दल-बदल के बाद उद्धव ठाकरे का पलटवार: 27-29 जून को 6 बागी सांसदों के क्षेत्रों का दौरा
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे 27 से 29 जून तक महाराष्ट्र के उन निर्वाचन क्षेत्रों का व्यापक दौरा करेंगे, जहाँ से पार्टी के छह सांसदों ने दल-बदल कर एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना का दामन थाम लिया है। ठाकरे ने पहले ही घोषणा की है कि वे इन क्षेत्रों में जाकर उन मतदाताओं से सार्वजनिक रूप से माफी माँगेंगे जिन्होंने 2024 के आम चुनावों में अब दलबदलू बन चुके इन सांसदों को वोट दिया था।
किन सांसदों के क्षेत्रों में जाएंगे ठाकरे
पिछले सप्ताह हुए विद्रोह में जिन छह सांसदों ने शिंदे गुट में शामिल होने का संकेत दिया, वे हैं — ओमराजे निंबालकर (धाराशिव), संजय पाटिल (मुलुंड उत्तर पूर्व), संजय जाधव (परभणी), संजय देशमुख (यवतमाल), नागेश पाटिल अष्टिकर (हिंगोली) और भाऊसाहेब वाकचौरे (शिरडी)। राज्यसभा सांसद एवं सामना के कार्यकारी संपादक संजय राउत द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, प्रत्येक जिले के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को विशिष्ट जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं।
दौरे का पहला दिन: यवतमाल, वाशिम और हिंगोली
27 जून को ठाकरे यवतमाल से अपने दौरे की शुरुआत करेंगे। सांसद अरविंद सावंत, विधायक संजय डेरकर, संपर्क प्रमुख राजेंद्र गायकवाड़ और जिला प्रमुख प्रवीण शिंदे, किशोर इंगले तथा संजय निखाड़े तैयारियों की अगुवाई करेंगे। इसके बाद वे वाशिम जाएंगे, जहाँ समन्वय की जिम्मेदारी सांसद सावंत, विधायक डेरकर, संपर्क प्रमुख दिलीप जाधव और जिला प्रमुख बालाजी वानखेड़े के कंधों पर होगी। दोपहर बाद पार्टी प्रमुख हिंगोली पहुँचेंगे, जहाँ एमएलसी एवं पूर्व विपक्ष नेता अंबदास दानवे, संपर्क प्रमुख बबनराव थोराट और जिला प्रमुख संदेश देशमुख, अजय पाटिल तथा गोपू सावंत व्यवस्था संभालेंगे। रात्रि विश्राम परभणी में होगा।
दूसरा दिन: परभणी और धाराशिव
28 जून को ठाकरे परभणी शहर का दौरा करेंगे। एमएलसी दानवे, विधायक राहुल पाटिल, संपर्क प्रमुख प्रदीप कुमार खोपडे और जिला प्रमुख डॉ. विवेक नवंदर स्थानीय व्यवस्थाओं की देखरेख करेंगे। दोपहर बाद वे धाराशिव रवाना होंगे, जहाँ दानवे, विधायक कैलाश पाटिल और संपर्क प्रमुख सुनील कटमोरे व्यवस्थाएँ सँभालेंगे। दिन का समापन छत्रपति संभाजीनगर में रात्रि विश्राम के साथ होगा।
तीसरा दिन: शिरडी और मुंबई वापसी
दौरे के अंतिम दिन 29 जून को ठाकरे पवित्र नगर शिरडी जाएंगे। राउत, एमएलसी सुनील शिंदे, जिला प्रमुख सचिन कोटे और जगदीश चौधरी को इस चरण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। शिरडी दौरे के बाद पार्टी प्रमुख मुंबई लौटेंगे।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की रणनीति
यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब शिवसेना (यूबीटी) आंतरिक दबाव और दल-बदल की लहर से जूझ रही है। गौरतलब है कि संयुक्त शिवसेना के 60वें स्थापना दिवस पर ठाकरे ने भावुक अपील करते हुए कहा था कि यदि उनके नेता दलबदलू सांसदों के आरोपों को सही मानते हैं, तो वे शिवसेना (यूबीटी) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे देंगे। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, यह पूरा दौरा महत्वपूर्ण राजनीतिक गठबंधनों से पहले राज्यभर में कार्यकर्ताओं को एकजुट करने और जमीनी स्तर पर पकड़ मजबूत करने की रणनीतिक योजना का हिस्सा है। आने वाले हफ्तों में इन क्षेत्रों में पार्टी की जमीनी ताकत का असली परीक्षण होगा।