13 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राजनाथ सिंह का आगरा में आह्वान: 'जाति-धर्म के नाम पर भड़काने वालों से सावधान रहें'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राजनाथ सिंह का आगरा में आह्वान: 'जाति-धर्म के नाम पर भड़काने वालों से सावधान रहें'

सारांश

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आगरा में 'टूटने से बिखरेंगे, जुड़ने से निखरेंगे' का नारा देते हुए जाति-धर्म के नाम पर समाज को बाँटने की कोशिशों के प्रति आगाह किया। खटिक समाज के ऐतिहासिक बलिदान को याद करते हुए उन्होंने शिक्षा और समरसता को विकसित भारत की बुनियाद बताया।

मुख्य बातें

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 13 सितंबर 2026 को आगरा में खटिक समाज गर्जना सम्मेलन को संबोधित किया।
उन्होंने जाति और धर्म के नाम पर भड़काने वाले तत्वों से सावधान रहने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री मोदी की स्वतंत्रता दिवस पर घोषित मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग योजना का उल्लेख किया।
बाबासाहेब अंबेडकर के मंत्र 'शिक्षित बनो, संघर्ष करो और संगठित हो' को आज की जरूरत बताया।
1857 और 1946 में खटिक समाज के ऐतिहासिक योगदान को रेखांकित किया।
'एक जिला, एक उत्पाद' योजना के तहत आगरा के पेठे को वैश्विक पहचान मिलने की बात कही।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 13 सितंबर 2026 को आगरा में आयोजित खटिक समाज गर्जना सम्मेलन में समाज को एकजुट रहने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कुछ लोग जाति और धर्म के नाम पर समाज में दरार डालने की कोशिश करते हैं, और ऐसे भड़कावे में न आने का संकल्प लेना आज की सबसे बड़ी जरूरत है। उनका यह संदेश — 'टूटने से बिखरेंगे, जुड़ने से निखरेंगे' — सम्मेलन का केंद्रीय सूत्र बन गया।

सामाजिक एकता का आह्वान

राजनाथ सिंह ने कहा, 'जब समाज में समरसता बढ़ेगी, तब ही शांति बढ़ेगी। जब समाज में शांति बढ़ेगी, तब ही समृद्धि बढ़ेगी।' उन्होंने यह भी कहा कि समृद्धि के बिना विकास और प्रगति संभव नहीं, और भारत को विकसित देश बनाने का रास्ता सामाजिक एकता से होकर गुज़रता है। उन्होंने राजनीतिक हित साधने वाले तत्वों की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसे लोग कभी जाति के नाम पर, कभी धर्म के नाम पर समाज को बाँटने की कोशिश करते हैं।

सरकार की शिक्षा और रोजगार नीतियाँ

रक्षा मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की कोशिश है कि पैसों के अभाव में किसी भी बच्चे की पढ़ाई न रुके और अवसर के अभाव के कारण कोई युवा पीछे न रहे। उन्होंने बताया कि इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चों के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग शुरू करने की घोषणा की है। उन्होंने अंत्योदय और सर्वोदय की भावना का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है।

डॉ. अंबेडकर के मंत्र की याद

राजनाथ सिंह ने डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के प्रसिद्ध मंत्र — 'शिक्षित बनो, संघर्ष करो और संगठित हो' — को आज के संदर्भ में प्रासंगिक बताया। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने दुनिया के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों से शिक्षा प्राप्त की और फिर संघर्ष का मार्ग चुना। गौरतलब है कि सरकार उच्च शिक्षा और विदेश में पढ़ाई के लिए भी आर्थिक सहायता दे रही है।

खटिक समाज की ऐतिहासिक भूमिका

सम्मेलन में रक्षा मंत्री ने खटिक समाज के ऐतिहासिक योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि 1857 में मेरठ में स्वतंत्रता की पहली लड़ाई के दौरान खटिक समाज के लोगों ने वीरता से अंग्रेजों का मुकाबला किया था। उन्होंने 1946 में डायरेक्ट एक्शन डे का भी उल्लेख करते हुए कहा कि गोपाल पाठा के नेतृत्व में खटिक जाति के लोगों ने बंगाल में हिंदुओं की रक्षा की थी। उनके अनुसार, अंग्रेजों ने अपने शासनकाल में खटिक समाज का बहुत उत्पीड़न किया, परंतु इस समाज ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर किया।

