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यूपी के 57,000 पंचायत सहायकों को ₹9,000 मासिक मानदेय, मुकदमे वापस और बर्खास्त सहायकों की बहाली: राजभर

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यूपी के 57,000 पंचायत सहायकों को ₹9,000 मासिक मानदेय, मुकदमे वापस और बर्खास्त सहायकों की बहाली: राजभर

सारांश

उत्तर प्रदेश में पंचायत सहायकों का लंबे समय से चला आ रहा आंदोलन अब सरकारी आश्वासन के साथ थमता दिख रहा है — ₹9,000 मासिक मानदेय, कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा, मुकदमों की वापसी और बहाली की घोषणा के बाद 57,000 से अधिक सहायकों को राहत मिलने की उम्मीद है।

मुख्य बातें

पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने 16 सितंबर 2026 को घोषणा की कि यूपी के पंचायत सहायकों को ₹9,000 मासिक मानदेय मिलेगा।
राज्य में 57,000 से अधिक पंचायत सहायक इस निर्णय से सीधे लाभान्वित होंगे।
आंदोलन के दौरान दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाएंगे और बर्खास्त सहायकों को पुनः बहाल किया जाएगा।
प्रत्येक पंचायत सहायक के परिवार को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा भी प्रदान की जाएगी।
पहले ₹8,000 का आश्वासन था; मुख्यमंत्री से वार्ता के बाद राशि बढ़ाकर ₹9,000 की गई।
पंचायत सहायकों की नियुक्ति 2022 में ग्राम पंचायत प्रशासन को सुव्यवस्थित करने के लिए की गई थी।

उत्तर प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बुधवार, 16 सितंबर 2026 को लखनऊ में घोषणा की कि राज्य के 57,000 से अधिक पंचायत सहायकों को अब हर महीने ₹9,000 का मानदेय मिलेगा। साथ ही, आंदोलन के दौरान उनके खिलाफ दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाएंगे और जिन सहायकों को हटाया गया था, उन्हें पुनः बहाल किया जाएगा।

मुख्य घटनाक्रम

पंचायत सहायकों ने अपने मानदेय में वृद्धि की माँग को लेकर 24 तारीख से धरना प्रदर्शन शुरू किया था। मंत्री राजभर ने बताया कि सोमवार को लखनऊ पहुँचने के बाद उन्होंने सहायकों के प्रतिनिधियों से बातचीत की और उनकी माँगों को जायज पाया।

राजभर ने पत्रकारों से कहा, 'मैंने आज सुबह मुख्यमंत्री से बात की है। बातचीत के बाद सभी पंचायत सहायकों को ₹9,000 रुपया महीना देने का ऐलान मुख्यमंत्री से वार्ता के बाद हुआ है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि पहले वे ₹8,000 पर अड़े थे, परंतु मुख्यमंत्री से वार्ता के बाद यह राशि बढ़ाकर ₹9,000 कर दी गई।

सहायकों को मिलने वाले लाभ

इस घोषणा के अंतर्गत पंचायत सहायकों को तीन प्रमुख राहतें दी गई हैं। पहली, प्रत्येक सहायक को ₹9,000 मासिक मानदेय मिलेगा। दूसरी, प्रत्येक पंचायत सहायक के परिवार को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा भी प्रदान की जाएगी। तीसरी, आंदोलन के दौरान दर्ज किए गए सभी मुकदमे वापस लिए जाएंगे और बर्खास्त सहायकों को पुनः बहाल किया जाएगा।

पंचायत सहायकों की नियुक्ति की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि 2022 में उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्राम पंचायतों में प्रशासनिक कामकाज को सुव्यवस्थित करने के लिए 57,000 से अधिक पंचायत सहायकों की नियुक्ति की थी। इन्हें आधिकारिक तौर पर पंचायत सहायक/अकाउंटेंट-सह-डेटा एंट्री ऑपरेटर के रूप में नियुक्त किया गया था। इस पहल का उद्देश्य सेवा वितरण का विकेंद्रीकरण करना और ग्रामीण आबादी के लिए प्रशासनिक सेवाओं को सुलभ बनाना था।

