PM मोदी को इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान 'बिनटांग अदिपुर्णा', जकार्ता में हिंद-प्रशांत शांति पर सहमति
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 जुलाई 2026 को जकार्ता में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ द्विपक्षीय वार्ता की, जिसमें दोनों देशों ने भारत-इंडोनेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की और शांतिपूर्ण एवं समृद्ध हिंद-प्रशांत के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित किया। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊँचाई देना था।
बैठक में क्या हुआ
विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश, रक्षा और सुरक्षा, समुद्री सहयोग, ऊर्जा, स्वास्थ्य और फार्मा, अंतरिक्ष, ज़रूरी खनिज और रेयर अर्थ्स, संस्कृति, पर्यटन तथा जन-संपर्क सहित साझेदारी के पूरे दायरे की विस्तृत समीक्षा की। मंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्षों ने वैश्विक और बहुपक्षीय हितों के मुद्दों पर भी गहन चर्चा की।
द्विपक्षीय दस्तावेज़ों का आदान-प्रदान
बैठक के दौरान दोनों देशों ने कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय दस्तावेज़ों का आदान-प्रदान किया। इनमें समुद्री सुरक्षा, अंतरिक्ष सहयोग, रक्षा, स्टील सप्लाई चेन, रेयर अर्थ्स, स्वास्थ्य, कृषि और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़े समझौते शामिल हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि ये समझौते विशिष्ट क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को सुदृढ़ करेंगे और व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा बनाने में सहायक होंगे।
मोदी को इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान
राष्ट्रपति सुबियांतो ने प्रधानमंत्री मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च सम्मान 'बिनटांग अदिपुर्णा ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया' से नवाज़ने की घोषणा की। 1959 में स्थापित यह सम्मान दक्षिण-पूर्व एशियाई देश का सबसे बड़ा नागरिक एवं सैन्य पुरस्कार है, जो असाधारण सेवा को मान्यता देता है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि यह सम्मान भारत-इंडोनेशिया मैत्री को सुदृढ़ करने और इंडोनेशिया की एकता, निरंतरता एवं खुशहाली को आगे बढ़ाने में मोदी के नेतृत्व के लिए प्रदान किया गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने यह सम्मान भारत के नागरिकों और दोनों देशों के बीच मैत्री के सुदृढ़ बंधन को समर्पित किया। गौरतलब है कि यह विश्व के विभिन्न देशों द्वारा मोदी को दिए जा चुके सर्वोच्च सम्मानों की बढ़ती सूची में नवीनतम नाम है।
जकार्ता में भव्य स्वागत
इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी की जकार्ता में आधिकारिक यात्रा की शुरुआत पर उनका भव्य स्वागत किया गया। यह यात्रा दोनों देशों के आपसी संबंधों को नई दिशा देने के लक्ष्य के साथ आयोजित की गई थी।
आगे क्या
इस यात्रा में हुए समझौतों के क्रियान्वयन से भारत और इंडोनेशिया के बीच रणनीतिक साझेदारी के नए अध्याय की शुरुआत होने की उम्मीद है। यह ऐसे समय में आया है जब हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा तेज़ हो रही है और भारत अपनी 'एक्ट ईस्ट' नीति को नई गति देने में जुटा है।