उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में वृद्धि को दी मंजूरी
सारांश
Key Takeaways
- मानदेय वृद्धि: शिक्षामित्रों का मानदेय 18,000 रुपये, अनुदेशकों का 17,000 रुपये।
- आर्थिक लाभ: लगभग दो लाख परिवारों को मिलेगा सीधा लाभ।
- राजनीतिक संदर्भ: विपक्ष पर निशाना साधते हुए मंत्री की प्रतिक्रिया।
लखनऊ, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लोक भवन में आयोजित कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास एवं जनहित से संबंधित कुल 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इस बैठक को राज्य सरकार की नीतिगत दिशा को निर्धारित करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विभिन्न विभागों से जुड़े प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा के बाद उन्हें सर्वसम्मति से पारित किया गया।
बैठक के पश्चात उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि 20 से अधिक प्रस्तावों पर विचार किया गया और उन्हें स्वीकृति दी गई। उन्होंने यह भी बताया कि भीमराव अंबेडकर एवं भारतीय संविधान के निर्माताओं की प्रतिमाओं के संरक्षण और सौंदर्यीकरण का कार्य किया जाएगा। इसके अंतर्गत उनकी प्रतिमाओं पर छत और चबूतरे का निर्माण किया जाएगा और उनका नवीनीकरण किया जाएगा। इस अभियान की शुरुआत 14 अप्रैल को की जाएगी।
उप-मुख्यमंत्री ने कहा, "आप सभी जानते हैं कि जब भी राज्य में समाजवादी पार्टी की सरकार रही, तब एक हजार से अधिक दंगे हुए हैं। लोग अभी भी मुजफ्फरनगर दंगों को नहीं भूले हैं। समाजवादी पार्टी के शासन में दंगे होना, ये दोनों एक-दूसरे के पर्याय बन चुके हैं।" उन्होंने कानून-व्यवस्था को लेकर भी चिंता व्यक्त की।
उन्होंने आगे कहा, "महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित रखा गया था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुद्दे को प्राथमिकता देते हुए उन्हें सम्मानित किया है। 33 प्रतिशत आरक्षण की मांग कई वर्षों से की जा रही थी। मैं संसद में मौजूद था और समाजवादी पार्टी ने महिला आरक्षण विधेयक का विरोध किया।"
मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने अपने विभाग से जुड़े वेतन संबंधी प्रस्ताव का जिक्र किया। मदरसा बोर्ड के मुद्दे पर उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में ऐसा कोई नया बिल नहीं लाया गया है।
उन्होंने कहा, "महिलाओं के लिए आरक्षण आधी आबादी के लिए है, तो क्या उन्हें आरक्षण नहीं मिलना चाहिए?"
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि शिक्षामित्रों के लिए यह दिन ऐतिहासिक है। कैबिनेट ने शिक्षामित्रों के मानदेय को 10,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये प्रति माह करने का निर्णय लिया है। साथ ही, अनुदेशकों का मानदेय 9,000 रुपये से बढ़ाकर 17,000 रुपये कर दिया गया है। इस निर्णय से प्रदेश के लगभग दो लाख परिवारों को सीधे आर्थिक लाभ की उम्मीद है।
मंत्री जयवीर सिंह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश की जनता ‘जंगलराज’ को नहीं भूली है। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में हुए अत्याचारों को जनता याद रखे हुए है।
मंत्री आशीष पटेल ने कहा कि जनता से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर कैबिनेट ने ठोस निर्णय लिए हैं। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है।