीतने वाली टीम के लिए नकद पुरस्कारों की घोषणा की है। इसके तहत प्रत्येक खिलाड़ी को ₹3 लाख और सपोर्ट स्टाफ के प्रत्येक सदस्य को ₹1.5 लाख दिए जाएंगे। यह पुरस्कार राशि युवा हॉकी खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है।
आगे का रास्ता
इस खिताब के साथ भारतीय जूनियर महिला टीम ने FIH जूनियर वर्ल्ड कप में अपनी जगह पक्की कर ली है। गौरतलब है कि भारतीय महिला टीम ने पिछले दो संस्करणों में भी यह खिताब जीता था, और अब लगातार तीन बार की विजेता के रूप में वह एशिया की प्रमुख जूनियर हॉकी शक्ति के रूप में उभरी है। कोच व्हाइट की युवा टीम के प्रदर्शन से आने वाले सीज़न में भी उच्च उम्मीदें बनी हुई हैं।