उत्तर प्रदेश और 'एक जिला, एक उत्पाद' योजना

राजनाथ सिंह ने आगरा के पेठे का जिक्र करते हुए 'एक जिला, एक उत्पाद' योजना की सराहना की और कहा कि इस पहल के तहत आगरा का पेठा अब विदेशों में भी पहचाना जाता है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के विकास की चर्चा करते हुए कहा कि जहाँ एक समय माफिया राज, असुरक्षा और दंगों का माहौल था, वहाँ आज डबल इंजन की सरकार के साथ तेज़ी से विकास हो रहा है। आगे भी सरकार की प्राथमिकता विकास से पिछड़े वर्गों को समान अवसर देने की रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ जातिगत गोलबंदी परंपरागत रूप से चुनावी समीकरण तय करती है — ऐसे में खटिक समाज जैसे पिछड़े-सूचीबद्ध समुदायों तक सीधे पहुँचने की कोशिश महज सामाजिक संदेश नहीं, राजनीतिक दांव भी है। सामाजिक एकता का आह्वान और डॉ. अंबेडकर के मंत्र का उद्धरण BJP की व्यापक 'सबका साथ' कथा से सुसंगत है, लेकिन आलोचकों का तर्क है कि जातिगत सम्मेलनों में पहुँचना और जातिगत ध्रुवीकरण रोकना — दोनों एक साथ साधना अंतर्विरोधी रणनीति है। मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग जैसी घोषणाओं की असल परीक्षा क्रियान्वयन में होगी, क्योंकि डिजिटल बुनियादी ढाँचे की पहुँच आज भी ग्रामीण और वंचित तबकों में सीमित है।
RashtraPress
13 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजनाथ सिंह ने आगरा में खटिक समाज सम्मेलन में क्या कहा?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 13 सितंबर 2026 को आगरा में खटिक समाज गर्जना सम्मेलन में सामाजिक एकता का आह्वान करते हुए कहा कि जाति और धर्म के नाम पर भड़काने वालों से सावधान रहें। उन्होंने कहा कि 'टूटने से बिखरेंगे, जुड़ने से निखरेंगे' — समाज की ताकत उसकी एकजुटता में है।
खटिक समाज का ऐतिहासिक योगदान क्या है जिसका राजनाथ सिंह ने जिक्र किया?
राजनाथ सिंह ने बताया कि 1857 में मेरठ की पहली स्वतंत्रता लड़ाई में खटिक समाज ने वीरता से अंग्रेजों का मुकाबला किया था। इसके अलावा 1946 में डायरेक्ट एक्शन डे के दौरान गोपाल पाठा के नेतृत्व में खटिक जाति के लोगों ने बंगाल में हिंदुओं की रक्षा की थी।
मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की घोषणा क्या है जिसका राजनाथ सिंह ने उल्लेख किया?
इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चों के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग शुरू करने की घोषणा की है। राजनाथ सिंह ने इसे इस बात का उदाहरण बताया कि सरकार पैसों के अभाव में किसी बच्चे की पढ़ाई नहीं रुकने देना चाहती।
'एक जिला, एक उत्पाद' योजना और आगरा के पेठे का क्या संबंध है?
राजनाथ सिंह ने बताया कि 'एक जिला, एक उत्पाद' योजना के तहत आगरा के पेठे को वैश्विक पहचान मिली है और विदेशों में भी लोग इसका आनंद ले रहे हैं। यह योजना स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार तक पहुँचाने के लिए बनाई गई है।
राजनाथ सिंह ने डॉ. अंबेडकर के किस मंत्र का उल्लेख किया और क्यों?
उन्होंने डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के मंत्र 'शिक्षित बनो, संघर्ष करो और संगठित हो' का उल्लेख किया। उनका कहना था कि आज के समय में यह मंत्र उतना ही प्रासंगिक है, और खटिक समाज सहित सभी वंचित वर्गों को शिक्षा और संगठन के रास्ते पर चलना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले