7 जुलाई 2026
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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महाराष्ट्र कांग्रेस का 8 जुलाई से 'रघुपति राघव राजा राम' सत्याग्रह

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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महाराष्ट्र कांग्रेस का 8 जुलाई से 'रघुपति राघव राजा राम' सत्याग्रह

सारांश

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी पर महाराष्ट्र में विपक्ष सड़कों पर उतर रहा है। कांग्रेस का 'रघुपति राघव राजा राम' सत्याग्रह और शिवसेना (UBT) का 'राम रक्षा आंदोलन' — दोनों BJP-RSS को निशाना बना रहे हैं। धर्म और राजनीति के इस संगम में आस्था की लड़ाई चुनावी अखाड़े में उतर आई है।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने 8 जुलाई 2026 को नासिक के कालाराम मंदिर से राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन की घोषणा की।
9 से 14 जुलाई तक सभी जिलों में 'रघुपति राघव राजा राम' सत्याग्रह आयोजित होगा।
कांग्रेस ने BJP और RSS पर अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे और भक्तों की आस्था को लूटने का आरोप लगाया।
शिवसेना (UBT) ने 5 जुलाई को दादर से 'राम रक्षा आंदोलन' शुरू किया था; उद्धव ठाकरे ने महाआरती का नेतृत्व किया।
सांसद संजय राउत ने सोने के आभूषण, स्वर्ण रामचरितमानस और स्वर्ण मंगलसूत्र के कथित तौर पर गायब होने का दावा किया।
शिवसेना (UBT) ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को तत्काल भंग करने की माँग की है।

महाराष्ट्र कांग्रेस ने अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के खिलाफ 8 जुलाई 2026 से राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। कांग्रेस के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के अनुसार, यह आंदोलन नासिक के ऐतिहासिक कालाराम मंदिर से सुबह 11 बजे आधिकारिक रूप से शुरू होगा।

आंदोलन की रूपरेखा

सपकाल ने बताया कि 9 से 14 जुलाई 2026 तक राज्य के सभी जिलों में 'रघुपति राघव राजा राम' सत्याग्रह आयोजित किया जाएगा। यह सत्याग्रह जिला मुख्यालयों में स्थित स्थानीय राम, शिव या हनुमान मंदिरों में होगा। विरोध प्रदर्शन के दौरान भगवान से प्रार्थना की जाएगी कि वे "मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के नाम पर धन हड़पने वाले धोखेबाज लोगों को विवेक और समझदारी प्रदान करें।"

कांग्रेस के आरोप

सपकाल ने आरोप लगाया कि "राम भक्तों ने अयोध्या में भगवान राम मंदिर को सोने और चांदी के आभूषणों के साथ लाखों रुपये दान किए हैं" और इन दानों को लूटा गया। उन्होंने कहा, "यह केवल धन या दान की लूट नहीं है, बल्कि लाखों भक्तों की आस्था के विरुद्ध श्री राम के नाम पर की गई लूट है।" कांग्रेस ने इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी सजा की माँग की है।

शिवसेना (UBT) का पूर्व आंदोलन

गौरतलब है कि यह घोषणा शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) द्वारा 5 जुलाई 2026 को 'राम रक्षा आंदोलन' शुरू करने के तीन दिन बाद आई है। पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुंबई के दादर स्थित ऐतिहासिक हनुमान मंदिर में राम रक्षा महाआरती का नेतृत्व किया, जिसमें पार्टी कार्यकर्ताओं और अयोध्या से आए साधुओं का एक समूह शामिल था। शिवसेना (UBT) के नेताओं ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को तत्काल भंग करने और पवित्र निधियों पर मानक प्रशासनिक जवाबदेही लागू करने की माँग की है।

संजय राउत और उद्धव ठाकरे के आरोप

शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने विशिष्ट आरोप लगाते हुए दावा किया कि नकदी के अलावा, भक्तों द्वारा माता सीता को अर्पित किए गए बहुमूल्य सोने के आभूषण, एक स्वर्ण जड़ित रामचरितमानस और एक स्वर्ण मंगलसूत्र भी कथित तौर पर गायब हो गए हैं। ठाकरे ने मूल राम जन्मभूमि आंदोलन में शिवसेना की भूमिका का स्मरण कराते हुए कहा, "हम कट्टर और देशभक्त हिंदू हैं। हिंदू निर्दोष हैं, लेकिन मूर्ख नहीं हैं। अगर कोई हमारी आस्था का फायदा उठाकर मंदिर लूटता है, तो हिंदू उसे माफ नहीं करेंगे।"

राजनीतिक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में विपक्षी दल BJP-नीत सरकार को घेरने के लिए धार्मिक भावनाओं से जुड़े मुद्दों को सामने ला रहे हैं। कांग्रेस और शिवसेना (UBT) — दोनों महाविकास अघाड़ी के घटक दल — अलग-अलग आंदोलन चला रहे हैं, जो एक ही मुद्दे पर विपक्ष की व्यापक एकजुटता को दर्शाता है। BJP और RSS ने अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ कांग्रेस और शिवसेना (UBT) — दोनों अलग-अलग आंदोलनों के ज़रिए — एक ही लक्ष्य साध रहे हैं। यह उल्लेखनीय है कि वही दल जो वर्षों तक राम मंदिर निर्माण के मुद्दे पर BJP से पिछड़ते रहे, आज उसी मंदिर की 'रक्षा' के नाम पर आक्रामक मुद्रा में हैं। आलोचकों का कहना है कि बिना न्यायिक या जाँच एजेंसी की पुष्टि के लगाए गए ये आरोप राजनीतिक रूप से सुविधाजनक तो हैं, लेकिन तथ्यात्मक आधार अभी सार्वजनिक नहीं है। असली सवाल यह है कि क्या विपक्ष इस मुद्दे को जवाबदेही की माँग तक सीमित रखेगा, या यह धार्मिक भावनाओं के राजनीतिकरण की एक और कड़ी बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र कांग्रेस का 'रघुपति राघव राजा राम' सत्याग्रह क्या है?
यह महाराष्ट्र कांग्रेस द्वारा अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के विरोध में BJP और RSS के खिलाफ शुरू किया गया राज्यव्यापी आंदोलन है। 8 जुलाई को नासिक के कालाराम मंदिर से शुरू होकर यह 9 से 14 जुलाई 2026 तक सभी जिलों में आयोजित होगा।
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद क्या है?
विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर में भक्तों द्वारा दान किए गए नकदी, सोने-चांदी के आभूषण और अन्य कीमती वस्तुएँ कथित तौर पर गायब हो गई हैं। ये आरोप अभी तक किसी स्वतंत्र जाँच एजेंसी द्वारा सत्यापित नहीं हैं।
शिवसेना (UBT) ने इस मुद्दे पर क्या माँग की है?
शिवसेना (UBT) ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को तत्काल भंग करने और पवित्र निधियों पर मानक प्रशासनिक जवाबदेही लागू करने की माँग की है। पार्टी ने 5 जुलाई 2026 को मुंबई के दादर से 'राम रक्षा आंदोलन' शुरू किया था।
संजय राउत ने राम मंदिर विवाद में क्या आरोप लगाए?
शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने दावा किया कि नकदी के अलावा, माता सीता को अर्पित बहुमूल्य सोने के आभूषण, एक स्वर्ण जड़ित रामचरितमानस और एक स्वर्ण मंगलसूत्र भी कथित तौर पर गायब हो गए हैं। ये आरोप अभी तक आधिकारिक रूप से सत्यापित नहीं हैं।
BJP और RSS ने इन आरोपों पर क्या कहा है?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, BJP और RSS ने अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। महाराष्ट्र कांग्रेस ने इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी सजा की माँग की है।
राष्ट्र प्रेस
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