14 जुलाई 2026
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भारत-मालदीव एफटीए वार्ता का पहला दौर सफल, द्विपक्षीय व्यापार ₹6,400 करोड़ के पार

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भारत-मालदीव एफटीए वार्ता का पहला दौर सफल, द्विपक्षीय व्यापार ₹6,400 करोड़ के पार

सारांश

भारत-मालदीव एफटीए वार्ता का पहला दौर पूरा हो गया है — और यह महज़ एक तकनीकी कदम नहीं है। राजनयिक संबंधों की 60वीं वर्षगाँठ के बीच यह वार्ता दर्शाती है कि भारत हिंद महासागर में अपनी आर्थिक पकड़ को कूटनीतिक रिश्तों से जोड़ने की रणनीति पर काम कर रहा है।

मुख्य बातें

भारत-मालदीव एफटीए वार्ता का पहला दौर 14 जुलाई 2026 को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
दोनों देशों के वार्ताकारों ने 8 तकनीकी सत्रों में 8 प्रमुख नीति क्षेत्रों पर चर्चा की।
वित्त वर्ष 2025-26 में द्विपक्षीय व्यापार 13.54% बढ़कर 771.76 मिलियन डॉलर पहुँचा।
भारत की ओर से उज्ज्वल कुमार घोष और मालदीव की ओर से यूसुफ रिजा ने वार्ता का नेतृत्व किया।
मंत्री पीयूष गोयल और मोहम्मद सईद ने बीआईटी एवं एफटीए को शीघ्र अंतिम रूप देने की प्रतिबद्धता दोहराई।
दोनों देश इस वर्ष राजनयिक संबंधों के 60 वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रहे हैं।

भारत और मालदीव के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर बातचीत का पहला दौर 14 जुलाई 2026 को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। वाणिज्य मंत्रालय ने मंगलवार को जारी बयान में बताया कि दोनों देशों के वार्ताकारों ने आठ तकनीकी सत्रों में आठ प्रमुख नीति क्षेत्रों पर विस्तृत चर्चा की और अनेक विषयों पर व्यापक सहमति बनाने में सफलता मिली। यह वार्ता ऐसे समय में हुई है जब दोनों देश इस वर्ष अपने राजनयिक संबंधों के 60 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहे हैं।

वार्ता का स्वरूप और नेतृत्व

भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वाणिज्य विभाग के संयुक्त सचिव एवं मुख्य वार्ताकार उज्ज्वल कुमार घोष ने किया। मालदीव की ओर से मुख्य वार्ताकार यूसुफ रिजा ने प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई की। दोनों पक्षों ने निष्पक्षता और पारस्परिक लाभ के सिद्धांतों पर आधारित एक व्यापक, संतुलित और समग्र व्यापार समझौते की दिशा में काम जारी रखने पर सहमति जताई।

द्विपक्षीय व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि

भारत फिलहाल मालदीव का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। वित्त वर्ष 2025-26 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार बढ़कर 771.76 मिलियन डॉलर पहुँच गया, जो वित्त वर्ष 2024-25 के 679.70 मिलियन डॉलर की तुलना में 13.54 प्रतिशत अधिक है। आँकड़ों के अनुसार, यह वृद्धि दर्शाती है कि एफटीए से पहले भी दोनों देशों के आर्थिक संबंध मज़बूत हो रहे हैं।

मंत्री स्तरीय बैठक और प्रतिबद्धता

पिछले सप्ताह केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मालदीव के आर्थिक विकास, परिवहन एवं व्यापार मंत्री मोहम्मद सईद से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों नेताओं ने एफटीए वार्ता की प्रगति की समीक्षा की और द्विपक्षीय निवेश संधि (बीआईटी) तथा एफटीए को जल्द अंतिम रूप देने की प्रतिबद्धता दोहराई। गौरतलब है कि यह बैठक राजनयिक संबंधों की 60वीं वर्षगाँठ के उत्सव के बीच हुई, जो इसे और अधिक प्रतीकात्मक बनाती है।

सहयोग के नए क्षेत्र

वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों ने पर्यटन, स्टार्टअप, डिजिटल भुगतान, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) तथा व्यापार जैसे क्षेत्रों में सहयोग और गहरा करने पर सहमति जताई है। प्रस्तावित एफटीए से बाज़ार तक पहुँच सरल होगी, निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और दोनों देशों की सतत आर्थिक वृद्धि को गति मिलेगी।

आगे की राह

वार्ता के पहले दौर की सफलता के बाद अब दोनों पक्ष अगले दौर की तैयारी में जुटेंगे। मंत्रालय के बयान के अनुसार, समझौते को जल्द अंतिम रूप देने की दिशा में दोनों देश मिलकर काम करेंगे। यदि एफटीए समय पर लागू होता है, तो यह हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की आर्थिक कूटनीति का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भू-राजनीतिक भी बनाता है। 13.54% व्यापार वृद्धि उत्साहजनक है, लेकिन 771 मिलियन डॉलर का आँकड़ा अभी भी क्षेत्रीय क्षमता के अनुरूप नहीं है। असली परीक्षा यह होगी कि एफटीए में मालदीव के संवेदनशील क्षेत्रों — जैसे मत्स्य पालन और पर्यटन — को लेकर कितना संतुलन बनाया जाता है, क्योंकि असंतुलित समझौते अक्सर घरेलू विरोध को जन्म देते हैं।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-मालदीव मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) क्या है?
भारत-मालदीव एफटीए एक प्रस्तावित द्विपक्षीय समझौता है जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को नई गति देना है। इसके तहत बाज़ार तक पहुँच आसान होगी और पारस्परिक लाभ के आधार पर एक व्यापक व्यापार ढाँचा तैयार किया जाएगा।
एफटीए वार्ता के पहले दौर में क्या हुआ?
14 जुलाई 2026 को संपन्न पहले दौर में दोनों देशों के वार्ताकारों ने 8 तकनीकी सत्रों में 8 प्रमुख नीति क्षेत्रों पर विस्तृत चर्चा की। अनेक विषयों पर व्यापक सहमति बनी और दोनों पक्षों ने वार्ता को आगे जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई।
भारत और मालदीव के बीच व्यापार कितना है?
वित्त वर्ष 2025-26 में भारत-मालदीव द्विपक्षीय व्यापार 771.76 मिलियन डॉलर रहा, जो वित्त वर्ष 2024-25 के 679.70 मिलियन डॉलर की तुलना में 13.54 प्रतिशत अधिक है। भारत वर्तमान में मालदीव का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।
एफटीए वार्ता में किन क्षेत्रों पर सहमति बनी है?
दोनों देशों ने पर्यटन, स्टार्टअप, डिजिटल भुगतान, एमएसएमई और व्यापार जैसे क्षेत्रों में सहयोग मज़बूत करने पर सहमति जताई है। इसके अलावा द्विपक्षीय निवेश संधि (बीआईटी) को भी शीघ्र अंतिम रूप देने की बात कही गई है।
भारत-मालदीव संबंधों का यह दौर क्यों महत्वपूर्ण है?
दोनों देश इस वर्ष अपने राजनयिक संबंधों के 60 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहे हैं, जो इस वार्ता को विशेष महत्व देता है। इस अवसर पर एफटीए और बीआईटी को जल्द अंतिम रूप देने की प्रतिबद्धता ने दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई दिशा देने का संकेत दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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