7 जुलाई 2026
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PM मोदी को इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान 'बिन्तांग अदिपुर्ना', दोनों देशों में UPI, रक्षा और तकनीक पर अहम समझौते

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PM मोदी को इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान 'बिन्तांग अदिपुर्ना', दोनों देशों में UPI, रक्षा और तकनीक पर अहम समझौते

सारांश

जकार्ता में PM मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च सम्मान से नवाज़ा गया और दोनों देशों ने UPI एकीकरण, IIM बेंगलुरु कैंपस, रक्षा एक्सचेंज, क्रिटिकल मिनरल्स और प्रम्बानन मंदिर संरक्षण सहित दर्जनों समझौतों पर दस्तखत किए — यह 2018 की व्यापक रणनीतिक साझेदारी की सबसे बड़ी छलाँग है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी को 7 जुलाई 2026 को जकार्ता में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने सर्वोच्च सम्मान 'बिन्तांग अदिपुर्ना' से सम्मानित किया।
भारत की UPI प्रणाली इंडोनेशिया के पेमेंट सिस्टम के साथ एकीकृत होगी, जिससे व्यापार और यात्रा आसान होगी।
IIM बेंगलुरु का कैंपस इंडोनेशिया में खोला जाएगा, जो पूरे आसियान क्षेत्र के युवाओं के लिए लाभकारी होगा।
रक्षा एक्सचेंज, कोस्टगार्ड सहयोग, ब्लू इकॉनॉमी , क्रिटिकल मिनरल्स और स्टेनलेस स्टील में नए समझौते हुए।
प्रम्बानन मंदिर ( 1,000+ वर्ष पुराना) के संरक्षण प्रोजेक्ट का शुभारंभ अगले दिन होना निर्धारित है।
दोनों देश टैगोर-देवांतरा शताब्दी वर्ष को संस्कृति व शिक्षा कूटनीति वर्ष के रूप में मनाएंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 7 जुलाई 2026 को जकार्ता में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'बिन्तांग अदिपुर्ना ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया' से नवाज़ा। इस ऐतिहासिक यात्रा के दौरान दोनों देशों ने रक्षा, तकनीक, स्वास्थ्य, अंतरिक्ष और डिजिटल भुगतान सहित कई क्षेत्रों में समझौता ज्ञापनों (एमओयू) और द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर किए। मोदी ने कहा कि भारत-इंडोनेशिया साझेदारी का सकारात्मक प्रभाव 21वीं सदी की दुनिया और पूरी मानवता पर पड़ेगा।

सर्वोच्च सम्मान और द्विपक्षीय संबोधन

मोदी ने अपने संबोधन में कहा, 'मैं इस गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए राष्ट्रपति प्रबोवो का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। आज सुबह मुझे बहुत स्नेह और आदर के साथ इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान दिया गया — यह सम्मान कोटि-कोटि भारतवासियों का, इंडोनेशिया के लोगों की भावनाओं और दोनों देशों के ऐतिहासिक व आत्मीय संबंधों का प्रतीक है।' उन्होंने यह भी स्मरण कराया कि पिछले वर्ष राष्ट्रपति प्रबोवो भारत के गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि रहे थे।

मोदी ने कहा कि 2018 में स्थापित व्यापक रणनीतिक साझेदारी अब एक नई उड़ान ले रही है और दोनों देशों के बीच विकास, सुरक्षा, तकनीक, संस्कृति तथा शिक्षा — हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति हो रही है।

रक्षा, समुद्री सुरक्षा और ब्लू इकॉनॉमी

दोनों देशों के बीच रक्षा एक्सचेंज, आपदा प्रबंधन और औद्योगिक सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। मोदी ने बताया कि भारत और इंडोनेशिया के कोस्टगार्ड हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा के लिए मिलकर काम करेंगे। दो निकटवर्ती समुद्री देश होने के नाते, दोनों ने ब्लू इकॉनॉमी, पोर्ट डेवलपमेंट और मैरीटाइम ट्रेड में आपसी सहयोग गहरा करने का निर्णय लिया।

तकनीक, डिजिटल और शिक्षा सहयोग

मोदी ने कहा कि AI, टेलीकॉम और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में युवाओं के बीच तकनीकी सहयोग के लिए एक अहम समझौता किया गया। दोनों देशों ने स्टार्टअप सहयोग को गहरा करने पर भी सहमति जताई। एक उल्लेखनीय घोषणा में मोदी ने बताया कि भारत के प्रतिष्ठित संस्थान IIM बेंगलुरु का कैंपस इंडोनेशिया में खोला जाएगा, जिससे पूरे आसियान क्षेत्र के युवाओं को लाभ होगा। भारत की UPI भुगतान प्रणाली के इंडोनेशिया के पेमेंट सिस्टम के साथ एकीकरण से व्यापार और यात्रा दोनों में सुगमता आएगी।

अंतरिक्ष क्षेत्र में दशकों पुराने सहयोग को आगे बढ़ाते हुए संयुक्त अनुसंधान, तकनीक साझेदारी और क्षमता निर्माण पर फैसले लिए गए। क्रिटिकल मिनरल्स और स्टील की सप्लाई चेन को मज़बूत करने के लिए भी समझौता हुआ, जिसमें स्टेनलेस स्टील और रेयर अर्थ मैग्नेट में नई साझेदारी शामिल है।

स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा और जन-कल्याण

भारत ने इंडोनेशिया के साथ अपनी सार्वजनिक वितरण प्रणाली और मील स्कीम के अनुभव साझा किए हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए समझौतों के तहत भारत की किफायती दवाइयाँ इंडोनेशिया के नागरिकों तक अधिक सुगमता से पहुँच सकेंगी। इसके अलावा, भारत इंडोनेशिया के डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की क्षमता निर्माण में भी सहयोग करेगा। भारत में विकसित गेहूँ के बीजों की आपूर्ति से इंडोनेशिया की खाद्य सुरक्षा को और मज़बूती मिलेगी।

सांस्कृतिक कूटनीति और वैश्विक मुद्दे

मोदी ने बताया कि अगले दिन राष्ट्रपति प्रबोवो के साथ मिलकर प्रम्बानन मंदिर के संरक्षण प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया जाएगा — यह 1,000 वर्ष से भी पुराना मंदिर दोनों देशों की साझा सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। दोनों देश गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की ऐतिहासिक इंडोनेशिया यात्रा का शताब्दी वर्ष मनाएंगे और इसे 'टैगोर-देवांतरा संस्कृति व शिक्षा कूटनीति वर्ष' के रूप में आयोजित किया जाएगा। दोनों देशों के चुनाव आयोगों के बीच एमओयू से लोकतांत्रिक सहयोग को भी बल मिलेगा।

वैश्विक मुद्दों पर मोदी ने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र को लेकर दोनों देशों के दृष्टिकोण में तालमेल है और भारत ने हमेशा आसियान सेंट्रलिटी को विशेष महत्व दिया है। फिलिस्तीन के मुद्दे पर दोनों देश टू-स्टेट सॉल्यूशन और दीर्घकालिक शांति का समर्थन करते हैं। मोदी ने अपने संबोधन का समापन इन शब्दों से किया — 'हमारे इतिहास में साझा संस्कृति है, हमारे वर्तमान में साझा विश्वास है और हमारे भविष्य में साझा समृद्धि है।' यह यात्रा दोनों देशों के संबंधों में एक नए सुनहरे अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो आसियान के सबसे बड़े देश के साथ संबंधों को प्रतीकात्मकता से व्यावहारिक सहयोग की ओर ले जाती है। UPI का इंडोनेशियाई भुगतान प्रणाली से एकीकरण और IIM बेंगलुरु कैंपस की घोषणा दर्शाती है कि भारत अब सॉफ्ट पावर को आर्थिक उपकरण के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। हालाँकि, क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ मैग्नेट पर समझौते की असली परीक्षा क्रियान्वयन में होगी — क्योंकि इस क्षेत्र में चीन का दबदबा इतना गहरा है कि बिना ठोस आपूर्ति-श्रृंखला के ये समझौते कागज़ी रह सकते हैं। प्रम्बानन मंदिर संरक्षण और टैगोर-देवांतरा शताब्दी जैसे सांस्कृतिक कदम उस नरम शक्ति को मज़बूत करते हैं जिसे चीन इस क्षेत्र में बुनियादी ढाँचे के ज़रिए बनाने की कोशिश करता है।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी को इंडोनेशिया का 'बिन्तांग अदिपुर्ना' सम्मान क्यों दिया गया?
यह इंडोनेशिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, जो राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने 7 जुलाई 2026 को जकार्ता में PM मोदी को प्रदान किया। यह सम्मान दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों और बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को मान्यता देता है।
भारत और इंडोनेशिया के बीच UPI एकीकरण से क्या बदलेगा?
भारत की UPI प्रणाली इंडोनेशिया के पेमेंट सिस्टम के साथ जुड़ने जा रही है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार करना और यात्रा करना आसान होगा। इससे डिजिटल लेनदेन में सुगमता आएगी और दोनों देशों के नागरिक सीधे अपनी मुद्रा में भुगतान कर सकेंगे।
IIM बेंगलुरु का इंडोनेशिया में कैंपस क्यों खोला जा रहा है?
PM मोदी ने घोषणा की कि भारत के प्रतिष्ठित IIM बेंगलुरु का कैंपस इंडोनेशिया में स्थापित किया जाएगा। इसका उद्देश्य पूरे आसियान क्षेत्र के युवाओं को उच्च-गुणवत्ता की प्रबंधन शिक्षा उपलब्ध कराना और भारत-इंडोनेशिया शिक्षा सहयोग को नई ऊँचाई देना है।
प्रम्बानन मंदिर संरक्षण प्रोजेक्ट क्या है और इसमें भारत की क्या भूमिका है?
प्रम्बानन इंडोनेशिया का 1,000 वर्ष से भी अधिक पुराना हिंदू मंदिर है, जो भारत और इंडोनेशिया की साझा सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। PM मोदी ने बताया कि 8 जुलाई को राष्ट्रपति प्रबोवो के साथ मिलकर इस मंदिर के संरक्षण प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया जाएगा।
भारत-इंडोनेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी कब बनी और अब इसमें क्या नया जुड़ा?
यह साझेदारी 2018 में स्थापित हुई थी। 7 जुलाई 2026 की जकार्ता यात्रा में इसे रक्षा, अंतरिक्ष, क्रिटिकल मिनरल्स, स्वास्थ्य, डिजिटल भुगतान, शिक्षा और सांस्कृतिक कूटनीति जैसे नए आयामों के साथ विस्तारित किया गया। दोनों देशों के चुनाव आयोगों के बीच भी एमओयू हस्ताक्षरित हुआ।
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