PM मोदी और इंडोनेशियाई राष्ट्रपति प्रबोवो की जकार्ता में द्विपक्षीय वार्ता, रक्षा-समुद्री सहयोग पर फोकस
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार, 7 जुलाई को जकार्ता में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ द्विपक्षीय वार्ता की, जिसमें दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने पर जोर रहा। रक्षा, समुद्री सुरक्षा, क्रिटिकल मिनरल्स, खाद्य सुरक्षा और डिजिटल अर्थव्यवस्था — ये पाँच प्रमुख क्षेत्र इस बैठक के केंद्र में रहे। यह मोदी की इंडोनेशिया की चौथी यात्रा है, लेकिन मई 2018 में व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा मिलने के बाद उनकी पहली औपचारिक द्विपक्षीय यात्रा है।
गर्मजोशी भरा स्वागत और एक्स पर मोदी का संदेश
राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने सोमवार दोपहर स्वयं जकार्ता एयरपोर्ट पहुँचकर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया — एक असाधारण राजनयिक संकेत। मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि राष्ट्रपति प्रबोवो का एयरपोर्ट पर स्वयं आकर स्वागत करना उनके लिए 'बहुत गर्मजोशी और भावनाओं से भरा' था। उन्होंने यह भी कहा, 'साल 2018 में भारत और इंडोनेशिया के संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंचाया गया था, जिसका लाभ दोनों देशों के लोगों को मिला है।'
वार्ता के प्रमुख एजेंडा बिंदु
बैठक में रक्षा और समुद्री सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई — यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब दक्षिण चीन सागर में तनाव बना हुआ है और भारत-प्रशांत क्षेत्र में सामरिक पुनर्संतुलन जारी है। इसके साथ ही क्रिटिकल मिनरल्स पर सहयोग — जिसमें इंडोनेशिया निकेल भंडार के मामले में विश्व में अग्रणी है — भारत की हरित ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहन महत्वाकांक्षाओं के लिए रणनीतिक रूप से अहम है।
खाद्य सुरक्षा और डिजिटल अर्थव्यवस्था में सहयोग के अलावा, दोनों नेताओं ने 2018 के बाद से हुई प्रगति की भी समीक्षा की। गौरतलब है कि पिछले वर्ष राष्ट्रपति प्रबोवो नई दिल्ली आए थे, जहाँ दोनों देशों ने रणनीतिक और आर्थिक सहयोग के लिए कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए थे।
प्रम्बानन मंदिर: सांस्कृतिक कूटनीति का अध्याय
द्विपक्षीय वार्ता के बाद दोनों नेताओं ने योग्याकार्ता स्थित प्रम्बानन मंदिर परिसर का संयुक्त दौरा किया। यह इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर परिसर है और यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल है। भारत के इंडोनेशिया में राजदूत के अनुसार, दोनों नेता इस परिसर के संरक्षण और पुनर्स्थापन कार्य की शुरुआत की घोषणा कर सकते हैं — जो भारत-इंडोनेशिया के गहरे सांस्कृतिक और ऐतिहासिक जुड़ाव का प्रतीक होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह यात्रा दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करेगी।
तीन देशों की यात्रा का पहला पड़ाव
इंडोनेशिया इस यात्रा का पहला चरण है। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी उच्चस्तरीय बैठकों के लिए ऑस्ट्रेलिया और फिर न्यूजीलैंड का दौरा करेंगे। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपनी रणनीतिक उपस्थिति को व्यापक बनाने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है। मोदी ने यह भी कहा कि वह जकार्ता में भारतीय समुदाय के लोगों से मिलने को लेकर उत्साहित हैं।