शिक्षामित्रों का मानदेय ₹18,000 प्रतिमाह: योगी सरकार ने निभाया वादा, 1 अप्रैल 2026 से लागू
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने 5 मई 2026 को गोरखपुर में घोषणा की कि योगी सरकार ने शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाकर ₹18,000 प्रतिमाह कर दिया है, जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी है। इस वृद्धि के लिए ₹230.11 करोड़ की धनराशि जनपदों को जारी की जा चुकी है, ताकि भुगतान समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित हो सके।
मानदेय वृद्धि का सफर
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने गोरखपुर में आयोजित राज्यस्तरीय 'शिक्षामित्र सम्मान समारोह' को संबोधित करते हुए बताया कि वर्ष 2017 में शिक्षामित्रों का मानदेय मात्र ₹3,500 प्रतिमाह था, जिसे पहले बढ़ाकर ₹10,000 किया गया और अब ₹18,000 प्रतिमाह कर दिया गया है। उन्होंने इसे शिक्षामित्रों के त्याग, समर्पण और सेवा के प्रति प्रदेश सरकार की कृतज्ञता का प्रतीक बताया।
मंत्री ने कहा कि यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शिक्षामित्रों के सम्मान की सरकारी स्वीकृति है। उन्होंने कहा कि गाँव-गाँव में ज्ञान की अलख जगाने में शिक्षामित्रों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है और सरकार उनके सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है।
ऑपरेशन कायाकल्प और बुनियादी सुविधाएँ
संदीप सिंह ने बेसिक शिक्षा विभाग में हुए व्यापक सुधारों का उल्लेख करते हुए बताया कि 'ऑपरेशन कायाकल्प' के तहत प्रदेश के विद्यालयों में 19 मानकों पर मूलभूत सुविधाएँ सुनिश्चित की गई हैं। पेयजल, शौचालय, फर्नीचर, ब्लैकबोर्ड और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को लगभग पूर्ण किया जा चुका है।
गौरतलब है कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए परिषदीय विद्यालयों में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू किया गया है, जिससे सरकारी और निजी विद्यालयों के बीच का शैक्षिक अंतर कम हुआ है।
डिजिटल शिक्षा में बड़ा विस्तार
मंत्री ने बताया कि डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 31,878 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, 14,988 विद्यालयों में आईसीटी लैब और 1,129 विद्यालयों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की गई हैं। इसके अलावा 2.61 लाख से अधिक टैबलेट शिक्षकों को वितरित किए गए हैं।
बालिका शिक्षा और विद्यार्थी सहायता
बालिका शिक्षा के क्षेत्र में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को कक्षा 6 से 12 तक विस्तारित किया गया है, जिससे छात्राओं की शिक्षा निरंतर जारी रह सके। साथ ही विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म, जूते, मोजे, बैग और स्टेशनरी के लिए ₹1,200 की डीबीटी सहायता सीधे उनके खातों में भेजी जा रही है।
स्कूल चलो अभियान की सफलता
'स्कूल चलो अभियान' के तहत 1 से 15 अप्रैल 2026 तक चले विशेष नामांकन अभियान में 20 लाख से अधिक नए विद्यार्थियों का पंजीकरण हुआ, जो सरकार की शिक्षा नीति की सफलता को दर्शाता है। मंत्री संदीप सिंह ने शिक्षामित्रों से आह्वान किया कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ करते रहें, क्योंकि वे नई पीढ़ी के भविष्य निर्माता हैं। आगे सरकार शिक्षा क्षेत्र में और सुधारों की दिशा में कदम बढ़ाती रहेगी।