एयर चीफ मार्शल एपी सिंह का श्रीलंका दौरा: SLAF मुख्यालय में गार्ड ऑफ ऑनर, रक्षा सहयोग पर अहम बैठकें
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय वायुसेना के चीफ ऑफ द एयर स्टाफ एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह को 19 मई 2026 को श्रीलंका वायुसेना (SLAF) मुख्यालय में औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके तीन दिवसीय आधिकारिक श्रीलंका दौरे के अंतर्गत हुआ, जो 21 मई 2026 तक चलेगा और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय रक्षा एवं कूटनीतिक सहयोग को नई गति देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।
मुख्य बैठकें और कूटनीतिक संवाद
गार्ड ऑफ ऑनर के बाद एयर चीफ मार्शल सिंह ने श्रीलंका वायुसेना प्रमुख के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। इसके अतिरिक्त उन्होंने रक्षा उप मंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) अरुणा जयशेखर और रक्षा सचिव एयर वाइस मार्शल (सेवानिवृत्त) संपत थुयाकोंथा से भी मुलाकात की।
इन बैठकों में द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को सुदृढ़ करने और ऑपरेशनल तालमेल बढ़ाने पर विशेष चर्चा हुई। श्रीलंका में स्थित भारतीय उच्चायोग ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इस दौरे की जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह उच्च-स्तरीय संपर्क दोनों देशों के बीच निरंतर सैन्य सहयोग का प्रतीक है।
IPKF शहीदों को श्रद्धांजलि
एयर चीफ मार्शल सिंह ने बट्टारामुल्ला में स्थित इंडियन पीस कीपिंग फोर्स (IPKF) स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि दी जिन्होंने श्रीलंका में अपने प्राण न्योछावर किए थे।
गौरतलब है कि IPKF ने 1987 से 1990 के बीच श्रीलंका में शांति अभियान में भाग लिया था, और इस स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करना दोनों देशों के साझा इतिहास के प्रति सम्मान का प्रतीक है।
हिंद महासागर सुरक्षा की पृष्ठभूमि
यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब हिंद महासागर क्षेत्र में सामरिक प्रतिस्पर्धा तेज हो रही है और भारत अपने पड़ोसी देशों के साथ रक्षा साझेदारी को व्यापक बनाने की नीति पर चल रहा है। भारत और श्रीलंका के बीच नौसैनिक और वायु क्षेत्र में सहयोग के कई समझौते पहले से अस्तित्व में हैं, और यह दौरा उस ढाँचे को और मज़बूत करने की कड़ी है।
यह ऐसे समय में आया है जब श्रीलंका अपनी आर्थिक पुनर्बहाली के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा संबंधों को नए सिरे से परिभाषित कर रहा है।
दौरे का विस्तृत कार्यक्रम
अपने तीन दिवसीय प्रवास के दौरान एयर चीफ मार्शल सिंह श्रीलंका की थल सेना और नौसेना प्रमुखों से भी मुलाकात करेंगे। इसके अलावा वे टेंपल ऑफ द सेक्रेड टूथ रेलिक का दौरा भी करेंगे, जो सांस्कृतिक कूटनीति का एक महत्वपूर्ण संकेत है।
आने वाले समय में इस दौरे के परिणामस्वरूप दोनों देशों की वायुसेनाओं के बीच संयुक्त अभ्यास और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में विस्तार की संभावना जताई जा रही है।