राजनाथ सिंह का आगरा में आह्वान: 'जाति-धर्म के नाम पर भड़काने वालों से सावधान रहें'
सारांश
मुख्य बातें
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 13 सितंबर 2026 को आगरा में आयोजित खटिक समाज गर्जना सम्मेलन में समाज को एकजुट रहने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कुछ लोग जाति और धर्म के नाम पर समाज में दरार डालने की कोशिश करते हैं, और ऐसे भड़कावे में न आने का संकल्प लेना आज की सबसे बड़ी जरूरत है। उनका यह संदेश — 'टूटने से बिखरेंगे, जुड़ने से निखरेंगे' — सम्मेलन का केंद्रीय सूत्र बन गया।
सामाजिक एकता का आह्वान
राजनाथ सिंह ने कहा, 'जब समाज में समरसता बढ़ेगी, तब ही शांति बढ़ेगी। जब समाज में शांति बढ़ेगी, तब ही समृद्धि बढ़ेगी।' उन्होंने यह भी कहा कि समृद्धि के बिना विकास और प्रगति संभव नहीं, और भारत को विकसित देश बनाने का रास्ता सामाजिक एकता से होकर गुज़रता है। उन्होंने राजनीतिक हित साधने वाले तत्वों की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसे लोग कभी जाति के नाम पर, कभी धर्म के नाम पर समाज को बाँटने की कोशिश करते हैं।
सरकार की शिक्षा और रोजगार नीतियाँ
रक्षा मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की कोशिश है कि पैसों के अभाव में किसी भी बच्चे की पढ़ाई न रुके और अवसर के अभाव के कारण कोई युवा पीछे न रहे। उन्होंने बताया कि इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चों के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग शुरू करने की घोषणा की है। उन्होंने अंत्योदय और सर्वोदय की भावना का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है।
डॉ. अंबेडकर के मंत्र की याद
राजनाथ सिंह ने डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के प्रसिद्ध मंत्र — 'शिक्षित बनो, संघर्ष करो और संगठित हो' — को आज के संदर्भ में प्रासंगिक बताया। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने दुनिया के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों से शिक्षा प्राप्त की और फिर संघर्ष का मार्ग चुना। गौरतलब है कि सरकार उच्च शिक्षा और विदेश में पढ़ाई के लिए भी आर्थिक सहायता दे रही है।
खटिक समाज की ऐतिहासिक भूमिका
सम्मेलन में रक्षा मंत्री ने खटिक समाज के ऐतिहासिक योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि 1857 में मेरठ में स्वतंत्रता की पहली लड़ाई के दौरान खटिक समाज के लोगों ने वीरता से अंग्रेजों का मुकाबला किया था। उन्होंने 1946 में डायरेक्ट एक्शन डे का भी उल्लेख करते हुए कहा कि गोपाल पाठा के नेतृत्व में खटिक जाति के लोगों ने बंगाल में हिंदुओं की रक्षा की थी। उनके अनुसार, अंग्रेजों ने अपने शासनकाल में खटिक समाज का बहुत उत्पीड़न किया, परंतु इस समाज ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर किया।
उत्तर प्रदेश और 'एक जिला, एक उत्पाद' योजना
राजनाथ सिंह ने आगरा के पेठे का जिक्र करते हुए 'एक जिला, एक उत्पाद' योजना की सराहना की और कहा कि इस पहल के तहत आगरा का पेठा अब विदेशों में भी पहचाना जाता है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के विकास की चर्चा करते हुए कहा कि जहाँ एक समय माफिया राज, असुरक्षा और दंगों का माहौल था, वहाँ आज डबल इंजन की सरकार के साथ तेज़ी से विकास हो रहा है। आगे भी सरकार की प्राथमिकता विकास से पिछड़े वर्गों को समान अवसर देने की रहेगी।