दादर हनुमान मंदिर पर उद्धव ठाकरे का प्रदर्शन: राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर शिवसेना (UBT) का महाराष्ट्रव्यापी आंदोलन
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा विवाद और आभूषण चोरी के मुद्दे को लेकर महाराष्ट्र में राज्यव्यापी जनआंदोलन का ऐलान किया है। पार्टी के सांसद संजय राउत ने 5 जुलाई 2026 को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस आंदोलन की शुरुआत मुंबई के दादर स्थित हनुमान मंदिर के बाहर पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में होगी। राउत के अनुसार, प्रदर्शन में बड़ी संख्या में राम भक्त भाग लेंगे और बाद में यह आंदोलन पूरे महाराष्ट्र तथा अन्य राज्यों तक विस्तारित किया जाएगा।
मुख्य घटनाक्रम
रविवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में संजय राउत ने आरोप लगाया कि राम मंदिर में चढ़ावे की कथित अनियमितता और भगवान राम तथा माता सीता के आभूषणों की कथित चोरी हुई है। उन्होंने सवाल उठाया कि इन घटनाओं के लिए जिम्मेदार कौन है। राउत ने कहा कि राम मंदिर आंदोलन के लिए हजारों लोगों ने बलिदान दिया और मुंबई दंगों के दौरान हिंदुओं की रक्षा करते हुए 600 से अधिक शिवसैनिकों ने अपनी जान गंवाई। गौरतलब है कि ये आरोप अभी तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं।
भाजपा पर निशाना
राउत ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि 'राम मंदिर की लूट, चढ़ावा चोरी और आभूषणों की चोरी' जैसे मामलों के लिए भाजपा जिम्मेदार है। उन्होंने भाजपा की तुलना महमूद गजनवी से करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी 'भगवान राम के साथ गद्दारी' कर रही है। हालांकि, इन आरोपों पर BJP की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
परिसीमन विवाद पर केंद्र को घेरा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में संजय राउत ने परिसीमन के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार को घेरा। उनका कहना था कि लोकसभा की सीटों को 850 तक बढ़ाने से जुड़े संभावित परिसीमन विधेयक को पारित कराने के लिए भाजपा के पास आवश्यक बहुमत नहीं है। राउत ने दावा किया कि राजनीतिक जोड़तोड़ के बावजूद पार्टी आवश्यक संख्या नहीं जुटा पाएगी।
एकनाथ शिंदे पर तंज
राउत ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि विधायकों और सांसदों को अपने पक्ष में करने के तनाव के कारण शिंदे को अस्पताल जाना पड़ा। साथ ही राउत ने शिंदे के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी जताई।
आगे क्या होगा
शिवसेना (UBT) ने स्पष्ट किया है कि राम मंदिर से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं के मुद्दे पर व्यापक जनआंदोलन जारी रहेगा। इस मामले में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक जाँच और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया का अभी इंतजार है। यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र की राजनीति में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन और विपक्षी महाविकास अघाड़ी के बीच टकराव पहले से तेज है।