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शिवसेना (यूबीटी) की 18 जून को दिल्ली में सांसदों की अहम बैठक, 22 जून को मुंबई में विधायक दल की बैठक

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शिवसेना (यूबीटी) की 18 जून को दिल्ली में सांसदों की अहम बैठक, 22 जून को मुंबई में विधायक दल की बैठक

सारांश

आंतरिक संकट के बीच शिवसेना (यूबीटी) ने 18 जून को दिल्ली में सांसदों और 22 जून को मुंबई में विधायकों की बैठक बुलाई है। उद्धव ठाकरे खुद विधायक दल को मार्गदर्शन देंगे। साथ ही बागी सांसदों को अलग मान्यता न देने की माँग लोकसभा अध्यक्ष तक पहुँचाई गई है।

मुख्य बातें

शिवसेना (यूबीटी) ने 18 जून 2026 को सुबह 11 बजे नई दिल्ली के संविधान सदन में सांसदों की अनिवार्य बैठक बुलाई है।
22 जून 2026 को शाम 4 बजे मुंबई के 'शिवालय' में विधानसभा और विधान परिषद के सभी विधायकों की बैठक होगी, जिसमें उद्धव ठाकरे मार्गदर्शन करेंगे।
रविवार की बैठक में 9 में से 4 सांसद व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए; 4 ने ऑनलाइन और 1 ने फोन पर भाग लिया।
सांसद अरविंद सावंत ने 16 जून को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर बागी सांसदों को अलग मान्यता न देने की माँग की।
पार्टी के वर्तमान में 9 लोकसभा सांसद और 19 विधायक हैं।

आंतरिक उथल-पुथल और बागी सांसदों के संकट के बीच शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने अपने सभी लोकसभा सदस्यों को 18 जून 2026 को नई दिल्ली में संसदीय दल की बैठक के लिए बुलाया है। पार्टी के लोकसभा मुख्य सचेतक अनिल देसाई ने सभी सांसदों को पत्र भेजकर यह बैठक अनिवार्य घोषित की है।

बैठक का विवरण और स्थान

पार्टी के मुख्य सचेतक अनिल देसाई द्वारा भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यह बैठक 18 जून 2026 को सुबह 11 बजे संसदीय दल कार्यालय, कक्ष 128-ए, संविधान सदन, संसद भवन, नई दिल्ली में आयोजित होगी। पत्र में सभी सदस्यों से 'अनिवार्य रूप से' उपस्थित रहने का निवेदन किया गया है। इसके अतिरिक्त, 22 जून 2026 को शाम 4 बजे मुंबई के 'शिवालय' (मंत्रालय के सामने) में विधायक दल — विधानसभा और विधान परिषद दोनों के सदस्यों — की बैठक बुलाई गई है, जिसमें पार्टी प्रमुख उद्धव बालासाहेब ठाकरे स्वयं मार्गदर्शन करेंगे। यह पत्र मुख्य सचेतक सुनील प्रभु और एमएलसी अनिल परब की ओर से भेजा गया है।

रविवार की बैठक में क्या हुआ

इससे पहले रविवार को भी उद्धव ठाकरे ने सांसदों की बैठक बुलाई थी। पार्टी के 9 लोकसभा सदस्यों में से अरविंद सावंत, अनिल देसाई, राजभाऊ वाजे और संजय पाटिल व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए। ओमप्रकाश राजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे, नागेश बापुराव पाटिल अष्टिकर और संजय देशमुख ने ऑनलाइन माध्यम से भाग लिया, जबकि संजय जाधव ने फोन पर ठाकरे से बात की। गौरतलब है कि शिवसेना (यूबीटी) के वर्तमान में 9 सांसद और 19 विधायक हैं।

लोकसभा अध्यक्ष को पत्र

16 जून 2026 को शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अरविंद सावंत ने पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के निर्देश पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखा। इस पत्र में पार्टी के कुछ सांसदों को अलग समूह के रूप में मान्यता दिए जाने अथवा किसी अन्य राजनीतिक दल में उनके विलय की संभावना पर गंभीर आपत्ति जताई गई है। साथ ही माँग की गई है कि बागी सांसदों को अलग मान्यता न दी जाए।

पार्टी में आंतरिक संकट की पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब शिवसेना (यूबीटी) पार्टी के भीतर अनुशासन और एकजुटता बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रही है। लगातार बैठकें बुलाना और लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखना — दोनों संकेत देते हैं कि नेतृत्व बागी तत्वों पर लगाम लगाने की कोशिश में है। आगामी दिनों में इन बैठकों के नतीजे पार्टी की आंतरिक स्थिति की दिशा तय करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर 18 जून को — और उसके साथ लोकसभा अध्यक्ष को पत्र: यह सब मिलकर बताता है कि शिवसेना (यूबीटी) का नेतृत्व भीतर से दबाव में है। रविवार की बैठक में 9 में से केवल 4 सांसदों का व्यक्तिगत रूप से आना, बाकी का ऑनलाइन या फोन पर सीमित होना — यह एकजुटता की नहीं, बल्कि दूरी की तस्वीर है। बागी सांसदों को अलग मान्यता न देने की माँग रक्षात्मक रणनीति है, न कि आक्रामक। सवाल यह है कि 22 जून की विधायक बैठक में उद्धव ठाकरे का 'मार्गदर्शन' पार्टी को बाँधेगा या केवल औपचारिकता बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शिवसेना (यूबीटी) ने 18 जून की बैठक क्यों बुलाई है?
पार्टी के भीतर चल रही उथल-पुथल और बागी सांसदों के संकट के बीच 'पार्टी के विभिन्न मुद्दों' पर चर्चा के लिए यह बैठक बुलाई गई है। मुख्य सचेतक अनिल देसाई ने सभी लोकसभा सदस्यों को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया है।
22 जून की मुंबई बैठक में क्या होगा?
22 जून को मुंबई के 'शिवालय' में विधानसभा और विधान परिषद दोनों के विधायकों की संयुक्त बैठक होगी। पार्टी प्रमुख उद्धव बालासाहेब ठाकरे इस बैठक में स्वयं उपस्थित होकर मार्गदर्शन करेंगे।
लोकसभा अध्यक्ष को पत्र क्यों लिखा गया?
सांसद अरविंद सावंत ने 16 जून को उद्धव ठाकरे के निर्देश पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर माँग की कि बागी सांसदों को अलग समूह के रूप में मान्यता न दी जाए और न ही उन्हें किसी अन्य दल में विलय की अनुमति दी जाए।
शिवसेना (यूबीटी) के कितने सांसद और विधायक हैं?
वर्तमान में शिवसेना (यूबीटी) के 9 लोकसभा सांसद और 19 विधायक हैं। रविवार की बैठक में 9 में से 4 सांसद व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए थे।
रविवार की बैठक में कौन-कौन शामिल हुए थे?
रविवार की बैठक में अरविंद सावंत, अनिल देसाई, राजभाऊ वाजे और संजय पाटिल व्यक्तिगत रूप से शामिल हुए। ओमप्रकाश राजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे, नागेश बापुराव पाटिल अष्टिकर और संजय देशमुख ने ऑनलाइन भाग लिया, जबकि संजय जाधव ने फोन पर ठाकरे से बात की।
राष्ट्र प्रेस
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