मानसून से पहले राजभर का एक्शन: UP की 57,694 ग्राम पंचायतों में हैंडपंप मरम्मत और पेयजल योजनाएं समयबद्ध पूरी करने के निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के पंचायतीराज, अल्पसंख्यक कल्याण एवं मुस्लिम वक्फ मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने 28 जून 2026 को लखनऊ स्थित सचिवालय के मुख्य भवन में पंचायतीराज विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। मानसून की दस्तक से पहले उन्होंने प्रदेश की 57,694 ग्राम पंचायतों में पेयजल, स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के स्पष्ट निर्देश जारी किए। राजभर ने अधिकारियों को जवाबदेह बनाते हुए कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
हैंडपंप और पेयजल संकट पर सख्त रुख
बैठक में मानसून के दौरान पेयजल संकट से बचाव को सर्वाधिक महत्वपूर्ण विषय मानते हुए मंत्री ने सभी खराब और बालूयुक्त हैंडपंपों की प्राथमिकता के आधार पर तत्काल मरम्मत कराने के आदेश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करना राज्य सरकार की पहली जिम्मेदारी है। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून पूर्व की गर्मी में कई जिलों में जलसंकट की शिकायतें सामने आई हैं।
जल जीवन मिशन (ग्रामीण) के तहत निर्मित ओवरहेड पेयजल टंकियों, पाइपलाइन विस्तार और पंचायतों को हस्तांतरित परिसंपत्तियों की समीक्षा करते हुए राजभर ने शेष कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही पाइपलाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त हुई ग्रामीण सड़कों की मरम्मत को भी प्राथमिकता के आधार पर निपटाने पर जोर दिया।
अमृत सरोवर और जलभराव की समीक्षा
मंत्री ने अमृत सरोवरों के निर्माण, उनमें जलभराव की स्थिति और पंचायतों को हस्तांतरण की जनपदवार अद्यतन रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। गौरतलब है कि अमृत सरोवर योजना के तहत उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर तालाबों का जीर्णोद्धार और नए जलाशयों का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन कई जिलों में हस्तांतरण और रखरखाव की प्रक्रिया अभी अधूरी बताई जा रही है। राजभर ने इस प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए अधिकारियों को समयसीमा के साथ जवाब देने को कहा।
स्वच्छता और डिजिटल सेवाओं पर जोर
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की समीक्षा करते हुए मंत्री ने सामुदायिक शौचालयों में नियमित सफाई, सफाई कर्मियों के मानदेय का समय पर भुगतान तथा व्यक्तिगत शौचालयों के लंबित एवं निरस्त आवेदनों के पारदर्शी निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता व्यवस्था में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं होगी।
बैठक में फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (FSTP), सभी हैंडपंपों की जियो-टैगिंग एवं जल गुणवत्ता परीक्षण, ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी, ग्राम सचिवालयों में आधार सेवा केंद्र, परिवार रजिस्टर के डिजिटलीकरण तथा सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) गतिविधियों की भी विस्तार से समीक्षा की गई।
अधिकारियों को जवाबदेही का संदेश
राजभर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि केंद्र और प्रदेश सरकार की सभी पंचायत स्तरीय योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी, बारात घर तथा उत्सव भवनों के निर्माण कार्यों में तेजी लाने पर भी जोर दिया। पिछली समीक्षा बैठकों में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की अद्यतन रिपोर्ट भी तलब की गई।
मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पहुँचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आने वाले हफ्तों में विभिन्न योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।