ओपी राजभर का अखिलेश-राहुल पर हमला, पीएम मोदी के विदेश दौरे को बताया आर्थिक विकास की जरूरत

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ओपी राजभर का अखिलेश-राहुल पर हमला, पीएम मोदी के विदेश दौरे को बताया आर्थिक विकास की जरूरत

सारांश

यूपी के मंत्री ओपी राजभर ने एक साथ कई मोर्चों पर विपक्ष को घेरा — सड़क नमाज पर सुप्रीम कोर्ट का हवाला, सपा शासन में आरक्षण की कथित अनदेखी, और मोदी के विदेश दौरों का बचाव। यह बयानबाजी उत्तर प्रदेश में आगामी राजनीतिक गतिविधियों से पहले सत्तारूढ़ गठबंधन की रणनीतिक स्थिति को दर्शाती है।

मुख्य बातें

ओपी राजभर ने 20 मई 2025 को लखनऊ में अखिलेश यादव और राहुल गांधी पर एक साथ निशाना साधा।
सड़क पर नमाज विवाद पर राजभर ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का स्पष्ट आदेश है कि यातायात बाधित नहीं होना चाहिए।
सपा शासनकाल में पिछड़ों के 27 प्रतिशत आरक्षण में अतिपिछड़ों का हक छीने जाने का आरोप लगाया।
पीएम नरेंद्र मोदी के विदेश दौरों को व्यापार, आयात-निर्यात और अंतरराष्ट्रीय संबंध सुधारने के लिए जरूरी बताया।
राजभर ने विपक्षी नेताओं पर विदेश में भारत की छवि खराब करने और ईवीएम पर दोहरी राजनीति का आरोप लगाया।

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओपी राजभर ने 20 मई 2025 को लखनऊ में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सड़क पर नमाज, महंगाई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरों पर विपक्ष की आलोचना को सिरे से खारिज करते हुए पीएम मोदी के विदेश दौरों को भारत के आर्थिक विकास के लिए अनिवार्य बताया।

सड़क पर नमाज विवाद: राजभर ने अखिलेश को याद दिलाया सुप्रीम कोर्ट का आदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सड़क पर नमाज संबंधी बयान पर अखिलेश यादव के पलटवार का जवाब देते हुए राजभर ने कहा कि शायद अखिलेश यादव को सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की जानकारी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अदालत का निर्देश है कि सड़क पर यातायात बाधित नहीं होना चाहिए। राजभर के अनुसार, जहाँ भी सड़क जाम की स्थिति बनती है, प्रशासन कार्रवाई करता है और संबंधित लोगों पर मुकदमे दर्ज किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि बोलने से पहले अदालती आदेशों की जानकारी होना जरूरी है।

अखिलेश के 'विरोधाभासी आचरण' पर तंज

पेट्रोल-डीजल बचाने की प्रधानमंत्री की अपील पर अखिलेश यादव की टिप्पणी पर भी राजभर ने पलटवार किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अभी तेरहवीं भी नहीं बीती और सनातन की बात हो रही है — कभी पूड़ी-जलेबी खाई जा रही है तो कभी आरती की जा रही है। राजभर ने आरोप लगाया कि सपा प्रमुख का राजनीतिक आचरण विरोधाभासी है और वे लगातार भ्रमित बयान दे रहे हैं।

आरक्षण और सपा शासनकाल पर सवाल

भाजपा पर आरक्षण खत्म करने के आरोपों का जवाब देते हुए राजभर ने समाजवादी पार्टी के शासनकाल पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि जब प्रदेश में सपा की सरकार थी और अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे, तब भर्ती प्रक्रियाओं में भारी गड़बड़ी होती थी और विभिन्न विभागों में भर्ती की सूचियाँ पहले से तैयार होकर अधिकारियों के पास भेजी जाती थीं। राजभर ने यह भी कहा कि पिछड़ों के 27 प्रतिशत आरक्षण में अतिपिछड़ों का हक छीना गया। उन्होंने यह भी जोड़ा कि मुस्लिम समाज ने सपा को कई बार सत्ता तक पहुँचाया, लेकिन कभी किसी मुस्लिम चेहरे को मुख्यमंत्री बनाने की बात नहीं की गई।