यह ऐसे समय में आया है जब पिछले कुछ दिनों में पंचायत सहायकों ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में अपना मानदेय बढ़ाने की माँग को लेकर व्यापक प्रदर्शन किए थे।

आम जनता और सहायकों पर असर

इस निर्णय से राज्य के 57,000 से अधिक पंचायत सहायक और उनके परिवार सीधे लाभान्वित होंगे। मासिक मानदेय में वृद्धि के साथ-साथ कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा से इन कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा को बल मिलेगा। मुकदमों की वापसी और बहाली की घोषणा से उन सहायकों को राहत मिलेगी जो आंदोलन के दौरान कार्रवाई का शिकार हुए थे।

क्या होगा आगे

सरकार की यह घोषणा अब क्रियान्वयन के चरण में जाएगी, जहाँ प्रशासनिक प्रक्रियाओं के ज़रिए मुकदमों की वापसी और बहाली की कार्रवाई की जाएगी। मंत्री राजभर के इस ऐलान के बाद पंचायत सहायकों का धरना प्रदर्शन समाप्त होने की उम्मीद है। यह देखना होगा कि सरकार इन घोषणाओं को किस समयसीमा में ज़मीन पर उतारती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 का मानदेय एक राहत ज़रूर है, लेकिन यह घोषणा आंदोलन के दबाव में आई है — नीतिगत योजना के तहत नहीं। 2022 में इन पदों की नियुक्ति के समय ही स्पष्ट और उचित मानदेय तय होना चाहिए था, जो नहीं हुआ। अब मुकदमे वापसी और बहाली की बात हो रही है, लेकिन इन घोषणाओं के क्रियान्वयन की कोई स्पष्ट समयसीमा सामने नहीं आई है। असली परीक्षा यह होगी कि कागज़ी ऐलान ज़मीन पर कितनी जल्दी और पारदर्शी तरीके से उतरते हैं।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूपी पंचायत सहायकों को कितना मानदेय मिलेगा?
उत्तर प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर की घोषणा के अनुसार, राज्य के 57,000 से अधिक पंचायत सहायकों को अब ₹9,000 मासिक मानदेय मिलेगा। यह राशि मुख्यमंत्री से वार्ता के बाद पहले तय ₹8,000 से बढ़ाकर की गई है।
पंचायत सहायकों के खिलाफ दर्ज मुकदमे क्यों वापस होंगे?
आंदोलन के दौरान मानदेय वृद्धि की माँग को लेकर प्रदर्शन करने वाले कुछ सहायकों के खिलाफ मुकदमे दर्ज हुए थे। मंत्री राजभर ने घोषणा की है कि इन सभी मुकदमों को वापस लिया जाएगा और जिन सहायकों को बर्खास्त किया गया था, उन्हें भी पुनः बहाल किया जाएगा।
यूपी में पंचायत सहायक कौन होते हैं और इनकी नियुक्ति कब हुई?
पंचायत सहायकों को 2022 में उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्राम पंचायतों में प्रशासनिक कामकाज सुव्यवस्थित करने के लिए नियुक्त किया था। इन्हें आधिकारिक रूप से पंचायत सहायक/अकाउंटेंट-सह-डेटा एंट्री ऑपरेटर के रूप में तैनात किया गया था और इनकी कुल संख्या 57,000 से अधिक है।
पंचायत सहायकों को कैशलेस सुविधा क्या है?
मंत्री राजभर के अनुसार, ₹9,000 मासिक मानदेय के अतिरिक्त प्रत्येक पंचायत सहायक के परिवार को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा भी प्रदान की जाएगी। इससे उनके परिवारजनों को चिकित्सा खर्च में सीधी राहत मिलेगी।
पंचायत सहायकों का आंदोलन किस माँग को लेकर शुरू हुआ था?
पंचायत सहायकों ने अपने मानदेय में वृद्धि की माँग को लेकर 24 तारीख से धरना प्रदर्शन शुरू किया था और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में विरोध प्रदर्शन किए थे। मंत्री राजभर ने इनकी माँगों को जायज बताते हुए मुख्यमंत्री से बातचीत के बाद ₹9,000 का ऐलान किया।
राष्ट्र प्रेस
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