गोरखपुर में CM योगी का शिक्षामित्रों को संदेश: संवाद से समाधान, मानदेय ₹3,500 से बढ़ाकर ₹10,000 किया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार, 5 मई 2026 को गोरखपुर में आयोजित शिक्षामित्र सम्मान समारोह में शिक्षामित्रों को संबोधित करते हुए कहा कि संवाद के जरिए समाधान संभव है, जबकि टकराव की राजनीति समाज और शिक्षा व्यवस्था दोनों को नुकसान पहुँचाती है। उन्होंने मानदेय बढ़ोतरी के फैसले को अपनी सरकार की संवेदनशीलता का प्रमाण बताया और शिक्षामित्रों से सकारात्मक सोच व जिम्मेदारी के साथ काम करने का आह्वान किया।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री योगी ने कार्यक्रम में बताया कि पूर्ववर्ती सरकारों ने नियमों का उल्लंघन करते हुए शिक्षामित्रों को सहायक शिक्षक बनाने का प्रयास किया, जो विधि विरुद्ध था। इसके बाद सर्वोच्च न्यायालय के आदेश से शिक्षामित्रों की सेवाएँ समाप्त होने का संकट खड़ा हो गया था, जिससे डेढ़ लाख परिवारों की रोजी-रोटी खतरे में पड़ गई थी।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने 2017 में शिक्षामित्रों की सेवाएँ समाप्त करने के बजाय उन्हें बनाए रखने का निर्णय लिया और उनका मानदेय ₹3,500 से बढ़ाकर ₹10,000 किया। योगी के अनुसार, सरकार समय-समय पर मानदेय बढ़ाने की इच्छुक थी, लेकिन कुछ तत्वों ने शिक्षामित्रों के बीच भ्रम और शोषण की स्थिति पैदा की।
शिक्षक की भूमिका पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक का दायित्व केवल पढ़ाना नहीं, बल्कि समाज की दिशा तय करना भी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नकारात्मक सोच समाज के लिए घातक हो सकती है, जबकि सकारात्मक दृष्टिकोण से बेहतर पीढ़ी का निर्माण संभव है। उनके शब्दों में,