पीएम मोदी के विदेश दौरे का बचाव

राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर विदेश में जाकर भारत की छवि खराब करने का आरोप लगाते हुए राजभर ने कहा कि ये नेता विदेशों में जाकर भारत को कटघरे में खड़ा करते हैं और देश की संस्थाओं पर सवाल उठाते हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के जरिए चुनाव जीतने के बाद भी ईवीएम और आयोग पर सवाल उठाना विपक्ष की दोहरी राजनीति को दर्शाता है। इसके विपरीत, प्रधानमंत्री मोदी के विदेश दौरों को उन्होंने जरूरी बताते हुए कहा कि इससे व्यापार, आयात-निर्यात और अंतरराष्ट्रीय संबंध बेहतर होते हैं तथा भारत के आर्थिक हितों को मजबूती मिलती है।

दवा व्यापारियों की हड़ताल और गर्मी से बचाव की अपील

दवा व्यापारियों की हड़ताल पर राजभर ने कहा कि ऐसे आंदोलन ज्यादा प्रभावी नहीं होते और एक घंटा सड़क पर चिल्लाने के बाद समाप्त हो जाते हैं। प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी को लेकर उन्होंने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की — बिना वजह धूप में न निकलें, सुबह-शाम अपने जरूरी काम निपटाएँ और अधिक से अधिक पानी पिएँ। यूपी की राजनीति में इन मुद्दों पर बयानबाजी आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

इसलिए उनकी विश्वसनीयता इन मुद्दों पर दोधारी तलवार है। मोदी के विदेश दौरों का बचाव करना गठबंधन की मजबूरी है, लेकिन असली सवाल यह है कि इन दौरों से यूपी के आम मतदाता को कितना ठोस लाभ मिला — यह जवाब राजभर के बयान में नहीं मिलता।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर क्या आरोप लगाए?
राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव के मुख्यमंत्रित्व काल में भर्ती प्रक्रियाओं में गड़बड़ी होती थी और पिछड़ों के 27 प्रतिशत आरक्षण में अतिपिछड़ों का हक छीना गया। उन्होंने यह भी कहा कि सपा की राजनीति केवल जातीय टिप्पणियों और समाज को बाँटने तक सीमित है।
राजभर ने सड़क पर नमाज विवाद पर क्या कहा?
राजभर ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का स्पष्ट आदेश है कि सड़क पर यातायात बाधित नहीं होना चाहिए। उनके अनुसार जहाँ भी सड़क जाम की स्थिति बनती है, प्रशासन कार्रवाई करता है और मुकदमे दर्ज किए जाते हैं।
पीएम मोदी के विदेश दौरों को राजभर ने जरूरी क्यों बताया?
राजभर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी विभिन्न देशों में भारत के हितों को मजबूत करने जाते हैं, जिससे व्यापार, आयात-निर्यात और अंतरराष्ट्रीय संबंध बेहतर होते हैं। उनके अनुसार इससे भारत की आर्थिक गतिविधियाँ तेज होती हैं।
राजभर ने राहुल गांधी पर क्या टिप्पणी की?
राजभर ने कहा कि राहुल गांधी और अखिलेश यादव एक-दूसरे की राह पर चल रहे हैं और ये नेता विदेशों में जाकर भारत को कटघरे में खड़ा करते हैं। उन्होंने ईवीएम पर सवाल उठाने को विपक्ष की दोहरी राजनीति बताया।
ओपी राजभर कौन हैं और उनकी पार्टी क्या है?
ओपी राजभर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री हैं। उनकी पार्टी मुख्यतः उत्तर प्रदेश के अतिपिछड़े राजभर समुदाय का प्रतिनिधित्व करती है और वर्तमान में भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
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