उद्धव ठाकरे ने यवतमाल में बागी सांसद संजय देशमुख को 'गद्दार' बताया, भाजपा पर राम मंदिर निधि को लेकर गंभीर आरोप
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने 27 जून 2026 को यवतमाल में पार्टी कार्यकर्ताओं की रैली में बागी सांसद संजय देशमुख और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर जोरदार हमला बोला। ठाकरे ने मतदाताओं से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी और भाजपा पर राजनीतिक दलबदल को प्रोत्साहित करने तथा राम मंदिर की दान-राशि में अनियमितता के गंभीर आरोप लगाए।
मतदाताओं से माफी और भावुक संबोधन
रैली में ठाकरे ने यवतमाल-वाशिम निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं से खेद व्यक्त करते हुए कहा, 'मैं आप सभी से माफी मांगता हूं। कभी-कभी मुझसे गलतियां हो जाती हैं। आपने सिर्फ मेरे कहने पर एक पुतले को चुना। उन्हें वोट देते समय आपने अपनी उंगलियों पर काली स्याही लगाई थी, लेकिन दल-बदल करके उन्होंने आपके भरोसे को कलंकित कर दिया है।' उन्होंने नागरिकों से भाजपा को राजनीतिक दलबदल के लिए जवाबदेह ठहराने का आग्रह किया।
ठाकरे ने मानसून की बारिश और महाराष्ट्र के राजनीतिक माहौल के बीच तुलना करते हुए कहा कि जैसे बारिश से सड़े पत्ते बह जाते हैं और नई कोंपलें उगती हैं, वैसे ही निष्ठावान शिवसैनिक उनका असली मानसून हैं। बारिश के बावजूद खेतों से रैली में आए किसानों की उन्होंने विशेष रूप से सराहना की।
संजय देशमुख पर सीधा निशाना
संजय देशमुख हाल ही में 'ऑपरेशन टाइगर' के तहत मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गुट में शामिल होने वाले छह सांसदों में से एक हैं। ठाकरे ने दावा किया कि पारिवारिक प्रतिबद्धताओं की आड़ में यह दलबदल कराया गया। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा, 'अगर कोई व्यक्ति अपनी मां की कसम खाकर अपने ही लोगों के साथ विश्वासघात करता है, तो मुझे आश्चर्य होता है कि उसकी मां को कैसा लगता होगा।'
दलबदल में वित्तीय प्रलोभन के आरोप
ठाकरे ने कथित वित्तीय सौदेबाजी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 'गद्दारों के बादशाह' — एकनाथ शिंदे का परोक्ष संदर्भ देते हुए — ने 40 विधायकों को तोड़ा और उस समय एक विधायक की कीमत '50 खोका' यानी ₹50 करोड़ हुआ करती थी। उन्होंने कहा, 'अब एक सांसद की कीमत क्या होगी? राजनीति एक धंधा बन गई है — चुनाव जीतो, और फिर अपनी बाजार कीमत बढ़ाओ।' गौरतलब है कि ये आरोप ठाकरे के अपने बयान हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
भाजपा और राम मंदिर पर गंभीर सवाल
ठाकरे ने भाजपा के हिंदुत्व के दावों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर की दान पेटियों से धन और चांदी की ईंटें चोरी हुई हैं तथा शिला पूजन के दौरान एकत्रित धन का हिसाब नहीं दिया गया। उन्होंने कहा, 'हमें चिंता होने लगी है कि कहीं भारतीय जनता पार्टी 'पाकिस्तान जनता पार्टी' न बन जाए।' ठाकरे ने यह भी कहा कि 'राम मंदिर वहीं बनाएंगे' जैसे नारे लगाकर भाजपा ने हिंदुओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया। ये सभी आरोप ठाकरे की ओर से लगाए गए हैं; भाजपा की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
आगे क्या
यवतमाल रैली ठाकरे की महाराष्ट्र में बागी सांसदों के खिलाफ बढ़ती आक्रामक राजनीतिक मुहिम का हिस्सा मानी जा रही है। शिवसेना (यूबीटी) का यह जनसंपर्क अभियान आने वाले चुनावों से पहले जमीनी समर्थन मजबूत करने की रणनीति के तहत देखा जा रहा है।