मंत्रिपरिषद बैठक में PM मोदी के पाँच देशों के दौरे की उपलब्धियों पर होगी समीक्षा: ओपी राजभर
सारांश
मुख्य बातें
यूपी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने 21 मई 2026 को कहा कि नई दिल्ली में बुलाई गई मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया पाँच देशों के विदेश दौरे की उपलब्धियों, वहाँ हुई चर्चाओं और समझौतों के क्रियान्वयन पर विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा। राजभर ने स्पष्ट किया कि इसी उद्देश्य से यह विशेष बैठक आयोजित की गई है।
मंत्रिपरिषद बैठक का उद्देश्य
राजभर ने गुरुवार को एक खास बातचीत में बताया कि प्रधानमंत्री मोदी हाल ही में विदेश यात्रा से लौटे हैं और उस दौरान जो योजनाएँ तथा समझौते हुए हैं, उन्हें ज़मीन पर उतारने की प्रक्रिया इस बैठक के माध्यम से आगे बढ़ाई जाएगी। उनके अनुसार, यह बैठक केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि क्रियान्वयन की दिशा में ठोस कदम है।
राहुल गांधी और विपक्ष पर तीखी प्रतिक्रिया
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री मोदी पर की गई विवादित टिप्पणी पर राजभर ने तल्ख जवाब दिया। उन्होंने कहा, 'सुपवा बोले त बोले चलनियो बोले में जेमे बहत्तर छेद।' राजभर ने आरोप लगाया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के शासनकाल में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाकर संविधान को ताक पर रख दिया था।
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए राजभर ने कहा कि मुज़फ़्फ़रनगर दंगों के दौरान राज्य हिंसा की आग में जल रहा था, जबकि तत्कालीन मुख्यमंत्री सैफई महोत्सव में व्यस्त थे। उन्होंने कहा कि संविधान यह नहीं कहता कि राज्य में अशांति और हिंसा होने पर मुख्यमंत्री उत्सव में शामिल हों।
विपक्ष की नकारात्मक बयानबाज़ी पर टिप्पणी
राजभर ने कहा कि विपक्षी दल अपने कार्यों की समीक्षा किए बिना लगातार नकारात्मक बयानबाज़ी कर रहे हैं। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संविधान पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को सत्ता न मिलने की बेचैनी इस तरह की बयानबाज़ी की असली वजह है।
विश्वविद्यालयों में ड्रेस कोड पर राजभर का समर्थन
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा उत्तर प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में ड्रेस कोड अनिवार्य किए जाने के निर्देश पर राजभर ने पूर्ण समर्थन जताया। उन्होंने कहा कि यह फैसला सही है और इससे पूरे राज्य के शैक्षणिक संस्थानों में एकरूपता सुनिश्चित होगी। राजभर के अनुसार, इस व्यवस्था में किसी तरह की समस्या नहीं होनी चाहिए।
गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्य सरकारें प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं के बाद द्विपक्षीय समझौतों को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया तेज़ करती हैं। मंत्रिपरिषद की यह बैठक उन्हीं प्रयासों की अगली कड़ी मानी जा रही है।