गोरखपुर में ₹14.33 करोड़ के टू-लेन ब्रिज का लोकार्पण, CM योगी बोले — 2017 के बाद बदली शहर की तस्वीर
सारांश
2017 से पहले माफिया और मच्छर के लिए बदनाम गोरखपुर आज एम्स, खाद कारखाना, आयुष विश्वविद्यालय और अब ₹14.33 करोड़ के टू-लेन ब्रिज के साथ नई पहचान बना रहा है। CM योगी ने कहा — अब गोरखपुर का नाम सुनकर लोग डरते नहीं, बल्कि यहाँ आकर अचंभित होते हैं।
मुख्य बातें
CM योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर के तारामंडल क्षेत्र में ₹14.33 करोड़ की लागत से बने 112 मीटर लंबे टू-लेन ब्रिज का लोकार्पण किया।
ब्रिज के दोनों तरफ 1.5 मीटर चौड़ा फुटपाथ बनाया गया है; वसुंधरा एंक्लेव द्वितीय व तृतीय के बीच आंतरिक कनेक्टिविटी मजबूत हुई।
CM योगी ने कहा कि गीडा में उद्योगों के माध्यम से अकेले 50,000 से अधिक नौजवानों को रोज़गार मिला है।
2017 से पहले गोरखपुर माफिया और असुरक्षा के लिए बदनाम था; अब एम्स, खाद कारखाना, आयुष विश्वविद्यालय, चिड़ियाघर और रामगढ़ताल पर्यटन केंद्र जैसी सुविधाएँ विकसित हो चुकी हैं।
तारामंडल क्षेत्र में कन्वेंशन सेंटर, साइंस पार्क और वाटर बॉडी सौंदर्यीकरण का काम जारी है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 6 मई 2025 को गोरखपुर के तारामंडल क्षेत्र में वाटर बॉडी पर बने ₹14.33 करोड़ की लागत के टू-लेन ब्रिज का लोकार्पण किया। फीता काटकर और शिलापट्ट का अनावरण करते हुए उन्होंने इस पुल को जनता को समर्पित किया और कहा कि 2017 के बाद गोरखपुर में विकास की एक विस्तृत श्रृंखला तैयार हुई है, जिसने शहर की पहचान और छवि को पूरी तरह बदल दिया है।
2017 से पहले की गोरखपुर की तस्वीर
मुख्यमंत्री ने मंचीय संबोधन में कहा कि 2017 से पहले गोरखपुर की छवि असुरक्षा से जुड़ी थी। उनके शब्दों में,
संपादकीय दृष्टिकोण
खाद कारखाना और GIDA में रोज़गार जैसे तथ्य सत्यापन-योग्य उपलब्धियाँ हैं, लेकिन '50,000 नौकरियाँ' जैसे आँकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध नहीं है। तारामंडल क्षेत्र का 'सबसे पॉश कॉलोनी' बनना रियल एस्टेट मूल्यों में वृद्धि दर्शाता है, लेकिन यह सवाल भी उठता है कि इस विकास का लाभ मूल निवासियों तक पहुँचा या केवल संपत्ति बाज़ार को मिला। ₹14.33 करोड़ का यह पुल अपने आप में एक स्थानीय ज़रूरत थी — असली परीक्षा यह है कि क्या वाटर बॉडी सौंदर्यीकरण और नौकायन की योजनाएँ समयबद्ध तरीके से पूरी होती हैं।
RashtraPress
14 मई 2026
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
गोरखपुर के तारामंडल क्षेत्र में बना नया ब्रिज कितने का है और इसकी विशेषताएँ क्या हैं?
यह ब्रिज ₹14.33 करोड़ की लागत से गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) द्वारा बनाया गया है। यह 112 मीटर लंबा टू-लेन पुल है जिसके दोनों तरफ 1.5 मीटर चौड़ा फुटपाथ है और यह वसुंधरा एंक्लेव द्वितीय व तृतीय को आपस में जोड़ता है।
इस ब्रिज से गोरखपुर के किन इलाकों को फायदा होगा?
अमरावती निकुंज, वसुंधरा फेज 1, 2 व 3, सिद्धार्थ एन्क्लेव, सिद्धार्थपुरम, सिद्धार्थ विहार, गौतम विहार, बुद्ध विहार, लेक व्यू, वैशाली, विवेकपुरम और जैमिनी गार्डेनिया सहित आसपास के दर्जनों आवासीय क्षेत्रों के निवासियों को अब दिग्विजयनाथ पार्क, सर्किट हाउस और पैडलेगंज तक पहुँचने के लिए छोटा रास्ता मिल गया है। नया सवेरा पर लगने वाले जाम से भी राहत मिलेगी।
CM योगी के अनुसार 2017 के बाद गोरखपुर में क्या-क्या बदला?
CM योगी ने कहा कि 2017 से पहले गोरखपुर माफिया और असुरक्षा के लिए जाना जाता था और कोई निवेश नहीं आता था। अब गोरखपुर में एम्स, खाद कारखाना, पिपराइच चीनी मिल, आयुष विश्वविद्यालय, चिड़ियाघर, रामगढ़ताल पर्यटन केंद्र, फोर-लेन व सिक्स-लेन कनेक्टिविटी और गीडा में 50,000 से अधिक रोज़गार उपलब्ध हैं।
तारामंडल क्षेत्र में आगे और क्या विकास कार्य होने वाले हैं?
CM योगी ने बताया कि तारामंडल क्षेत्र में कन्वेंशन सेंटर का निर्माण, तारामंडल का पुनरोद्धार, साइंस पार्क का निर्माण और वाटर बॉडी का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। उन्होंने GDA अधिकारियों को निर्देश दिया कि वाटर बॉडी को रामगढ़ताल के समकक्ष विकसित किया जाए और नौकायन की सुविधा भी दी जाए।
सांसद रविकिशन शुक्ल ने इस कार्यक्रम में क्या कहा?
सांसद रविकिशन शुक्ल ने कहा कि CM योगी के मार्गदर्शन में गोरखपुर विकास की नजीर पेश कर रहा है और मुख्यमंत्री ने शहर को विकसित, स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए करोड़ों रुपए की परियोजनाएँ दी हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की जीत पर CM योगी को बधाई भी दी।