ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में मोदी-सुबियांतो मुलाकात, पीएम बोले — 'दिल जीत लेता है उनका अपनापन'
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दूसरे और अंतिम दिन इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो से द्विपक्षीय मुलाकात की। सुबियांतो ने परंपरागत नमस्ते की मुद्रा में हाथ जोड़कर पीएम मोदी का अभिवादन किया, जिसे दोनों नेताओं के बीच गहरी आत्मीयता का प्रतीक माना जा रहा है।
मोदी ने सोशल मीडिया पर क्या कहा
बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में अपनी भावनाएँ साझा कीं। उन्होंने लिखा, 'ब्रिक्स दिल्ली समिट के दौरान राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो से मिलकर बहुत अच्छा लगा। उनका अपनापन, पॉजिटिविटी और आशावादी रवैया हमेशा दिल जीत लेता है।' पीएम ने यह भी उम्मीद जताई कि दोनों देश कई क्षेत्रों में अपनी साझेदारी को और प्रगाढ़ करते रहेंगे।
2026 में दो बार हुई मुलाकात
यह ऐसे समय में आया है जब 2026 में ही दोनों नेताओं के बीच यह दूसरी उच्चस्तरीय बैठक हो रही है। पहली मुलाकात 6 से 8 जुलाई 2026 के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की जकार्ता यात्रा के समय हुई थी, जब राष्ट्रपति भवन 'इस्ताना मर्देका' में आधिकारिक द्विपक्षीय वार्ता हुई थी। उस अवसर पर पीएम मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'बिंटांग आदिपूर्णा' से नवाज़ा गया था।
जकार्ता वार्ता में दोनों देशों ने रक्षा, समुद्री सहयोग, डिजिटल अर्थव्यवस्था और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में कई समझौतों पर विचार-विमर्श किया था। गौरतलब है कि इतने कम अंतराल में दो द्विपक्षीय बैठकें दोनों देशों के संबंधों में नई गर्मजोशी को रेखांकित करती हैं।
सुबियांतो ने खुद को बताया मोदी का प्रशंसक
इससे पहले एक सामुदायिक कार्यक्रम में राष्ट्रपति सुबियांतो ने खुलकर कहा था, 'मैं एक बात स्वीकार करना चाहता हूं और मेरे करीबी सहयोगी और सहकर्मी इस बात की गवाही देंगे कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बहुत बड़ा प्रशंसक हूं।' यह उद्गार दोनों नेताओं के व्यक्तिगत तालमेल को उजागर करता है।
इंडोनेशिया का ब्रिक्स में प्रवेश और वैश्विक महत्व
राष्ट्रपति सुबियांतो शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए नई दिल्ली पहुँचे थे। हवाई अड्डे पर केंद्रीय राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने उनका औपचारिक स्वागत किया। जनवरी 2025 में इंडोनेशिया ब्रिक्स के 10वें सदस्य के रूप में इस समूह में शामिल हुआ था। विश्लेषकों के अनुसार इंडोनेशिया का ब्रिक्स में प्रवेश वैश्विक दक्षिण की आवाज़ को और बुलंद करता है तथा विकासशील देशों के बीच आपसी सहयोग को नई दिशा देता है।
भारत-इंडोनेशिया संबंधों की दिशा
भारत और इंडोनेशिया के बीच बढ़ती निकटता हिंद-प्रशांत क्षेत्र में दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को नया आयाम देती है। रक्षा और समुद्री सुरक्षा से लेकर डिजिटल अर्थव्यवस्था तक के क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार इस साझेदारी को केवल कूटनीतिक औपचारिकता से आगे ले जाता है। आने वाले महीनों में इन समझौतों के क्रियान्वयन पर दोनों देशों की नज़र रहेगी।